बोनस के लालच में एक युवक को आरोपी बना दिया। उसने टारगेट पूरा करने के लिए अपने ही फोटो पर 84 फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर दिए। क्राइम ब्रांच ने उसे बैतूल से दबोच लिया। उसने बोनस की लालच में वारदात करना कबूल किया है। आरोपी ने अपनी बहन और दोस्त के नाम का भी इस्तेमाल उनकी बिना जानकारी के किया। दरअसल, राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में ऑपरेशन FACE के तहत एक ही व्यक्ति के चेहरे का इस्तेमाल कर फर्जी सिम एक्टिवेट करने वाले युवक व POS एजेंट के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने एक टीम बनाई, जिसमें कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन के तहत 3 FACE आइडेंटिफाई किए जो इंदौर शहर से संबंधित थे। कार्रवाई में क्राइम ब्रांच इंदौर ने FACE 1 के आरोपी को शुक्रवार को बैतूल से गिरफ्तार किया, जिसने लगभग 84 फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए।
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि कार्रवाई करते हुए टेलीकॉम कंपनियों से CAF और संबंधित जानकारी निकालने पर पता चला कि लगभग सभी सिम कार्ड एक्टिवेशन में एक ही व्यक्ति के फोटो का इस्तेमाल किया गया। टीम बैतूल पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़ाए युवक का नाम विपिन मगरदे है। कार्ड टारगेट पूरा करने के लिए दिया वारदात को अंजाम
आरोपी से जब टीम ने पूछताछ की तो उसने वारदात को अंजाम देना कबूल किया। उसने ज्यादा बोनस कमाने की लालच में ये सिम एक्टिवेट की। आरोपी विपिन ने पूछताछ में बताया कि उसने विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के सिम कार्ड टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए, जिसमें उसने अज्ञात व्यक्तियों के आधार कार्ड एक्टिवेशन के लिए इस्तेमाल किए और POS एजेंटों के लिए उसने अपनी बहन और दोस्त के नाम का इस्तेमाल भी बिना उनकी जानकारी के किया। आरोपी ने यह भी कबूला कि उसके द्वारा टारगेट पूरा होने पर सिम कार्ड डिएक्टिवेट कर दिए जाते थे। इन धाराओं में पुलिस ने किया केस दर्ज
क्राइम ब्रांच ने दूरसंचार अधिनिमय 2023 की धाराएं 42(3)(e), 42(6) भा.द.वि.1860 की 420 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2008 की 66सी के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दंडोतिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है। ये भी पता किया जा रहा है कि आरोपियों ने इस सिम कार्ड का इस्तेमाल कहां-कहां किया।
