इंदौर ग्रामीण पुलिस विभाग में अवकाश स्वीकृति को लेकर जारी आदेश पर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। ग्रामीण एसपी राजेंद्र कुमार वर्मा द्वारा 29 मई को जारी किए गए निर्देशों को इंदौर रेंज के आईजी अनुराग सिंह ने नियमों के विपरीत मानते हुए 2 जून को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। एसपी द्वारा जारी आदेश में जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर भेजने से पहले संबंधित स्तर पर मंजूरी अनिवार्य होगी। आदेश में यह भी कहा गया था कि 30 दिन से अधिक अवधि के अवकाश की स्वीकृति स्वयं एसपी द्वारा दी जाएगी, जबकि अन्य अवकाशों के लिए डीएसपी और थाना प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आदेश में तर्क दिया गया था कि कई बार कर्मचारी बिना संज्ञान में लाए अवकाश पर चले जाते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और संवेदनशील ड्यूटी प्रभावित होती है, इसलिए नियंत्रण व्यवस्था आवश्यक है। विभाग के अंदर ही असंतोष की स्थिति इस आदेश के जारी होने के बाद पुलिस विभाग के भीतर असंतोष की स्थिति बन गई थी और कई थाना प्रभारियों व अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई थी। मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद इंदौर रेंज आईजी अनुराग सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए आदेश की समीक्षा की और इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तथा पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों के अनुरूप नहीं मानते हुए निरस्त कर दिया। आईजी के इस निर्णय के बाद अब इंदौर ग्रामीण पुलिस रेंज में प्रशासनिक अधिकारों और अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर नई बहस छिड़ गई है, वहीं विभागीय स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
