भोपाल की विशेष न्यायालय (लोकायुक्त) ने छात्रवृत्ति गड़बड़ी से जुड़े एक मामले में सीबीआई की ओर से पेश की गई खात्मा रिपोर्ट खारिज कर दी है। मामला 2012-13 में छात्रवृत्ति लेने के लिए अनियमितताओं से जुड़ा है। इसमें पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, नोडल संस्था गांधी मेडिकल कॉलेज के अधिकारी-कर्मचारी, भोपाल के एलबीएस कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंस के संचालक और जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज से जुड़े लोगों के खिलाफ जांच की गई थी। सीबीआई ने जांच के बाद अदालत में खात्मा रिपोर्ट पेश की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले में लोकायुक्त ने दोनों कॉलेजों से संचालित पाठ्यक्रमों में कोर्सों में प्रवेश लिए छात्रों की उपस्थिति रजिस्टर और प्रवेश लिए नामांकन सूची, परीक्षा में बैठे छात्रों की सूची, परीक्षा में बैठे छात्रों के रिजल्ट की सूची नहीं ली गई है। जबकि, साक्ष्य जुटाने के लिए नोटशीट में आदेश किए गए थे। साथ ही रिकॉर्ड से यह स्पष्ट नहीं होता कि छात्र हकीकत में दोनों संस्थानों में पढ़ रहा था या नहीं। वहीं छात्रवृत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी पूरी जांच नहीं कई गई है। बिना मूल टीसी के प्रवेश कैसे दिया: कोर्ट कोर्ट ने जांच एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2012-13 में जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज और एलबीएस कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेस में प्रवेश प्रक्रिया की भी दोबारा जांच की जाए। अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि उस सत्र में कितने छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के समय अपनी मूल टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) प्रस्तुत नहीं की थी। यह भी जांच की जाए कि बिना मूल टीसी के छात्रों को प्रवेश कैसे दे दिया गया। कोर्ट ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि इस संबंध में संबंधित कॉलेजों के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य एकत्र कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
