छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। विपक्ष ने इसे लापरवाही बताते हुए सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने जांच के लिए कमेटी बनाई और सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने मांग कि है कि प्लांट में एंबुलेंस नहीं थी, ऐसे में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। वहीं, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने मशीनों की रिपेयरिंग नहीं होने की बात कही है। घटना के बाद मंत्री लखनलाल देवांगन ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्लांट प्रबंधन ने मृतक के परिजनों और घायलों को सहायता राशि देने की घोषणा की है। हादसे की तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए नेताओं ने हादसे पर क्या कुछ कहा ? मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए- बैज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 17 मजदूरों की मौत और 34 लोगों के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है। मशीनों की रिपेयरिंग नहीं- विधायक चंद्रपुर से कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि, यह पहले एथेना पावर प्लान था, इसे वेदांता ने औने पौने दाम में खरीदा। प्लांट चालू करने से पहले मशीनों को सही तरीके से रिपेयरिंग नहीं की गई। क्षमता से ज्यादा काम लिया गया, इसलिए बॉयलर ब्लास्ट हुआ। आसपास के प्लांट में भी लापरवाही पूर्वक काम किया जा रहा है। सरकार सही समय पर पावर प्लांट के मशीनों की जांच कराए। जिससे इस तरह के हादसे न हो। उन्होंने कहा कि, गरीबों और अमीरों के लिए अलग-अलग कानून है। बड़े पावर प्लांट और बड़े नेताओं के घर पुलिस घुस नहीं सकती है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी उठाए सवाल पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि, मृतकों के परिजनों को पर्याप्त सहायता राशि दी जानी चाहिए और हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं, क्या यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है? प्लांट में एंबुलेंस तक नहीं थी, ऐसे में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। सुरक्षा नियमों की अनदेखी से हुआ हादसा- सांसद ज्योत्सना कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि, यह घटना सुरक्षा नियमों की बार-बार अनदेखी का नतीजा है। इससे पहले वेदांता के कोरबा प्लांट में चिमनी निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था में पर्याप्त सुधार नहीं किया है। वेदांता लिमिटेड के संयंत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। सांसद ने राज्य सरकार और प्रशासन से स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार हादसों के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने, जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने जांच समिति का गठन किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर 9 सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। समिति का संयोजक पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व मंत्री नंदकुमार वर्मा समेत कई विधायक और संगठन के पदाधिकारी सदस्य बनाए गए हैं। ये हैं समिति के सदस्य समिति में विधायक रामकुमार यादव (चंद्रपुर), अटल श्रीवास्तव (कोटा), बावनलाल साहू (बेमेतरा), राघवेंद्र सिंह (अकलतरा), व्यास कश्यप (जांजगीर-चांपा), शेषराज हरबंश (पामगढ़) और जिला कांग्रेस अध्यक्ष शामिल हैं। ग्राउंड पर जाकर करेगी जांच कांग्रेस ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मौके पर जाकर पीड़ितों, परिजनों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करे। साथ ही प्लांट प्रबंधन से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाए। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। मुआवजे का ऐलान, जांच जारी घटना के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजनों को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल) दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 17 मजदूरों की मौत हो गई। 4 की मौके पर ही जान गई थी, जबकि 5 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 6 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान जान गई। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 17 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। घटना के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजनों का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। सभी मृतकों की पहचान हो गई है। इनमें ज्यादातर मजदूर यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले हैं, कुछ छत्तीसगढ़ के भी है। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा- अब तक 16 की मौत: 36 लोग झुलसे; वेदांता मृतकों के परिजन को 35-35 लाख मुआवजा और नौकरी देगी छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 16 मौतें हो चुकी हैं। 4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 5 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया था। पढ़ें पूरी खबर…
