Homeमध्यप्रदेशमंत्री का गुस्सा, अधिकारी से कहा- मोबाइल फेंक दूंगा:सांसद का नाम भूले...

मंत्री का गुस्सा, अधिकारी से कहा- मोबाइल फेंक दूंगा:सांसद का नाम भूले सीएम; बीच भाषण में बिजली गुल, कांग्रेस नेता बोले- मुर्गा बना दूंगा

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जब सांसद का नाम भूल गए सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार जबलपुर के सांसद आशीष दुबे का नाम भूल गए। उनकी इस भूल पर मंच पर बैठे सांसद मुस्कुराने लगे। सीएम जबलपुर में भाजपा के ‘गांव-बस्ती चलो’ अभियान 2026 का शुभारंभ करने पहुंचे थे। सीएम एक-एक कर मंच पर बैठे अतिथियों के नाम ले रहे थे। जब जबलपुर के सांसद की बारी आई तो उन्होंने आशीष सिंह कहा, फिर आशीष उपाध्याय कहकर पुकारा। फिर मंच से किसी ने सही नाम बताया। तब जाकर सीएम ने सही नाम लिया। हालांकि सीएम ने अपनी मनमोहक मुस्कान के साथ ये कहते हुए मामला संभाला- आशीष जी जब आप जिला अध्यक्ष थे तब से मैं आपकी विनम्रता का कायल हूं। फिर सीएम ने सांसद आशीष दुबे के लिए मंच से तालियां बजवाई। मंत्री ने इंजीनियर की लगा दी क्लास
निवाड़ी में जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने जल संसाधन विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हेमंत गुप्ता की क्लास ले ली। मंत्री को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने इंजीनियर से कहा कि मैं आपका मोबाइल फेंक दूंगा। हुआ यूं कि मंत्री को एक नहर को लेकर शिकायत मिली थी। जिसे लेकर इंजीनियर ने दावा किया था कि उसका गहरीकरण का कार्य हो चुका है। फिर क्या था सच्चाई जानने के लिए मंत्री कुशवाह इंजीनियर को लेकर मौके पर पहुंच गए। यहां के हालात देखकर मंत्री का पारा चढ़ गया। क्योंकि उन्हें नहर की साफ-सफाई और उसके गहरीकरण जैसा कुछ नजर नहीं आया। उन्होंने इंजीनियर को सबके सामने कहा- आप हमें कुछ नहीं समझ रहे, कलेक्टर को कुछ नहीं समझ रहे। अपनी अकल लगाए जा रहे हो। क्या बेवकूफ समझ रहे हो सभी को। मंत्री ने पूछा कि नहर का गहरीकरण कहां हुआ। इस पर इंजीनियर अपने मोबाइल से मंत्री को कुछ दिखाने लगे। इस पर मंत्री ने कहा- मोबाइल में मत दिखाओ। मैं तुम्हारा मोबाइल फेंक दूंगा। मंत्री के इस गुस्से का वीडियो देखकर अब लोग कह रहे हैं कि मंत्री-विधायक कभी कभार की ऐसी रीलबाजी के बजाय रियल में ऐसे स्टंट कर लें तो व्यवस्थाएं सुधर सकती है। पूर्व विधायक ने अफसर को हड़काया
इधर, शाजापुर जिले के शुजालपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने फोन पर बिजली कंपनी के अधिकारियों को हड़का दिया। उन्हें लुटेरे और डकैत कह दिया। इतना ही नहीं कंपनी के जेई के लिए कहा- उसे मुर्गा बना दूंगा। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी एक गांव में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। तभी बिजली गुल हो गई। ऐसे में नेता जी को डिस्टर्ब हुआ तो उन्होंने मौके से ही बिजली कंपनी के अधिकारी को फोन लगा दिया। कुणाल चौधरी ने बिजली कंपनी के डीई को फोन कर कहा कि मैं भाषण दे रहा हूं और लाइट काट दी गई। ये जेई को तो मुर्गा बना दूंगा मैं अभी। लुटेरे डकैती करने का काम है आप लोगों का। वसूली गैंग हो गए हो। किसानों से वसूली करते हो, गेहूं तो खरीद नहीं रहे। किसान धरना दे रहे तो लाइट काट रहे हो। अब लोग इसे कांग्रेस नेता का पब्लिसिटी स्टंट करार दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि नेता जी के इस स्टंट से हालात बदले न बदले। उन्हें सुर्खियां जरूर मिल गई है। विरोध के बीच सड़क पर पोहे बनाए
इंदौर वैसे तो देश की सबसे क्लीन सिटी के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन इस शहर की पहचान यहां के फेमस नाश्ता पोहे के लिए भी है। पोहे के लिए इस कदर दीवानगी है कि लोग इसका स्वाद लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते। दरअसल, शहर के मालवा मिल क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसी विरोध प्रदर्शन के बीच लोगों ने बीच सड़क पर पोहे बनाए और उसका स्वाद लिया। न केवल प्रदर्शनकारियों ने पोहे खाए, बल्कि वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस वालों ने पोहे का आनंद लिया। अब लोग कह रहे हैं कि ये तो विरोध का विरोध हो गया और पिकनिक जैसा आनंद भी आ गया। ऑस्ट्रेलिया में गूंज उठा ‘राधे-राधे’
कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं। उन्होंने यहां कि संसद में हनुमान चालीसा पाठ किया गया। साथ ही विश्व-शांति और भारतीय संस्कृति विषय पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने भजन भी गाया। जिस पर वहां मौजूद लोग झूमते-गाते नजर आए। धीरेंद्र शास्त्री के कहने पर विदेशी नागरिकों ने भी हिंदी में ‘राधे-राधे’ भजन गुनगुनाया। इनपुट सहयोग – मयंक दुबे (निवाड़ी), पुरुषोत्तम परवानी (शाजापुर), कपिल राठौर (इंदौर) ये भी पढ़ें –
चाय बागान में शिवराज की रील, कई कैमरों से शूटिंग: सिंधिया ने मंत्रियों और अधिकारियों को दौड़ाया केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान असम में चुनाव प्रचार के दौरान चाय बागान में पहुंच गए। इसका वीडियो सामने आया है। लेकिन कांग्रेस ने इसमें ‘बिहाइंड द सीन’ तलाश लिया। जिसमें शिवराज के आसपास कई कैमरे दिख रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने तंज किया- किसानों के लिए कुछ करूं या न करूं, रील के लिए सब कुछ कर लूंगा। पूरी खबर पढ़ें

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here