मध्यप्रदेश में 193 दुकानों के लिए आबकारी विभाग को 30 प्रतिशत से कम के ऑफर मिले हैं। सरकार को 1216.34 करोड़ रुपए के ऑफर इन दुकानों में मिले हैं। अब तक 3099 शराब दुकानों की नीलामी से 16,637.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। मंत्रिमंडलीय समिति ने तय किया है कि 13वें चरण में ऑफसेट प्राइस की सीमा भी अधिकतम 30% तक ही रखी जाएगी। नीलामी के 13वें चरण में शराब दुकानों की नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, किसी प्रकार का ऑक्शन नहीं किया जाएगा। प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन को लेकर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में आबकारी विभाग के अफसरों ने जानकारी दी कि नीलामी के 12वें चरण में आरक्षित मूल्य से अधिकतम 30% तक कम ऑफर ई-टेंडर के माध्यम से प्राप्त हुए। इसमें से 193 दुकानों के लिए 1216.34 करोड़ रुपए के ऑफर मिले, जो -30% सीमा के भीतर हैं। अब तक 3099 शराब दुकानों की नीलामी से 16,637.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह राशि पिछले वर्ष के 12,404.73 करोड़ रुपए की तुलना में 34.13% अधिक है, जबकि आरक्षित मूल्य 16,434.94 करोड़ से भी 1.23% ज्यादा है। आबकारी विभाग के अनुसार, 454 दुकानें अभी भी नीलामी से शेष हैं। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे होने के कारण होल्ड पर रखे गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860 हो गई है, जिससे नई आबकारी नीति के तहत एकाधिकार (मोनोपॉली) पर नियंत्रण स्थापित हुआ है। समिति ने निर्णय लिया है कि आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही 13वें चरण में ऑफसेट प्राइस की सीमा भी अधिकतम 30% तक ही रखी जाएगी। नीलामी के 13वें चरण में शराब दुकानों की नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, किसी प्रकार का ऑक्शन नहीं किया जाएगा। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि 30% से नीचे ऑफर वाली दुकानों के संचालन के लिए निगम गठन पर विचार किया जाए। इस प्रस्ताव की जांच के निर्देश दिए गए हैं। 13वें चरण में ऐसे होगी प्रोसेस ई-टेंडर शेड्यूल:
