शक्ति की उपासना का नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू होगा। पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्रि को लेकर भोपाल के प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू होगा। शहर के तलैया स्थित काली माता मंदिर, पीर गेट की कर्फ्यू वाली माता मंदिर और प्लेटिनम प्लाजा स्थित माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां की गई हैं। ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार, इस वर्ष पूरे नौ दिनों की नवरात्रि का संयोग है। नवरात्रि में प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार माता रानी का आगमन हाथी पर माना गया है, जिसे ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना को बताया उत्तम पं. विनोद गौतम के अनुसार, रविवार को घटस्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। उनके मुताबिक, सुबह चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के कारण सामान्य मुहूर्त के बजाय अभिजीत काल में घटस्थापना करना बेहतर रहेगा। प्रदोष काल में अखंड ज्योति स्थापित की जाएगी, जबकि तांत्रिक साधना करने वाले साधक मध्यरात्रि में विशेष पूजा करेंगे। नौ दिन अलग-अलग स्वरूपों की पूजा, भोग लगाने की परंपरा नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ प्रत्येक दिन अलग-अलग भोग अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु घरों में घटस्थापना कर दीप प्रज्ज्वलित करेंगे और मंत्र जाप, दुर्गा चालीसा व दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे। कई श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां की आराधना करेंगे। पूजा में सात्विक आहार और आचरण का विशेष महत्व माना जाता है। 18 को महाअष्टमी, 19 को महानवमी और 20 को दशहरा नवरात्रि के दौरान 18 अक्टूबर को महाअष्टमी और 19 अक्टूबर को दुर्गा महानवमी मनाई जाएगी। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। नवरात्रि के अंतिम दिनों में मंदिरों में विशेष पूजन और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। श्रद्धालु सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ मां दुर्गा की आराधना करेंगे। नवरात्रि के दिनों में क्या करें और क्या न करें नवरात्रि में देवी मां पूजा और दर्शन करने का विशेष महत्व है। इन दिनों में झूठ बोलने, गुस्सा करने, घर में क्लेश करने से बचना चाहिए। महिलाओं का भूलकर भी अपमान न करें। सभी स्त्रियों का सम्मान करें। अपने गुरु का और गुरु के उपदेशों का निरादर करने से बचें। अपने साथियों से अच्छा व्यवहार रखे। देवी पूजा करने वाले भक्तों को इन दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन खासतौर पर करना चाहिए। माता-पिता की सेवा करें। देवी पूजा के साथ इन नौ दिनों में श्रीरामचरित मानस का पाठ भी करना चाहिए। देवी मां को चढ़ाएं ये चीजें नवरात्रि के दिनों में देवी मां के शक्तिपीठों और पौराणिक महत्व वाले अन्य मंदिरों में दर्शन करने की परंपरा है। मंदिर में दर्शन करने जाएं, तो देवी मां को नारियल, लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, लाल फूल, कुमकुम और अन्य सुहाग की चीजें मंत्र जप करते हुए चढ़ानी चाहिए। अगर यह चीजें न हों, तो देवी मां के मंत्रों का जप करते हुए देवी के दर्शन करना चाहिए। अगर मंत्र न मालूम हो, तो देवी मां के नामों का जप भी कर सकते हैं। महंगाई बढ़ी, लेकिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं की मांग बरकरार हबीबगंज बंगाली कॉलोनी स्थित प्रतिबिंब दक्षिणेश्वर कालीबाड़ी कला केंद्र में मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। केंद्र के मूर्तिकार उत्तम कुमार नंदी ने बताया कि इस बार मूर्ति निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कीमतें बढ़ने से लागत पर असर पड़ा है। पहले जो सामग्री 35 रुपए में मिल जाती थी, उसके लिए अब 45 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और लोग प्रतिमाएं लेने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। नंदी ने बताया कि केंद्र में पिछले 10-12 वर्षों से प्रतिमाएं बनाई जा रही हैं। इस काम में पश्चिम बंगाल और कोलकाता से आए करीब 12-13 कारीगर भी जुड़े हैं, जिनके परिवारों की आजीविका इसी काम पर निर्भर है। इस बार केंद्र में मां दुर्गा की करीब 160 प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। इनमें सबसे ऊंची प्रतिमा 12 फीट की है। प्रतिमाएं पहले से तैयार रखी जाती हैं और श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार उन्हें बुक कराते हैं। नंदी ने भोपालवासियों से अपील की कि वे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ नवरात्रि मनाएं तथा शांतिपूर्ण तरीके से मां दुर्गा की आराधना करें।
