भोपाल मेट्रो परियोजना में सोमवार को मप्र के पहले अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से पहला ट्रायल किया गया। यानी भूमिगत सुरंग निर्माण का काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। निर्माण एजेंसी ने दोनों मशीनों को मप्र की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हुए दुर्गावती और अहिल्याबाई नाम दिया है। भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और निर्माण एजेंसी की मौजूदगी में टीबीएम दुर्गावती को विशेष लॉन्चिंग शाफ्ट के जरिए जमीन के नीचे चालू किया गया। फिर कटर हेड घुमाकर औपचारिक शुरूआत हुई। मशीन बिना सतह को प्रभावित किए तेज और सटीक खुदाई के लिए डिजाइन की गई है। अफसरों का कहना है कि ट्रायल सफल रहा है। अब जल्द ही दूसरी टीबीएम अहिल्याबाई को भी उतारकर समानांतर खुदाई होगी। एमडी मेट्रो एस. कृष्ण चैतन्य ने निर्देश दिए कि सभी काम तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का ख्याल रहे। ऐतिहासिक नाम, ताकि जुड़ाव महसूस हो… दोनों टीबीएम के नाम रानी दुर्गावती और अहिल्याबाई होल्कर जैसी ऐतिहासिक हस्तियों के नाम पर रखे गए हैं। इसका मकसद परियोजना को स्थानीय भावनाओं और प्रदेश की विरासत से जोड़ना है, ताकि लोगों में अपनापन और जुड़ाव बढ़े। टीबीएम ऐसे करती है काम जमीन के 24 मीटर नीचे ऐसे बनती है मेट्रो सुरंग
