Homeमध्यप्रदेशडॉ. हेमलता मामला, आईएमए अध्यक्ष के पास फिर आया मैसेज:लिखा-हमारी दुआएं लीजिए......

डॉ. हेमलता मामला, आईएमए अध्यक्ष के पास फिर आया मैसेज:लिखा-हमारी दुआएं लीजिए… वेंटीलेटर पर 200 दिन का आराम मिले,डॉ.रिचा बोलीं-मोबाइल हेमलता की बहन के पास

डॉ. रिचाजी ने मेरी शिकायत पुलिस से की कि डॉ. हेमलता का परिवार उन्हें बद्दुआ दे रहा है। रिचाजी, दीदी का अपहरण करते वक्त अपने और डॉ. सुमन ने मुझे बद्दुआ ही दी थी। खैर हमारी दुआएं लीजिए। आप और आपके सफेदपोश संगी साथी दीर्धायु हों और आपके अपहरण के बाद आप सभी को शानदार आईसीयू के वेंटीलेटर में 20 नहीं 200 दिन का आराम मिले। फिर पीएम और मरचुरी… ये मैसेज आ रहे हैं डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के मोबाइल से आईएमए की अध्यक्ष रिचा शर्मा को, जिसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर और एएसपी से की है। बावजूद इसके अभी तक इम मामले में कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि डॉ. हेमलता के मोबाइल से छोटी बहन कनकलता मिश्रा मैसेज कर रही हैं, जबकि यहां पर जबलपुर पुलिस उनके मोबाइल को गुम बता रही है। तीन दिन से लगातार आ रहे मैसेज जबलपुर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की इलाज के दौरान 16 फरवरी को मौत हो गई थी। तभी से उनका मोबाइल गायब है। पुलिस लगातार जिसे तलाश भी कर रही है। डॉ. के गायब मोबाइल से आईएमए की अध्यक्ष डाॅ. रिचा शर्मा के वॉट्सऐप पर ऐसे मैसेज आ रहे हैं, जिनको लेकर वो परेशान हैं। आईएमए अध्यक्ष ने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एएसपी सूर्यकांत शर्मा से शिकायत करते हुए मोबाइल को जब्त कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जो कि मैसेज कर रहे हैं। डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के गायब हुए मोबाइल से शनिवार सुबह मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि ”माफ करें…मोबाइल कानूनी तौर पर मेरे पास है। डॉ. हेमलता के परिवार ने उन सभी को श्राप दिया है, जिन्होंने उन्हें अगवा किया, प्यास से तड़पाया। भूखा रखा, फिर वेंटिलेटर, पोस्टमार्टम और फिर मर्चुरी में रखा। मानवता पर यह एक वास्तविक कलंक है।” उसके बाद रविवार और फिर मंगलवार को भी दुर्भावनापूर्ण मैसेज आ रहे हैं। डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि इस तरह के मोबाइल पर मैसेज करते हुए मुझे टारगेट किया जा रहा है। यह भी हो सकता है कि कल मेरे साथ कुछ अनहोनी हो जाए। उन्होंने बताया कि आज भी मोबाइल पर डॉ. हेमलता की डीपी लगी हुई है। रिचा शर्मा का कहना है कि यह मोबाइल उनकी छोटी बहन के पास है, जो कि माउंटआबू में रहती है। जान लें क्या लिखा है मैसेज में पुलिस ने क्यों तलाश नहीं किया मोबाइल डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि 27 जनवरी को जब डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था, तब से उनका मोबाइल गायब है। 2 से 5 फरवरी के बीच जब उनके स्वास्थ्य में सुधार आया तो उन्होंने ढूंढ़ा, पर नहीं मिला। 