केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रतलाम में सीजीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त शंकर परमार को 1.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी से करीब 13 घंटे तक सघन पूछताछ की गई, जिसके बाद बुधवार सुबह सीबीआई टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। जानकारी के अनुसार, जावरा के एक व्यापारी की शिकायत पर सीबीआई भोपाल की टीम ने यह जाल बिछाया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि सहायक आयुक्त पिछले दो महीनों से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। फर्म के ऑडिट और दस्तावेजों में कमियां बताकर उन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा था, जबकि व्यापारी का दावा है कि उनके सभी दस्तावेज नियमानुसार सही थे। 5 लाख की मांग, 1.5 लाख लेते हुए ट्रैप
मामले को रफा-दफा करने के एवज में सहायक आयुक्त ने 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। सौदे के तहत रिश्वत की पहली किस्त रतलाम में देना तय हुआ। मंगलवार शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच, जब शिकायतकर्ता ने सहायक आयुक्त के कहे अनुसार फर्नीचर व्यापारी सुरेश मनसुखानी को 1.5 लाख रुपए दिए, तभी सीबीआई ने आनंद बिग मॉल के पास दबिश देकर उन्हें दबोच लिया। बिचौलिया भी बना आरोपी
इस भ्रष्टाचार में रतलाम के फर्नीचर व्यापारी सुरेश मनसुखानी को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई के अनुसार, मनसुखानी ने रिश्वत की राशि के लेनदेन में बिचौलिये (Middleman) की भूमिका निभाई। गिरफ्तारी के समय वह मौके पर ही मौजूद था, जिससे उसकी संलिप्तता स्पष्ट हो गई। रातभर पूछताछ के बाद रवानगी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम सहायक आयुक्त को लेकर रतलाम स्थित सीजीएसटी कार्यालय पहुंची। वहां पूरी रात चली पूछताछ के बाद बुधवार सुबह करीब 9 बजे टीम उन्हें भोपाल के लिए ले गई। इस दौरान शिकायतकर्ता व्यापारी भी कार्यवाही का हिस्सा रहा और बाद में जावरा लौट गया। अन्य जिलों में भी जांच के दायरे
दैनिक भास्कर की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि व्यापारी को पिछले दो माह से ‘डिजिटल फ्रॉड’ के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। परेशान होकर व्यापारी ने 30 जनवरी को सीबीआई भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों के अनुसार, रतलाम के अलावा जावरा, ताल और आलोट में भी कई व्यापारियों पर इसी तरह दबाव बनाए जाने की खबरें हैं। जांच आगे बढ़ने पर विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आने की प्रबल संभावना है। सस्पेंशन की सुगबुगाहट
रतलाम स्थित यह कार्यालय पांच जिलों—रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ और आलीराजपुर का संभागीय मुख्यालय है। सहायक आयुक्त की गिरफ्तारी के बाद उनके निलंबन (Suspension) की चर्चाएं तेज हैं, हालांकि विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह खबर भी पढ़ें
GST अफसर 1.50 लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को रतलाम में बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST विभाग के सहायक आयुक्त शंकर परमार को 1.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ एक शख्स सुरेश मनसुखानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
