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कांग्रेस हाईकमान पंजाब प्रधान बदलने को राजी था:सिंगला पर चन्नी भी सहमत थे, अचानक वड़िंग की वापसी क्यों; चन्नी ने मीटिंग में क्या कहा

पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे के बीच नए खुलासे सामने आए हैं। कांग्रेस हाईकमान पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने वाला था। चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाना था। खुद चन्नी भी इसके लिए राजी थे। इसकी वजह ये थी कि विजयइंदर सिंगला हिंदू नेता हैं और पंजाब सिख स्टेट होने के नाते पहले भी कांग्रेस सुनील जाखड़ को सीएम बनाने से इनकार कर चुकी है। ऐसी सूरत में चन्नी ही सबसे बड़े दावेदार होते। मगर, ऐन वक्त पर हाईकमान ने फैसला बदलते हुए अमरिंदर राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रख दी। चन्नी की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह यही है। असल में ऐसा होने से 2027 के चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने की सूरत में राजा वड़िंग CM कुर्सी के दावेदार बन जाएंगे। प्रधान रहते टिकट बंटवारे में वड़िंग अपने समर्थकों को भी ज्यादा टिकट दिला सकते थे। इसी बीच चन्नी के घर 3 जुलाई को हुई करीब 50 नेताओं की मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी सामने आई है। जिसमें चरणजीत चन्नी ने दोटूक कहा कि असीं राजे दी प्रधानगी च कम्म नहीं कर सकदे (हम राजा वड़िंग के प्रधानगी के अधीन काम नहीं कर सकते)। मीटिंग में मौजूद नेताओं ने हाथ उठाकर इस पर सहमति जताई। राजा वड़िंग की अचानक प्रधानगी बरकरार रखने की सबसे बड़ी वजह क्या रही?, चन्नी के घर बंद कमरा मीटिंग में क्या-क्या हुआ, ये जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… कांग्रेस हाईकमान ने कमेटी की रिपोर्ट दरकिनार कर वड़िंग को प्रधान क्यों बनाए रखा? कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेस के मुताबिक अजय माकन की कमेटी और सर्वे रिपोर्ट में चरणजीत चन्नी सबसे बड़े नेता बनकर उभरे। रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया था कि 13 में से 7 लोकसभा सीटों में चन्नी CM भगवंत मान से भी ज्यादा पॉपुलर हैं। इसी वजह से चन्नी को प्रधान बनाने की सिफारिश की गई थी। चन्नी को भी इसका पता चल चुका था। इसीलिए चन्नी ने चंडीगढ़ में राजा वड़िंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ सीएम भगवंत मान के खिलाफ चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान को लगा कि चन्नी को प्रधान बनाने से हिंदू समीकरण फिट नहीं बैठ रहे। विधायक दल नेता जट्‌टसिख प्रताप बाजवा हैं और दलित सिख फेस चन्नी प्रधान बन जाएंगे तो हिंदुओं की एडजस्टमेंट में दिक्कत हो रही थी। दूसरा बड़ा कारण था कि इस फैसले से चन्नी पंजाब की पूरी पावर अपने हाथ में ले सकते हैं। इसलिए हाईकमान ने फिर मंथन किया और उसमें चन्नी को कैंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन और विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने पर मंजूरी दी। चन्नी को कहा गया कि कैंपेन कमेटी के चेहरे के तौर पर चन्नी ही उनके फ्रंट फेस होंगे। सिंगला सिर्फ हाईकमान के चेहरे के तौर पर रहेंगे। चन्नी को इस फैसले से भी कोई नाराजगी नहीं थी। लेकिन जब लिस्ट जारी हुई, तो उसमें प्रधान का नाम राजा वडिंग था। जिसकी वजह से चन्नी गुट नाराज हो गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान को कुछ सीनियर लीडर्स का फीडबैक मिला कि पंजाब में हाल ही में जिला और ब्लॉक इकाइयों का गठन किया गया है। जिला व ब्लॉक इकाइयां राजा वड़िंग के नेतृत्व में बनी हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग उनके गुट के ही हैं। अगर अब नया प्रधान लगाया गया तो गुटबाजी के कारण ब्लॉक व जिला इकाइयों के नेता नए प्रधान को सहयोग नहीं करेंगे। जिसका खामियाजा पार्टी को ग्राउंड लेवल पर भी झेलना पड़ेगा। चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने भी कहा था कि यह समय नेतृत्व परिवर्तन का नहीं है। नए प्रधान से रिजल्ट लेने के लिए कम से कम 24 महीने का वक्त चाहिए जबकि आठ महीने बाद पंजाब में चुनाव हैं। इसी वजह से राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रख दी गई। अब जानिए, चन्नी के घर हुई मीटिंग में क्या-क्या हुआ देर शाम खड़गे का चन्नी को फोन आया
पूर्व विधायक के मुताबिक, बात बढ़ते देख देर शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद चन्नी को फोन किया। उन्होंने चन्नी से कहा कि वो गुस्से में आकर कोई जल्दबाजी न करें। खड़गे ने वादा किया कि वो एक-दो दिन के अंदर चन्नी से खुद मुलाकात करेंगे और बात सुलझाएंगे। विजयंइदर सिंगला प्रधान बनते तो चन्नी आश्वस्त थे कि सरकार बनने पर वही सीएम कुर्सी के सबसे बड़े दावेदार होंगे। पंजाब में कांग्रेस हिंदू नेता को सीएम नहीं बनाती। पहले सुनील जाखड़ को भी इसी वजह से नहीं बनाया था। अब वड़िंग प्रधान हैं तो बहुमत मिलने पर बराबर दावेदारी तो होगी ही, इसके साथ टिकट बंटवारे से लेकर हर काम में वड़िंग का दखल होगा। वड़िंग समर्थकों को ज्यादा टिकट मिले और वह जीतकर आए तो वड़िंग के लिए लॉबिंग करने भी आसानी होगी। इसी बात का चन्नी को डर है। राजा वडिंग गुट ने शुरू की लॉबिंग
चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने घर में नेताओं का जमघट लगाकर शक्ति प्रदर्शन किया तो इधर राजा वडिंग के गुट ने भी लॉबिंग शुरू कर दी। राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने की खुशी में जिला अध्यक्षों, हलका इंचार्जों ने लड्‌डू बांटने शुरू कर दिए। लड्‌डू बांटने के जरिए वो हाईकमान को मैसेज देना चाहते हैं कि उनके साथ कितने नेता हैं। लुधियाना में जिला प्रधान संजय तलवाड़, पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान, पूर्व विधायक सुरिंदर डावर समेत कई नेताओं ने राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने पर हाईकमान का धन्यवाद किया और लड्‌डू बांटे। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस में टूट का डर, हाईकमान अलर्ट: दिल्ली से चन्नी को कॉल, बड़ा फैसले लेने से रोका; प्रधान वड़िंग बोले- मैं CM की रेस में नहीं बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की तरह पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से 8 महीने पहले ही टूट के आसार बने हुए हैं। सांसद राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने को लेकर पूर्व CM व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी के बगावती तेवर देख कांग्रेस हाईकमान एक्टिव हो गया है। दिल्ली से एक सीनियर नेता ने चन्नी को कॉल कर अभी कोई बड़ा कदम न उठाने को कहा है। (पढ़ें पूरी खबर)

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