कश्मीर के कुलगाम में नकाबपोश आतंकी ने पत्नी के सामने ही छत्तीसगढ़ के मजदूर भूपेंद्र भैना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक भूपेंद्र की पत्नी कचरा बाई ने बताया कि आतंकी घर में घुसा और पहले वहां मौजूद लोगों के बारे में पूछा। इसके बाद उसने भूपेंद्र और सक्ती के बुदेला गांव निवासी दीपक रात्रे को एक साथ बैठाया और दोनों से नाम और गांव पूछा। कचरा बाई के मुताबिक, आतंकी ने बोरी से बंदूक निकाली और तीन राउंड फायर किए। दो गोलियां दीपक रात्रे को लगीं, जबकि एक गोली भूपेंद्र को लगी। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कचरा बाई ने बताया कि आतंकी का चेहरा नकाब से ढका था और वह उसकी सिर्फ आंखें देख पाईं। उन्होंने यह भी बताया कि भूपेंद्र और दीपक के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। कचरा बाई ने राज्य सरकार से आर्थिक मदद के साथ अपने और तीन साल के बेटे के भविष्य के लिए सरकारी नौकरी देने की मांग की है। घटना के बाद गुरुवार को कचरा बाई, भूपेंद्र के पिता दशरथ भैना, मां नागेश्वरी भैना और भाई अनुराग गांव पहुंचे। देखिए पहले ये तस्वीरें- नाम और गांव पूछकर दोनों को साथ बैठाया भूपेंद्र भैना की पत्नी कचरा बाई ने बताया कि घटना वाले दिन शाम के समय दोनों घर पर थे। इसी दौरान नकाबपोश आतंकी वहां पहुंचा। उसने पहले पूछा कि घर में और कौन-कौन हैं। इसके बाद आतंकी ने भूपेंद्र और सक्ती के बुदेला गांव निवासी दीपक रात्रे को एक साथ बैठाया। पत्नी के मुताबिक आतंकी ने दोनों से नाम और गांव पूछा। फिर तीन गोलियां चला दीं, जिसमें से 2 गोलियां दीपक रात्रे को लगीं, जबकि एक गोली भूपेंद्र को लगी। वारदात के बाद आतंकी मौके से फरार हो गया। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पत्नी ने कहा- आतंकी की सिर्फ आंखें देख पाई कचरा बाई ने बताया कि उन्होंने आतंकी का पूरा चेहरा नहीं देखा। उसका चेहरा नकाब से ढका हुआ था और उन्हें सिर्फ उसकी आंखें दिखाई दे रही थीं। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद अधिकारियों से उन्होंने अपने पति का शव गृहग्राम लाने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, अधिकारियों ने शव ले जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने मौसम खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि शव खराब हो जाएगा और उसमें से बदबू आने लगेगी। तीन साल के बेटे के भविष्य की चिंता कचरा बाई ने राज्य सरकार से आर्थिक और सामाजिक मदद की मांग की है। उन्होंने अपने तीन साल के बेटे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकारी सहायता देने की अपील की है। उन्होंने अपने और बेटे के पालन-पोषण के लिए सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है, ताकि वह परिवार की जिम्मेदारी संभाल सके और बेटे का भविष्य सुरक्षित कर सके। अब जानिए पूरा घटनाक्रम नाम पूछकर दो हिंदुओं को टारगेट किया पुलिस के मुताबिक, यह हमला पहलगाम की तर्ज पर हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया कि आतंकियों ने पहले प्रवासी मजदूरों के नाम पूछे। फिर दो हिंदुओं को समूह से अलग कर नजदीक से गोली मार दी। घटना के समय वहां कई प्रवासी मजदूर मौजूद थे, लेकिन हिंदू सिर्फ यही दोनों थे। आतंकी हमले की खबर के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। वहीं पुलिस की गाड़ियां आतंकियों की तलाश में जुट गई हैं। रेकी कर निशाना चुना, 3-4 राउंड फायर पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईंट भट्ठे पर हमला 31 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे हुआ। इस दौरान 3 से 4 राउंड फायरिंग की आवाजें सुनी गईं। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आतंकियों ने हिंदू मजदूरों को निशाना बनाने के लिए रेकी कर ये इलाका चुना था। कश्मीर में अगस्त से नवंबर तक सेब की तुड़ाई का मौसम रहता है। ऐसे में श्रमिकों पर हमला आने वाले दिनों में बागवानों की दिक्कतें भी बढ़ा सकता है। सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसियों को हमले में एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकी के शामिल होने का संदेह है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ पर है। वह पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा/द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में शामिल हुआ था। मामले की जांच जारी है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आतंकियों ने नाम पूछकर छत्तीसगढ़ के मजदूरों को गोली मारी: कश्मीर में हत्या, वहीं हुआ अंतिम संस्कार; परिवार वालों ने गृहग्राम लाने की थी मांग
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के 2 मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और नाम जानने के बाद उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पढ़ें पूरी खबर…
