छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के छोटेबेठिया क्षेत्र के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक महिला नक्सली ढेर हुई है। मारी गई नक्सली की पहचान वांटेड ACM (एरिया कमेटी मेंबर) रूपी रेड्डी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थी। मौके से उसके पास से एक पिस्टल बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसे लगातार सरेंडर के लिए कहा जा रहा था, लेकिन वह सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में शामिल रही। बस्तर में बड़े कैडर के कई नक्सलियों के मारे जाने या सरेंडर के बाद वह प्रमुख सक्रिय कैडर में गिनी जा रही थी। सर्चिंग पर निकली थी टीम पुलिस को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद तड़के 4 से 5 बजे सुरक्षाबलों ने छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली के जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि मुठभेड़ खत्म होने के बाद मौके से महिला नक्सली रूपी का शव बरामद किया गया। कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। फिलहाल, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस बाकी नक्सलियों की तलाश में जुटी हुई है। विजय रेड्डी की थी पत्नी महिला नक्सली रूपी स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) विजय रेड्डी की पत्नी थी। विजय रेड्डी राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। विजय रेड्डी की पत्नी रूपी ही उत्तर बस्तर कांकेर में नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने से रोक रही थी। डेडलाइन के दिन 25 नक्सलियों का सरेंडर नक्सली खात्मे की डेडलाइन (31 मार्च) के दिन बीजापुर में 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इनसे मिले इनपुट के बाद 14 करोड़ का नक्सली डंप मिला था। जिसमें 3 करोड़ कैश और 7 किलो गोल्ड बरामद हुआ। इसे अब तक का सबसे बड़ा डंप माना जा रहा है। इसी तरह 4 जिलों में 34 नक्सलियों ने हथियार डाले थे। इसमें दंतेवाड़ा में 5, सुकमा में 2 और कांकेर में 2 नक्सली शामिल थे। पुलिस ने दंतेवाड़ा जिले को नक्सल मुक्त होने का दावा किया है। वहीं, सक्रिय नक्सलियों से पुलिस संपर्क करने की कोशिश कर रही है। शाह ने कहा था- देश से नक्सलवाद खत्म गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद खात्मे के डेडलाइन 31 मार्च से एक दिन पहले संसद में करीब डेढ़ घंटे के भाषण में कहा था कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था, उसे हासिल कर लिया गया है। अब पूरे विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि देश से नक्सलवाद खत्म हो गया है। शाह के मुताबिक, नक्सली हिंसा में भारी गिरावट आई है और देश के अधिकांश हिस्सों में इसका प्रभाव समाप्त हो चुका है।
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बस्तर में नक्सल आतंक का चेहरा रहा पापाराव अब सरेंडर कर चुका है। सरेंडर के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में उसने माना कि रास्ता गलत था। पापाराव ने कहा कि, जिन परिवारों ने अपनों को खोया, उनसे माफी मांगना चाहता हूं। पढ़ें पूरी खबर…
