औरंगाबाद में ट्रिपल मर्डर का मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार को एक चाचा ने तीन भतीजे-भतीजी की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गला काटकर सुसाइड करने की कोशिश की। उसकी हालत भी गंभीर बनी है। उसे पटना रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान अनीश कुमार (10), आयुष कुमार (7) और अनुष्का कुमारी ( 5) के रूप में हुई है। घटना हसपुरा थाना क्षेत्र के खुटहन गांव की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… पहले मौके से आई तस्वीरें देखिए… गेट खोलने में देरी हुई तो बच्चों का काटा गला घटना सुबह 10 बजे की है। बच्चों के पिता गुड्डू ट्रेन में पैंट्री कार में खाना बनाने का काम करते हैं। वो वारदात के वक्त ड्यूटी पर थे। घर में मां औऱ् 3 बच्चे ही थे। बताया जा रहा है कि बच्चों का चाचा शुक्रवार की सुबह घर से बाइक पर सवार होकर कहीं निकला था। जब घर पहुंचा तो दरवाजा खटखटाया। उसकी भाभी अनीता देवी नहा रही थी। जिसके कारण दरवाजा खोलने में देरी हुई। दरवाजा खोलने के बाद वह घर में घुसा और फुल साउंड में स्पीकर बजाकर बड़े चाकू से तीनों बच्चों का बारी-बारी से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद का भी गला काट लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी की अभी शादी नहीं हुई है। इसी बात को लेकर भाभी से झगड़ा होता रहता था। अंदर से बंद था बच्चों के कमरे का दरवाजा बच्चों की मां नहाने के बाद जब उनके कमरे में गई तो दरवाजा अंदर से बंद था। स्पीकर की तेज आवाज आ रही थी। काफी चिल्लाने के बाद भी दरवाजा अंदर से नहीं खुला। महिला ने पड़ोसियों की मदद ली। उसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। कमरे की हालत देखकर सभी सन्न रह गए। तीनों बच्चे जमीन पर पड़े थे। उनके गले से खून निकल रहा था। बच्चों को उठाने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने रिस्पॉन्स नहीं किया। तब पड़ोसी समझ गए कि सभी बच्चों ने दम तोड़ दिया है। आरोपी ने भी अपना गला रेता था, लेकिन दर्द की वजह से वो अपना गला पूरी तरह रेत नहीं पाया। लोगों ने जब उसे हिलाया तो वो दर्द से कराहने लगा। गांव वाले उसे तुरंत उठाकर सदर अस्पताल ले गए। उसकी हालत को देखते हुए आरोपी चाचा को पटना रेफर कर दिया गया है। पड़ोसी बोले- बच्चे रोज हमारे सामने खेलते थे पड़ोस में रहने वालों ने बताया कि अंदर घुसते ही दूसरे वाले कमरे में 4 लोग जमीन पर पड़े थे। अंदर का नजारा दहला देने वाला था। वो बच्चे हमारे सामने रोज खेला करते थे। अंकल-अंकल कहते थे। जमीन पर 3 बच्चे थे और एक उनका चाचा पड़ा था। सभी के गले से खून बह रहा था। पहले लगा कि सब मर चुके हैं। थोड़ी देर बाद चाचा की सांस चलती दिखाई दी। आसपास के लोगों की मदद से हमने उसे अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए ले गई। किस हालत में मिली बच्चों की बॉडी तीनों बच्चों के शव एक कमरे से मिले हैं। बॉडी एक साथ ही पड़ी थी। तीनों के गले पर गंभीर घाव हैं। कमरे में चारों ओर खून बिखरा है। पास ही चाचा भी पड़ा है। उसके भी गले से खून निकल रहा है। पास ही बड़ा सा चाकू दिखाई दे रहा है। साउंड बॉक्स भी टूटा पड़ा है। ट्रिपल मर्डर के लिए हाई साउंड में स्पीकर बजाया जिस तरह मर्डर किए गए हैं उससे समझ आता है कि आरोपी ने तीनों बच्चों की हत्या का प्लान पहले ही बना लिया था। घर में घुसने के बाद उसने बच्चों को घर में बंद किया। इसके बाद तेज आवाज में स्पीकर बजाने लगा और फिर एक-एक बच्चों को पकड़ने के बाद उसका गला रेत डाला। स्पीकर बजाने के पीछे आरोपी का मकसद ये था कि कोई बच्चों की आवाज ना सुन पाए। डॉक्टर बोले- चाचा की हालत गंभीर है चाचा का इलाज करने वाले डॉक्टर संजय कुमार ने बताया, उसका गला कटा हुआ था। गले पर गंभीर घाव था। देखकर लगता है कि किसी शार्प ऑब्जेक्ट से हमला किया गया है। उसकी स्थिति अभी ठीक नहीं है। हमने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया है। इन 3 एंगल्स पर पुलिस कर रही जांच
