बड़वाह नगर में गुरुवार को सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव का एक खास उदाहरण देखने को मिला। स्थानीय उद्योगपति और नगर हिन्दू संगठन के सदस्य दीपक पाटीदार के घर लोकदेवता गोगादेव जी की पवित्र छड़ी का स्वागत और पूजन किया गया। रात करीब 8 बजे दीपक पाटीदार के बुलावे पर वाल्मीकि समाज के लोग पारंपरिक ढोल और जयकारों के साथ गोगादेव जी की छड़ी लेकर उनके घर पहुंचे। यहां पाटीदार परिवार ने पूरी श्रद्धा से धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाकर छड़ी का पूजन किया। इसके बाद मौजूद श्रद्धालुओं ने मिलकर आरती की और साथ में प्रसादी व हल्का नाश्ता किया। इस मौके पर मनोहर भाई डुलगज ने गोगादेव जी के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि वे किसी एक वर्ग या समाज के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। गोगादेव जी ने समाज को एकजुट कर विदेशी हमलावरों का जमकर मुकाबला किया। उन्होंने अपनी मातृभूमि और धर्म की रक्षा के लिए अपने बेटों, भतीजों और रिश्तेदारों सहित सब कुछ बलिदान कर दिया था। चौहान वंश में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के बाद गोगाजी सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध राजा थे। वे गुरु गोरखनाथ के खास शिष्यों में से थे और राजस्थान के छह सिद्धों में समय के हिसाब से उन्हें पहला माना गया है। देश भर में उन्हें जाहरवीर, गुग्गा और जाहर पीर के नाम से भी श्रद्धा से पूजा जाता है। लोककथाओं में उन्हें नागों के देवता के रूप में भी माना जाता है। दीपक पाटीदार ने कहा, “गोगादेव जी की पवित्र छड़ी का घर पर आना और दर्शन करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। लोकदेवता सभी के हैं और ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम और एकता मजबूत होती है।” इस आयोजन में राजेंद्र साद, वासु जोशी, रवि जैन, चंद्रपाल सिंह तोमर, दीपक भारद्वाज, बादल, पवन सिंघल, रोमेश विजयवर्गीय, विजय सोनी और बाबूलाल अग्रवाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे। सभी ने दर्शन किए और सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश किया।