15 फरवरी को हेमलता श्रीवास्तव की मौत हो गई, तब भी वह नहीं मिला। उनकी मौत के 33 दिन बाद से अब इस तरह के मैसेज आ रहे हैं, जो कि सीधे-सीधे धमकी से भरे हैं। डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि उनका मोबाइल छोटी बहन कनकलता मिश्रा के पास है, इसके बावजूद आज तक पुलिस ने इस पर कार्रवाई नहीं की और मोबाइल को जब्त नहीं किया। आज भी वह मोबाइल चालू है। मुझे बताया जा रहा है अपहरणकर्ता डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि मैसेज में मुझे और सभी डाक्टरों को सफेदपोश अत्याचारी और अपहरणकर्ता बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मैसेज पढ़ने के बाद अब हमें भी सुरक्षा की जरुरत आन पड़ी है। इस तरह के मैसेज भेजकर सामने वाला सीधे-सीधे धमकी दे रहा है कि हमारा अपहरण हो सकता है। आईसीयू में वेंटीलेटर पर जा सकते हैं। डॉ रिचा शर्मा ने इस तरह के मैसेज को लेकर साइबर में भी शिकायत की है पर आज तक कार्रवाई ना होने से वह चिंता में है। उन्होंने जबलपुर पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के मैसेज पर विराम लगाया जाए और मोबाइल जब्त करते हुए कार्रवाई की जाए। जांच जारी है-मोबाइल किया जाएगा जब्त डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि किसी अन्य ग्रुप में भी डॉ. हेमलता के मोबाइल से मैसेज किए गए हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि… जैसे तुमने दीदी के अपहरण के दौरान सार्वजनिक रूप से मरने का श्राप दिया था, मैं इसका इस्तेमाल नहीं कर रही हूं, मुझे इसे सक्रिय रखने का निर्देश दिए गए हैं। आईएमए अध्यक्ष डॉ. रिचा शर्मा की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि जांच जारी है। बताया जा रहा है कि डॉ. हेमलता का मोबाइल जो कि गुम है, वह उनकी छोटी बहन कनकलता मिश्रा के पास है, जल्द ही उसे मंगवाया जा रहा है। डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का राइट टाउन स्थित 2400 स्केवर फीट में फैला बंगला है, जिसकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपए आंकी गई है। 16 फरवरी को इलाज के दौरान डॉ. हेमलता की मौत हो गई थी। प्रापर्टी में कई लोगों ने अपना अधिकार जमाने की कोशिश की थी। संपत्ति पर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अपने अधीन कर ली है। 27 जनवरी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था आईएमए के सदस्यों ने 26 जनवरी को राइट टाउन स्थित उनके घर से उन्हें रेस्क्यू कर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वेंटिलेटर पर रखने के बाद जब उनकी तबीयत में सुधार हुआ, तो 2 फरवरी को वेंटिलेटर हटा दिया गया और उन्होंने सभी से बातचीत की। इसके बाद 5 फरवरी की शाम को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और 16 फरवरी को उनका निधन हो गया। यह खबर भी पढ़ें.. 1. डॉ. हेमलता का निधन, 60 करोड़ की संपत्ति अब किसकी? जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके 60 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति पर विवाद बढ़ गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन नगर निगम की पाई गई, कुछ हिस्सों को गिफ्ट और कुछ दान किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… 2. रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरन ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर 3. करोड़पति डॉक्टर को भूख से मारने की साजिश बार-बार कहा कि भूख लगी है, खाना दो, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। हालत यह थी कि जब एक दिन सात चम्मच पानी मिला, तब एहसास हुआ कि मैं तीन से ज्यादा चम्मच पानी भी पी सकती हूं। जबलपुर की बुजुर्ग सीनियर डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के साथ हुई हैवानियत का खुलासा खुद उन्होंने रेस्क्यू के बाद किया है। डॉक्टर हेमलता ने बताया कि उन्हें पीने के लिए दिनभर में सिर्फ तीन चम्मच पानी दिया जाता था। खाना कभी नहीं दिया। पूरी खबर पढ़ें…

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