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UPSC सिविल सर्विस 2025 फाइनल रिजल्‍ट जारी:राजस्‍थान के अनुज अग्निहोत्री टॉपर, 958 कैंडिडेट्स क्‍वालिफाई; टॉप 10 में 3 लड़कियां

UPSC ने सिविल सर्विस एग्‍जाम 2025 का फाइनल रिजल्‍ट जारी कर दिया है। राजस्‍थान के चित्‍तौड़गढ़ में रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया है। 958 कैंडिडेट्स अलग-अलग सर्विसेज के लिए क्‍वालिफाई हुए हैं। पूरा रिजल्‍ट ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्‍ध है।
पहले भी 2 बाद UPSC क्लियर किया अनुज पहले भी 2 बार UPSC एग्जाम क्लियर कर चुके हैं। UPSC 2023 में पहले प्रयास में उन्हें दिल्ली में SDM के पद पर नियुक्ति मिली थी। अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की 1,2 इकाई में काम करते हैं। मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं। अनुज ने रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्रीय स्कूल से पढ़ाई की है। 12वीं में उनके 94 प्रतिशत नंबर आए थे। अनुज को टेबल टेनिस खेलना पसंद हैं।
180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित जारी रिजल्‍ट में कुल 180 कैंडिडेट्स IAS के लिए चयनित हुए हैं। कैटेगरी वाइज डिटेल्‍स इस तरह हैं। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर विजिट कर फाइनल मेरिट लिस्‍ट चेक कर सकते हैं। 27 फरवरी को खत्‍म हुए इंटरव्यू UPSC सिविल सर्विस 2026 प्रीलिम्‍स परीक्षा 25 मई 2025 को आयोजित की गई थी। इसके बाद मेन्‍स एग्‍जाम 22 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक आयोजित किया गया। चयनित उम्‍मीदवारों के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू, 27 फरवरी 2026 को खत्‍म हुए थे। इसी साल बदले IAS-IPS कैडर एलोकेशन रूल्‍स भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही ‘जोन सिस्टम’ की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई ‘कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026’ लागू कर दी गई है। इसके तहत अब ‘साइकिल सिस्टम’ के जरिए अफसरों के कैडर का बंटवारा होगा। ये पॉलिसी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के लिए चयनित उम्‍मीदवारों पर लागू होगी। जियोग्राफिकल जोन को खत्‍म कर नए ग्रुप्‍स बनाए UPSC ने अब तक सभी स्‍टेट और UTs के कुल 25 कैडर बनाए थे। इन्‍हें जियोग्राफिकली 5 जोन में बांटा गया था- नॉर्थ, वेस्ट, साउथ, सेंट्रल और ईस्ट। UPSC मेन्‍स क्लियर करने के बाद कैंडिडेट्स DAF II फॉर्म भरते थे जिसमें पहले जोन और फिर स्‍टेट प्रिफरेंस चुनने का मौका मिलता था। एक बार जिस स्‍टेट में ऑफिसर की नियुक्ति होती है, परमानेंट उसी स्टेट में काम करना होता है। इसे ही कैडर कहते हैं। नई नीति में सभी 25 कैडरों को वर्णानुक्रम यानी अल्फाबेटिकल ऑर्डर (A, B, C….Z) में अरेंज कर 4 ग्रुप्स में डिवाइड किया गया है: ग्रुप-I: AGMUT (दिल्ली/केंद्र शासित प्रदेश), आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़ ग्रुप-II: गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश ग्रुप-III: महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु ग्रुप-IV: तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल पुराने सिस्टम में मान लीजिए अगर कैंडिडेट ने नॉर्थ जोन के हरियाणा कैडर को प्रेफरेंस दिया। ऐसे में प्रॉबेबिलिटी रहती थी कि कैंडिडेट को अगर हरियाणा नहीं भी मिलता था तो राजस्थान या उत्तर प्रदेश मिल जाता था। लेकिन नए सिस्टम में एक जोन के भीतर अल्फाबेटिकली अरेंज स्टेट होते हैं। इसका मतलब H- हरियाणा, J-झारखंड और K- केरल एक जोन में होंगे। ऐसे में नियुक्ति हरियाणा के अलावा झारखंड, कर्नाटक और केरल भी मिल सकता है। —————– ये खबरें भी पढ़ें… IAS-IPS के कैडर एलोकेशन के नियम बदले: 25 कैडरों को 4 ग्रुप में बांटा, जियोग्राफिकल जोन खत्‍म; जानें UPSC का नया सिस्‍टम भारत सरकार ने UPSC कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चली आ रही ‘जोन सिस्टम’ की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई ‘कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026’ लागू कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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