उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को भगदड़ जैसे हालात बन गए। बताया जा रहा है कि यहां करंट फैलने की अफवाह उड़ी थी। इसके चलते लोग बैरिकेड्स हटाकर भागने लगे। इस कोशिश में कुछ लोग दूसरों के ऊपर गिर गए। अफरा-तफरी में 13 लोगों को चोट आई। उज्जैन जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद 1 को छोड़कर सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। घायलों ने भीड़ प्रबंधन में लापरवाही और मदद मिलने में देरी का आरोप लगाया। नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर है। यह नागपंचमी के दिन ही खोला जाता है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा- भगवान के दरबार में सभी भक्त एक समान होते हैं। धार्मिक स्थलों पर वीआईपी एंट्री और विशेष दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, कलेक्टर रोशन सिंह ने किसी भी प्रकार की भगदड़ से इनकार करते हुए घटना को भ्रामक बताया है। भगदड़ की शुरूआत कैसे हुई, 4 तस्वीरों में घायल बोला- प्रशासन से मदद मिलने में देरी हुई भगदड़ में घायल सागर ने बताया कि घटना से पहले मैं महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगा था। 7-8 घंटे बाद हरसिद्धि चौराहे तक पहुंचा। वहां हमें दो घंटे तक खड़ा रखा गया। भीड़ बढ़ रही थी और आरती का समय होने के कारण हमें वहीं रोक दिया गया। सागर के मुताबिक, अचानक बैरिकेड खोल दिए गए और भगदड़ मच गई। टेंट गिर गया और सारे बैरिकेड भी गिर गए। मेरे दोनों पैर बैरिकेड के नीचे फंस गए। एक पैर में फ्रैक्चर है। ‘रसीद काटकर वीआईपी दर्शन कराए जा रहे थे’ सागर के मुताबिक, इस दौरान वीआईपी दर्शन चालू था। 300 रुपए की रसीद काटकर वीआईपी दर्शन कराए जा रहे थे। सागर ने कहा- मैं कल भी महाकाल मंदिर गया था। कल भी भारी भीड़ के बीच वीआईपी लोगों को एंट्री मिल रही थी। आम लोग मानसरोवर गेट पर चार घंटे से खड़े थे। किसी मरीज के भर्ती न होने के दावों पर उठे सवाल सागर के घायल बच्चे को देखने अस्पताल पहुंचे उज्जैन निवासी मनोहर भावसार ने अस्पताल में किसी मरीज के भर्ती नहीं होने के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- मैं उज्जैन का रहने वाला हूं। सुबह मेरा दोस्त का बच्चा महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए गया था। महिला बोली- बेटी बोल नहीं पा रही, दांत टूट गए हैं ग्वालियर से आई एक अन्य श्रद्धालु आरती ने बताया कि उनकी बेटी भी घटना में घायल हुई है। उन्होंने कहा- हम ग्वालियर से दर्शन के लिए आए थे और अब परेशान हैं। उसने पानी तक नहीं पीया है। वह बोल नहीं पा रही है। उसके दांत टूट गए हैं। भगदड़ मची थी। उसे चक्कर आया और वह रेलिंग पर गिर गई। बेहोश होने के बाद हमें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। प्रशासक बोले- कोई अफरा-तफरी या अप्रिय घटना नहीं महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा- श्री महाकालेश्वर मंदिर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन निर्बाध रूप से जारी हैं। मंदिर परिसर में किसी भी तरह की अफरा-तफरी या अप्रिय घटना नहीं हुई है। श्रद्धालु सुगमता और व्यवस्थित तरीके से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर रहे हैं। सिर्फ नाग पंचमी पर खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट सावन के सोमवार के साथ नाग पंचमी का पर्व भी साथ पड़ा। इसलिए महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट भी खोले गए। इस मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार नाग पंचमी के दिन ही 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
