ओवैसी बोले-सुनो रामेश्वर…‘अगर माई के लाल हो तो काजी कैंप में आकर मिसाइल लॉन्च कराओ।’ मैं अकेले काजी कैंप में खड़े होने और शहीद होने के लिए तैयार हूं, लेकिन रामेश्वर शर्मा जैसे लोगों के सामने सिर नहीं झुकाएंगे… ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर भोपाल विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को पलटवार किया है। ओवैसी ने मंगलवार रात भोपाल में अपनी सभा के दौरान रामेश्वर शर्मा को चुनौती दी थी। शर्मा ने कहा- हमारे वैज्ञानिकों ने जो मिसाइल तैयार की, उसे भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में तुम्हारे अब्बा के घर गिराकर बता दी। जब मिसाइल इस्लामाबाद में गिरी तो वहां आतंकवादी और इस्लामिक कट्टरपंथी रो रहे थे और यहां तुम जैसे नए-नए जिन्ना रो रहे हैं, छाती पीट रहे हैं। सबसे पहले जानिए रामेश्वर शर्मा ने क्या कहा… अब पांच पाइंट में जानिए ओवैसी ने क्या कहा… बैरिस्टर हो तो बदतमीजी की भाषा छोड़ दो विधायक शर्मा ने कहा कि ओवैसी बैरिस्टर हो तो बदतमीजी की भाषा छोड़ दो। तुम बदतमीजी की भाषा बोलोगे तो मैं पूछता हूं कि औवेसी क्या तुम @@@ की संतान हो? विधायक ने कहा, मिसाइल चलती थी, मिसाइल चलती रहेगी। जहां-जहां आतंकवाद के कैंप रहेंगे, जहां-जहां भारत विरोधी कैंप रहेंगे, वहां भारत की मिसाइल तैयार है। मैं कल भी अपने बयान पर कायम था, आज भी हूं। ओवैसी, तुम पूरा भाषण सुनो और तुम तो वकील हो, कोर्ट ले जाओ। UCC पर कहा-ये 5 बीवी, 25 बच्चे की फैक्ट्री बंद होगी यूसीसी पर विधायक शर्मा ने कहा कि हर दल हिंदुओं से वोट लेना चाहता है तो फिर हिंदू कानून क्या बुरा है? ये 5 बीवी, 25 बच्चे की फैक्ट्री बंद होगी। भारत के गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा है कि 2029 तक 21 प्रांतों में UCC लागू हो जाएगा। मध्य प्रदेश में लागू हो गया है। अब तुम छाती पीटो या इस्लामाबाद से अपने तार जोड़ो, UCC लागू होगा और बाबा साहेब अंबेडकर की भावना के अनुसार ही होगा। यह खबर भी पढ़िए… ओवैसी बोले- UCC के जरिए RSS का एजेंडा चल रहा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे। उन्होंने सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में जनसभा को संबोधित किया। सभा AIMIM के UCC विरोधी अभियान का हिस्सा थी। ओवैसी ने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 21% आदिवासियों को UCC से बाहर रखा गया है, जबकि मुसलमानों को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब आदिवासियों की अलग संस्कृति, परंपरा और धर्म के कारण उन्हें UCC से बाहर रखा गया है तो मुसलमानों को इसमें क्यों शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के जरिए RSS का एजेंडा चलाया जा रहा है। पढ़े पूरी खबर…
