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फरियादी की मोबाइल कॉल डिटेल:दुश्मनों को फंसाने खुद को मारी गोली, लोकेशन से खुला राज; तीन गिरफ्तार

ग्वालियर पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरी घटना फर्जी थी। फरियादी ने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए खुद ही अपने ऊपर गोली चलाई थी। पुलिस ने मामले में फरियादी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से कट्‌टा व चला हुआ कारतूस बरामद कर लिया है। घटना 4 फरवरी 2026 को बन्हेरी गांव आरोन की है। घटना में पुलिस ने हमलावरों को हत्या के प्रयास के मामले में नामजद कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन जब पुलिस आरोपियों के दरवाजे पर पहुंची तो पता लगा कि कहानी कुछ और है। इसके बाद पुलिस ने फरियादी, उसके दो खास साथी उनके मोबाइल की कॉल डिटेल व लोकेशन पर काम किया। इस जांच में कई सुराग मिले और उनको साथ रखकर तीनों से अलग-अलग पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि दुश्मनों को फंसाने खुद को गोली मारी गई थी। मामला संदिग्ध लगा तो लोकेशन निकलवाई एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि 35 वर्षीय नीतेश पुत्र नंदकिशोर रावत निवासी ग्राम बन्हेरी ने आरोन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उस पर हमला कर गोली मारी गई है। नीतेश रावत ने पुलिस को बताया कि उसे गांव के ही उमराव रावत, हरी उर्फ बनिया रावत, नरेश रावत, कैवरन रावत, धनसिंह रावत, रामराजा रावत, हरी सिंह रावत, रणवीर रावत, उदयभान रावत, मर्दन रावत, रन्धौर रावत, रामकिशन रावत ने गोली मारी है, जो उसकी कमर में लगी है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की और जांच में जुट गई। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा था, इसलिए जो फरियादी थे उनके मोबाइल जांचे गए तो कॉल रिकार्ड में बात करते हुए पाए गए कि केस झूठा दर्ज कराया गया है, क्योंकि जिनके नाम गोलीकांड में लिखाए गए हैं उनसे पहले से दुश्मनी चल रही है। निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए यह पूरा षडयंत्र रचा गया। झूठी एफआईआर की साजिश रचने वालें तीन गिरफ्तार एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जब सबूत फरियादी के खिलाफ ही निकले तो उसकी धरपकड़ के लिए एडिशनल एसपी जयराज कुबेर तथा एसडीओपी घाटीगांव शैलेन्द्र शर्मा को कहा गया। टीम में मोहना टीआई रशीद खान, थाना प्रभारी आरोन अभिनव शर्मा, थाना प्रभारी बेलगढ़ा महेन्द्र कुमार प्रजापति की अलग-अलग टीम बनाई गईं। टीम ने मुखबिरों का जाल फैलाया और रघुवीर सिंह रावत, अजब सिंह रावत तथा नीतेश रावत को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 315 बोर का कट्टा, चला हुआ कारतूस तथा 2 जिंदा राउंड बरामद किए हैं। कुबूल किया कि दुश्मनों को फंसाने खुद मारी थी गोली पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अजब सिंह रावत ने बताया कि उसने खुद को 315 बोर के कट्टे से कमर में गोली मार ली थी। उसके बाद अजब सिहं, नीतेश रावत, रघुवीर रावत द्वारा षडयंत्र कर दुश्मनी के चलते दूसरे पक्ष उमराव रावत, हरी उर्फ बनिया रावत, नरेश रावत, कैवरन रावत, धनसिंह रावत, रामराजा रावत, हरी सिंह रावत, रणवीर रावत, उदयभान रावत, मर्दन रावत, रन्धौर रावत, रामकिशन रावत निवासीगण ग्राम बन्हेरी के खिलाफ हत्या का प्रयास की रिपोर्ट लिखाने की योजना बनाई थी। आरोपियों का कहना था कि प्लानिंग कई बार बनाई और उसके बाद अमलीजामा पहनाया, लेकिन बच नहीं सके।
पुलिस का कहना है
एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह का कहना है कि मामले की जब गंभीरता से जांच की गई तो फरियादी ही आरोपी निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर गांव की दुश्मनी का बदला लेने खुद को गोली मारी थी। पुलिस के सामने दुश्मनों के नाम लिए थे। जांच में खुलासा होने के बाद असल आरोपियों को पकड़ लिया है।

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