डिपो से एजेंसी तक गैस सप्लाई के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। भौंरी के बकानिया स्थित इंडेन ऑयल कंपनी के डिपो से निकले 342 घरेलू सिलेंडरों के ट्रक में से 27 सिलेंडरों में दो से तीन किलो तक गैस कम मिली। औसतन 2 किलो के हिसाब से करीब 54 किलो गैस गायब पाई गई, जो लगभग 4 पूरे सिलेंडरों के बराबर है। इसके साथ ही 5 सिलेंडर बिना सील के मिले, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम ने सैनी इंडेन गैस एजेंसी के इमलिया स्थित गोदाम पर छापा मारा। यहां बुधवार रात 8 बजे बकानिया डिपो से निकला ट्रक गुरुवार सुबह 9 बजे, यानी 13 घंटे बाद पहुंचा। डिपो से गोदाम की दूरी करीब 25 किलोमीटर है, ऐसे में ट्रक का यह सफर 13 घंटे में पूरा होना भी सवाल खड़े कर रहा है। ट्रक को खाली करने से पहले ही जांच की गई। नापतौल विभाग की टीम बुलाकर सभी सिलेंडरों का तौल कराया गया, जिसमें 27 सिलेंडरों में गैस कम पाई गई। इससे पहले भी सैनी इंडेन एजेंसी के सिलेंडरों में तीन-तीन किलो गैस कम मिलने का मामला सामने आ चुका है, जिस पर खाद्य विभाग ने केस दर्ज किया था। खाद्य विभाग के सहायक आपूर्ति अधिकारी संदीप भार्गव के मुताबिक, 342 सिलेंडरों की खेप में इस तरह की गड़बड़ी बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका दिखाती है। मामले की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर एफआईआर कराई जाएगी। ट्रक की देरी पर उठे सवाल 1. 27 सिलेंडरों से 54 किलो गैस कहां गायब हुई?
2. सिर्फ 25 किमी का सफर तय करने में ट्रक को 13 घंटे क्यों लगे?
3. पांच सिलेंडरों की सील टूटी कैसे, निगरानी सिस्टम क्या कर रहा था?
4. पहले भी गड़बड़ी सामने आने के बाद सख्ती क्यों नहीं हुई? सैनी इंडेन गैस एजेंसी के ट्रक पर कार्रवाई करते खाद्य विभाग और नापतौल के अधिकारी। ड्राइवर का अजीब तर्क-मच्छर काटने पर सो गया
टीम ने ट्रक चालक मोहम्मद सिराज से पूछताछ की। उसने बताया कि रात 8 बजे ट्रक लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में मच्छरों के कारण उसे नींद आ गई और वह सो गया। सुबह उठकर ट्रक एजेंसी पर लेकर पहुंचा। चालक के अनुसार डिपो से भरे गए ट्रक में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। ऐसे में सिलेंडरों में गैस कम मिलना और 5 सिलेंडरों की सील टूटी होना डिपो स्तर की गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। नियम… डिपो में हर सिलेंडर का नंबर ट्रेस कर तौलते हैं
आईओसीएल डिपो से एजेंसियों तक सिलेंडर सप्लाई का ठेका श्रीबालाजी ट्रांसपोर्ट, ग्वालियर को दिया गया है। ट्रक के 13 घंटे बाद पहुंचने पर भी सवाल उठ रहे हैं। आईओसीएल की नोडल अधिकारी शिवानी का कहना है कि डिपो में हर सिलेंडर का नंबर ट्रेस कर तौल किया जाता है। शिकायत और जांच का तरीका: गैस कम मिलने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 पर कर सकते हैं। सिलेंडर लेते समय तौल कांटे से वजन जरूर जांचें, ताकि 14.2 किलो गैस की सही मात्रा सुनिश्चित हो सके। ट्रक जब्त कर सूखी सेवनिया पुलिस को सौंप दिया है। 310 भरे सिलेंडर कंपनी को लौटा दिए हैं। 32 सिलेंडर खाद्य विभाग ने जब्त किए हैं। -चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक
