नीमच में भारी सुरक्षा वाले सीआरपीएफ (CRPF) कैंपस के अंदर एक मानव कंकाल मिला। यह कंकाल झाड़ियों में सफाई के दौरान मिला, जिसकी पहचान पिछले 44 दिनों से लापता जवान नंदकिशोर प्रजापत के रूप में हुई है। रविवार को जब कंकाल मिलने की खबर आई, तो पुलिस और सीआरपीएफ के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। सोमवार को नीमच आए मृतक के परिवार वालों ने वहां मिले कड़े, अंगूठी, मोबाइल और कपड़ों को देखकर पहचान की कि यह नंदकिशोर (44 साल) ही हैं। नंदकिशोर राजस्थान के राजसमंद जिले के रहने वाले थे और काफी समय से गायब थे। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप जवान के परिवार ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए इसे हत्या करार दिया है। मृतक के भाई का कहना है कि जब उन्होंने पहले पूछताछ की थी, तो अधिकारियों ने यह कहकर बात टाल दी थी कि जवान छुट्टी लेकर घर गया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, मौत की असली वजह जानने के लिए कंकाल को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए मंदसौर भेजा गया है। कैंट थाना पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
