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PM मोदी दो दिन के दौरे पर मलेशिया रवाना:8 साल बाद जा रहे, फरार जाकिर नाइक का मुद्दा उठाएंगे, कल CEO फोरम में शामिल होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह दो दिन के दौरे पर मलेशिया रवाना हुए हैं। यह दौरा मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम के न्योते पर हो रहा है। मोदी करीब 8 साल के बाद मलेशिया जा रहे है, इससे पहले 2018 में गए थे। अपनी यात्रा के दौरान, आज मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव पी. कुमरन ने बताया कि यह दौरा भारत के आसियान देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत करने और मलेशिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए अहम है। उन्होंने ये भी बताया इस यात्रा में 10 साल से मलेशिया में रह रहे भगोड़े जाकिर नाइक के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। भारत इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर ये मामला उठा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान 8 फरवरी को भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की 10वीं बैठक भी कुआलालंपुर में होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मलेशिया के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। मलेशिया के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे PM मोदी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देश यह देखेंगे कि भारत और मलेशिया के बीच बनी ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में अब तक कितना डेवलपमेंट हुआ है और आगे क्या किया जा सकता है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। पी. कुमरन ने बताया कि दोनों देश रेलवे जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, नवीकरणीय ऊर्जा और दूसरे सहयोग के क्षेत्रों पर भी काम करने की सोच रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की संख्या बढ़ाने और मलेशिया में थिरुवल्लुवर सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज खोलने पर विचार हो रहा है। मलेशिया में 29 लाख भारतीय रहते हैं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और मलेशिया के रिश्ते बहुत पुराने हैं और इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में रहने वाले भारतीयों का इतिहास भी काफी पुराना है और उन्होंने भारत के आजादी के आंदोलन में भी भूमिका निभाई थी। विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि भारत और मलेशिया आपसी व्यापार को बैलेंस करने और लंबे समय तक आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए भारत-मलेशिया ‘कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन एग्रीमेंट’ की समीक्षा की जा रही है। ASEAN के लिहाज से क्यों अहम है यह दौरा मलेशिया ASEAN का एक अहम सदस्य देश है और ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-ASEAN संबंधों को नई ताकत दे सकती है। भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में ASEAN हमेशा से केंद्रीय भूमिका में रहा है और मलेशिया इस ग्रुप में भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है। खास बात यह है कि भारत इस समय ASEAN के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (AITIGA) को अपडेट करने की कोशिश कर रहा है। मौजूदा समझौते को लेकर भारत को लंबे समय से यह शिकायत रही है कि इससे व्यापार घाटा बढ़ा है और भारतीय कंपनियों को बराबर का फायदा नहीं मिल पा रहा। भारत का आसियान के साथ व्यापार घाटा 2022-23 में यह लगभग 43 अरब डॉलर तक पहुंच गया। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा AITIGA को ज्यादा बैलेंस और आधुनिक बनाने के लिए ASEAN देशों का समर्थन जुटाने में मदद कर सकता है। भारत-मलेशिया के रिश्तों में जाकिर नाइक की वजह से तनाव जाकिर नाइक भारत और मलेशिया के रिश्तों में बार-बार तनाव की वजह बनता है। भारत में जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और कट्टरता फैलाने के केस दर्ज है। गिरफ्तारी के डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया था। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया था। उस पर मलेशिया में अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का भी आरोप है। भारत चाहता है कि मलेशिया उन्हें भारत को सौंपे, ताकि कानून के मुताबिक उन पर मुकदमा चलाया जा सके। हालांकि उसे मलेशिया में स्थायी निवास (परमानेंट रेजीडेंसी) मिली हुई है।

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