छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के आरोपी को उतई थाना पुलिस ने शनिवार को अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का जुलूस निकाला गया। इस दौरान आरोपी ने कहा कि अपराध करना पाप है और उसने गलती की है। जब आरोपी को मेडिकल के लिए सुपेला अस्पताल लाया गया, तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे मिर्गी के दौरे आने लगे, जिससे वह जमीन पर गिर गया। मेडिकल जांच के लिए साथ आए पुलिसकर्मी ने उसके हाथ में लोहे की चाबी पकड़ा दी और उसे जूता सुंघाया। इस दौरान उसके मुंह से खून निकलने लगा। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत अस्पताल के अंदर जाकर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को इसकी सूचना दी। इसके बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर दोबारा इलाज के लिए भर्ती किया गया। कुछ देर बाद उसकी हालत सामान्य हो गई। जानिए पूरा मामला दरअसल, शुक्रवार को बच्ची घर से अचानक लापता हो गई थी। परिवार और गांव के लोगों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। पूरा गांव मिलकर बच्ची को ढूंढने में जुट गया। काफी देर खोजबीन के बाद 2 युवकों ने कुएं के पास एक बोरा पड़ा देखा। शक होने पर जब बोरा खोला गया तो अंदर बच्ची मिली, जिसका मुंह तकिये के कवर से बंधा हुआ था और वह डरी-सहमी हालत में थी। मेंडिकल जांच के बाद रेप की पुष्टि हुई। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। बच्ची स्कूल से लौटने के बाद चॉकलेट लेने के लिए दुकान पर गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने दुकान में लगे CCTV फुटेज की जांच की और आसपास के लोगों से उसकी पहचान करवाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता (40) को हिरासत में लिया। आरोपी मजदूरी करता है। करीब एक साल से पत्नी अपने दो बच्चे के साथ पति को छोड़ मायके में रह रही है। वहीं हिरासत में लिए जाने के समय आरोपी काफी नशे में था। बाद में पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मौके से एक बोरा, तकिया कवर और घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए हैं। आरोपी बच्ची को दुकान से अपने घर ले गया था CCTV फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी बच्ची को अपने साथ ले जा रहा है। आरोपी ने अपने घर में ही दरिंदगी को अंजाम दिया। इसके बाद वह मासूम की हत्या के इरादे से उसे कुएं में फेंकने जा रहा था, लेकिन आसपास लोगों की गतिविधियां देखकर डर गया। इसके बाद आरोपी ने बच्ची को बोरे में भरकर खंडहर के पास फेंक दिया और घर लौटकर सो गया। घटना के बाद बच्ची गहरे सदमे में परिजनों के अनुसार इस घटना के बाद बच्ची गहरे सदमे में है और किसी से बात भी नहीं कर पा रही है। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। बच्ची के स्वास्थ्य पर डॉक्टरों के साथ-साथ पुलिस विभाग के अधिकारी भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के आला अधिकारी परिजनों के संपर्क में हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराएं 137(2), 65(2), 238, 109, 140(3) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया है। ये सभी धाराएं गंभीर अपराधों से संबंधित हैं, जिनमें कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस बोली- न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल इस मामले में एएसपी (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश था। इसी वजह से आरोपी को उतई थाना में न रखकर पुलगांव थाना में रखा गया था। वहीं से आरोपी का जुलूस निकाला गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। विधायक बोले- यह घटना बेहद दुखद इस मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और इस तरह की हैवानियत समाज में बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोग समाज में कैसे रह रहे हैं, यह एक बड़ा सवाल है। न तो इनके अंदर संवेदनशीलता है और न ही समझ फिर ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत इनमें कैसे आ जाती है, यह समझ से परे है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दुर्ग में 5 साल की बच्ची बोरे में मिली: तकिया कवर से बंधा था मुंह, मासूम का इलाज जारी; किडनैप कर रेप की आशंका छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 5 साल की एक मासूम बच्ची बोरे में बंद मिली। कुएं के किनारे ग्रामीणों ने अचानक बोरी को हिलते डूलते देखा तो थाने में सूचना दी। बोरी खोलकर देखा गया तो बच्ची का मुंह तकिया कवर से बंधा था। पढ़ें पूरी खबर…
