एशियन गेम्स के फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया है। भारतीय टीम की इस शानदार सफलता पर इटारसी के ग्राम चांदोंन में स्टार खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद के घर और पूरे गांव में जश्न का माहौल रहा। मैच के दौरान विवेक के परिजन टीवी स्क्रीन पर नजरें टिकाए बैठे थे। जैसे ही भारत की जीत तय हुई, ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और खुशियां मनाईं। ‘गोल्ड लाएंगे’: फाइनल से पहले रात को विवेक ने जताया था भरोसा विवेक के पिता रोहित प्रसाद सागर और भाई विद्या सागर ने बताया कि फाइनल मुकाबले की पूर्व संध्या पर विवेक ने वीडियो कॉल कर परिवार से बात की थी। उसने पूरा भरोसा जताया था कि टीम इस समय बेहतरीन फॉर्म में है और भारत जरूर गोल्ड मेडल जीतेगा। परिजन और ग्रामीणों ने विवेक की इस उपलब्धि को पूरे जिले और प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। 5 या 6 अक्टूबर को भोपाल आगमन, लेने जाएगा परिवार परिवार ने जानकारी दी कि विवेक के 5 या 6 अक्टूबर के आसपास मध्य प्रदेश लौटने की संभावना है। परिजनों का कहना है कि वे उसे रिसीव करने के लिए भोपाल जाएंगे। विवेक की इस उपलब्धि से न सिर्फ उसका परिवार, बल्कि चांदोंन और पूरे नर्मदापुरम जिले का हर खेलप्रेमी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। चांदोंन से एशियन गेम्स के गोल्ड तक का सफर विवेक सागर प्रसाद लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख मिडफील्डर के रूप में खेल रहे हैं। हॉकी इंडिया के अनुसार, सितंबर 2026 में उन्होंने भारत के लिए अपने 200 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए हैं। इससे पहले वे टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के भी अहम सदस्य रहे हैं।
