भोपाल के बैरसिया से बीजेपी विधायक विष्णु खत्री के भागवती वेयर हाउस को खाद्य विभाग ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इस साल वेयर हाउस में गेहूं की सरकारी खरीदी नहीं हो सकेगी। वहीं, बारदाना देने वाली सहकारी समिति पर भी ब्लैक लिस्टेड की कार्रवाई हुई है। विधायक के इस वेयर हाउस में सरकारी खरीदी से पहले ही 6522 क्विंटल गेहूं रखा मिला था। खाद्य विभाग को की गई शिकायत के बाद अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जांच समिति बनी थी। जिसने वेयर हाउस में 6522.50 क्विंटल गेहूं मिलने की बात कही थी। इनमें 5 हजार क्विंटल (500 टन) गेहूं 50-50 किलो के नए बोरों में भरा था। जिनकी संख्या 11 हजार है। 550 क्विंटल गेहूं गोदाम में खुले में रखा था। इसकी कुल कीमत 1.43 करोड़ रुपए आंकी गई थी। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि जिस वेयर हाउस में गेहूं मिला है, उसमें इस साल खरीदी नहीं की जाएगी। वहीं, जिस सहकारी समिति ने बारदाना उपलब्ध कराया था, उसे ब्लैक लिस्टेड किया है। जिन्होंने गेहूं बेचा, उनसे खरीदी नहीं की जाएगी
फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, जांच समिति ने निर्णय लिया है कि जिन किसानों ने यहां गेहूं बेचा था, उनसे अब गेहूं की खरीदी नहीं की जाएगी। वहीं, नागरिक आपूर्ति निगम को बारदाना वापस किया जाएगा। बता दें कि जांच कमेटी ने विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। वहां से कार्रवाई की गई है। गोडाउन में रखा गेहूं… देखिए तस्वीरें एक दर्जन वेयर हाउस की भी जांच
विधायक के वेयर हाउस में गेहूं रखा होने की शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने क्षेत्र के एक दर्जन वेयर हाउस की जांच की। एक अन्य स्थान पर वेयर हाउस के बाहर भी गेहूं का स्टॉक मिला, जिसे जांच में शामिल किया गया है। जनपद अध्यक्ष बैरसिया के पति भाजपा नेता कुबेर सिंह गुर्जर से जुड़ा वेयर हाउस भी जांच के दायरे में है। जांच में ये सामने आया
जिला उपार्जन समिति ने पूरे मामले की जांच की थी। सहकारी विपणन सहकारी समिति मर्यादित भोपाल के उपार्जन केंद्र की जांच की जाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया कि भागवती वेयर हाउस यूनिट-2 ग्राम तरावली में पूर्व से संग्रहित रबी विपणन वर्ष 2025-26 की शेष भंडारित 26 गठानें रखी थी। विपणन वर्ष 2026-27 में खरीदी के लिए किसान सहकारी विपणन सहकारी समिति मर्यादित के कम्प्यूटर ऑपरेटर विनोद सूर्यवंशी को प्रदाय कर पावती प्राप्त की गई थी। उक्त शासकीय बारदानों में खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व ही अवैध रूप से किसानों का कुल 6522.50 क्विंटल गेहूं उक्त वेय रहाउस में भंडारित पाए जाने से गोदाम प्रबंधक एवं समिति प्रबंधक की मिलिभगत होना पाया गया। जिसके कारण संबंधितों पर कार्रवाई की गई है। इसमें वेयर हाउस को इस साल खरीदी से पृथक कर दिया गया है। वहीं, किसानों को गेहूं विक्रय से वंचित किया जाएगा। बारदाना देने पर भी कार्रवाई की जा रही है। भोपाल के 92 केंद्रों पर 10 अप्रैल से होगी खरीदी
बता दें कि सरकार ने बारदाने की कमी का हवाला देकर गेहूं खरीदी की अवधि तीन बार बढ़ाई है। हालांकि, भोपाल जिले के कुल 92 में से 85 खरीदी केंद्रों पर पहले ही बारदाना पहुंच चुका है। प्रत्येक वेयर हाउस में 6 हजार क्विंटल तक खरीदी की क्षमता की तैयारी है। इसके बावजूद किसान गेहूं बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
