मैं उसे बचा नहीं पाया… मैं उसे घुमाने ले गया था, मुझे क्या पता था कि काल वहां बैठा है। यह कहते हुए संजय बहेड़िया बेटे चिराग के शव को सीने से लगा लेते हैं। शनिवार को इंदौर के सिमरोल थाना क्षेत्र में कार में आग लगने से साढ़े तीन साल का चिराग जिंदा जल गया। यह मंजर देख लोगों की रूह कांप गई। चिराग का जन्म ‘शिवा बाबा’ की मन्नत से हुआ था और परिवार अप्रैल में मन्नत उतारने की तैयारी कर रहा था। संजय ने दो दिन पहले ही सेकेंड हैंड कार खरीदी थी और वह बेटे को घुमाने ले गए थे। खड़ी कार में आग लगने के कारण की पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। पहले जानिए कैसे हुआ हादसा रालामंडल में रहने वाले बहेड़िया परिवार के लिए यह खुशी का समय था। पेशे से मैकेनिक संजय ने दो दिन पहले इंदौर से सेकंड हैंड कार (DL 8CAD 3786) खरीदी थी। परिवार शुक्रवार रात धामनोद से शादी समारोह से लौटा था। शनिवार सुबह संजय बेटे चिराग को नई कार में घुमाने ले गए। यह उनका आखिरी सफर साबित हुआ, जो बाद में श्मशान तक पहुंचा। चंद मिनटों की दूरी और जिंदगी का अंत
इंदौर-इच्छापुर रोड स्थित साकार सिटी के पास दोस्त ने संजय को डीजे वाहन सुधारने बुलाया था। संजय चिराग को आगे बैठाकर वहां पहुंचे। कार सड़क किनारे खड़ी की। कांच थोड़ा खोलकर कुछ मीटर दूर डीजे वाहन देखने चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार से अचानक धुआं उठा और देखते ही देखते आग की लपटों में बदल गया। जोरदार धमाके के साथ बैटरी और फिर एसी कंप्रेसर फट गया, जिससे कार आग का गोला बन गई। “पापा बचा लो…” की मूक पुकार और लाचार पिता
धमाके और आग देखकर संजय कार की ओर दौड़े। कार जल रही थी और अंदर उनका साढ़े तीन साल का बेटा चिराग फंसा था। लोग मदद के लिए आए, पानी और मिट्टी से आग बुझाने व शीशे तोड़ने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई पास नहीं जा सका। संजय लपटों में कूदना चाहते थे, लेकिन लोगों ने रोक लिया। 10-15 मिनट में कार जलकर खाक हो गई और चिराग की मौत हो गई। ‘शिवा बाबा’ की मन्नत से पैदा हुआ था चिराग
परिजन के अनुसार, संजय की शादी को 12 साल हो चुके हैं और उनकी 10 साल की बेटी मुस्कान है। 8 साल की मिन्नतों के बाद बेटे चिराग का जन्म हुआ था। ‘शिवा बाबा’ से की गई मन्नत अप्रैल में उतारने की तैयारी चल रही थी। मोहल्ले की हर आंख नम, मां का बुरा हाल
पोस्टमार्टम के बाद चिराग का शव घर पहुंचा तो मातम छा गया। जिस बेटे की मन्नत उतारनी थी, उसका शव देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। मां मीनू बेसुध हैं और बार-बार कह रही हैं, “मेरा बेटा तो अभी खेल रहा था… मेरा चिराग कहां गया?” मुक्तिधाम में पिता संजय शव से लिपटकर रोते रहे और खुद को कोसते रहे। उनका विलाप सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। जांच के घेरे में सेकंड हैंड कार और शॉर्ट सर्किट
सिमरोल थाना प्रभारी कुलदीप खत्री के अनुसार, शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की है। यह भी जांच हो रही है कि पुरानी कार की वायरिंग, बैटरी या एसी यूनिट में कोई खराबी थी या नहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दरवाजे जाम न होते या आग तेजी से न फैलती तो बचाव संभव था। एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि कार खरीदते समय वायरिंग और सुरक्षा जांच जरूर कराएं और बच्चों को कभी भी गाड़ी में अकेला न छोड़ें।
