मध्य प्रदेश के 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। अब होटल-रेस्टोरेंट को 9 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई हो सकेगी। सोमवार रात में यह आदेश खाद्य विभाग ने जारी कर दिए। कारोबारियों का कहना है कि सरकार का यह आदेश होटल-रेस्टोरेंट के लिए ‘ऑक्सीजन’ का काम करेगा। यहां 13 दिन से LPG नहीं मिली है। गैस नहीं मिलने की वजह से कई होटल बंद होने की कगार पर आ गए थे, तो कई में मेन्यू बदलना पड़ा था। वहीं, डीजल भट्टी और इंडक्शन जैसे संसाधनों के जरिए होटल और रेस्टोरेंट चालू रखे गए। गैस की मांग को लेकर एक दिन पहले ही नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की थी। जिन्होंने सोमवार को निर्णय लिए जाने की बात कही थी। सोमवार रात में आदेश आने के बाद संचालकों ने राहत की सांस ली। स्ट्रीट वेंडर्स, कैर्ट्स-ढाबों को भी गैस मिलेगी नए आदेश में होटल और रेस्टोरेंट के साथ ढाबा, कैर्ट्स और स्ट्रीट फूड वेंडर को भी गैस देने के आदेश हैं। होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को 9 प्रतिशत, ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर को 7 प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा अन्य उद्योगों को भी कमर्शियल गैस सिलेंडर देने के आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि ऑयल कंपनियों को पहले केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10% कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है, लेकिन सप्लाई के आदेश नहीं आए हैं। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए थे। वे बंद होने की कगार पर है। भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर हो गया। जिसके समाधान पर चर्चा की गई थी।। गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा था। NRAI प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने से बड़ी राहत मिलेगी। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार से ही सप्लाई शुरू होने का अनुमान है। भोपाल के 2 हजार होटल में परेशानी एसोसिएशन के अध्यक्ष पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं। कई रेहड़ी तो बंद हो गई थी।
