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एक्सपर्ट बोले- कम बिजली लोड से भी EV को खतरा:100% की जगह 80% ही चार्ज करें कार, वायर-चार्जर से ना करें समझौता

इंदौर के एक घर में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक कार (टाटा पंच) में शॉर्ट सर्किट से आग भड़क गई। आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हैं। बृजेश्वरी ऐनेक्स कॉलोनी में हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। वहीं लोगों को सोचने पर भी मजबूर कर दिया। बता दें कि आज के दौर में कई लोग इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कार चार्जिंग को लेकर कई सेफ्टी नॉर्म्स है, जिसका ध्यान रखना जरूरी हैं। दैनिक भास्कर ने ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट हर्षवर्धन चौहान से बातचीत की और इनके बारे में जाना। EV कार खतरनाक नहीं, इसके लिए कुछ तय मानक ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स व सैल्स मैनेजर प्रीमियम कार हर्षवर्धन चौहान की मानें तो EV कार खतरनाक नहीं है। इसके लिए कुछ तय मानक हैं। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने इसे अप्रूव भी किया है। कार के सभी टेस्ट किए हैं। EV कार में आग शार्ट सर्किट के कारण, वोल्टेज फ्लक्चुएशन बहुत ज्यादा है तो ऐसा हो सकता है। वोल्टेज फ्लक्चुएशन के लिए स्टेपलाइजर होना जरूरी है। आग लगने का कारण बैटरी ही नहीं अन्य कारण भी हो सकते हैं। आग लगने का कारण ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट या गलत क्वालिटी का लोकल चार्जर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो भी आग लग सकती है, और भी कारण हो सकते हैं। क्योंकि यूरोपियन सेफ्टी नॉम्स के हिसाब से ही गाड़ी पास होती है। ऐसा नहीं है कि कंपनियां ध्यान नहीं रखती है। पचास कंट्री में चल रही हैं। EV कार की बैटरी में सेल्स ही रहते हैं और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (‌BMS) होता है, जो पूरी गाड़ी की पॉवर को कंट्रोल करता है। फार्स्ट चार्जर से ओवरनाइट चार्जिंग नहीं करना चाहिए यही बताता है कि गाड़ी को कब चार्ज करना, कितना करना है। गाड़ी कैसे चल रही है। EV गाड़ी की बैटरी सिल्ड होती है और इसके ऊपर फायर प्रूफ कोटिंग होती है। एकदम से इसमें आग नहीं लगती है। EV कार में बैटरी टेम्प्रेचर मैनेजमेंट होता है। अगर आप स्टैंडर्ड चार्जर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो रातभर भी चार्जिंग पर लगा सकते हैं। अगर आप फार्स्ट चार्जर से चार्ज कर रहे हैं तो ओवरनाइट चार्जिंग नहीं करना चाहिए। EV कार में ओवरचार्जिंग नहीं होती है, क्योंकि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम उसके कटऑफ कर देता है, जैसा मोबाइल फोन में होता है। अगर मीटर में स्पार्किंग हो तो भी कार में आग लग सकती है। खतरा तब ज्यादा होता है, जब वायरिंग मैनेजमेंट खराब हो या लोड का इश्यू हो। कहीं से आते ही चार्जिंग पर ना लगाएं कार ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट व सैल्स मैनेजर प्रीमियम कार लाउंज हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि अगर आपके पास इलेक्ट्रिक कार है तो इन बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी है। जैसे कि अगर आप इलेक्ट्रिक कार से लॉन्ग रूट से या लॉन्ग ट्रेवल करके आते हैं तो आते ही कार को चार्जिंग पर कभी नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि कार पहले ही लॉन्ग ट्रेवल करके आई है। उस वक्त कार गर्म रहती है। इसलिए कुछ घंटे का रेस्ट देना चाहिए, ताकि कार ठंडी हो जाए। दो से तीन घंटे बाद ही कार को चार्जिंग पर लगाया जाना चाहिए। कार को ओवर चार्जिंग नहीं करना चाहिए। फास्ट चार्जर से नॉर्मल चार्जर ज्यादा अच्छा होता है जब आप इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते हैं तो जहां से आप चार्ज कर रहे है वहां एमसीबी होना भी जरूरी है। इससे सिक्योरिटी बढ़ जाती है और शॉर्ट सर्टिक की संभावना कम हो जाती है। इलेक्ट्रिक कार को फास्ट चार्जर की बजाए नॉर्मल चार्जर से ही चार्ज करें, क्योंकि फास्ट चार्जर से नॉर्मल चार्जर ज्यादा अच्छा होता है। फास्ट चार्जर के कारण कार के बैटरी जल्दी गर्म हो जाती है। अगर रातभर चार्ज करना है तो भी नॉर्मल चार्जर से ही चार्ज करें। चार्जर की वायर्स की क्वालिटी से समझौता ना करें हर्षवर्धन बताते हैं कि कार को जिस चार्जर से चार्ज किया जाता है उन वायर की क्वालिटी अच्छी होना चाहिए। कभी भी वायर की क्वालिटी से समझौता ना करें। इसके अलावा कार को चार्जिंग पर लगाने से पहले चार्जर और वायरों को चेक कर लेना चाहिए, कि कहीं कोई वायर कटी हुई तो नहीं है। इन बातों का ध्यान रखने से हादसों की संभावना कम हो जाती है। साथ ही ये भी चेक कर लें कि जिस प्लग में आप पीन लग रहे है वह लूज तो नहीं है। वहां आसपास पानी तो नहीं आ रहा है। क्योंकि ऐसे में भी शार्ट सर्टिक होने का खतरा बन जाता है। इसके साथ ही घर में फायर एक्सटिंगविशर रखें, ताकि अप्रिय घटना होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। घर का लोड ज्यादा होना चाहिए इसके अलावा इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि बैटरी अगर 8 से 10 वॉल्ट की है तो घर का लोड इससे ज्यादा होना चाहिए। क्योंकि घर में और भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होते हैं जो लगातार चलते रहते हैं, इसलिए लोड ज्यादा होना चाहिए जिससे इन चीजों पर लोड कम आए। इसके अलावा कंपनी द्वारा जो सेफ्टी नॉर्म्स दिए जाते हैं उन्हें ध्यान से पढ़ाना चाहिए। उसी के अनुसार सारी चीजें करना चाहिए। 100% के बजाए 80% ही चार्ज करना चाहिए हर्षवर्धन बताते हैं कि EV कार को 100% चार्ज नहीं करना चाहिए। इन कारों को 80 से 85% तक ही चार्ज करना चाहिए। कोशिश करें कि इतना ही चार्ज करें, फुल चार्ज ना करें। इससे बैटरी की हेल्थ पर भी असर होता है। रातभर भी चार्ज कर रहे हैं तो ये ध्यान रखे ही 80-82% ही चार्ज हो, क्योंकि नॉर्म्स के हिसाब से इतना ही चार्ज करना चाहिए। ओवरहीट होने के कारण बैटरी जल्दी खराब हो जाती है। धूप में ना खड़ी करें कार, स्टैंडर्ड चार्जर का इस्तेमाल वे बताते हैं कि EV कार को चार्जिंग के दौरान धूप में नहीं खड़ी करना चाहिए। उसे शेड के नीचे और खुली जगह पर रखना चाहिए। क्योंकि धूप के कारण गाड़ी हीट हो सकती है और इसका असर भी बैटरी पर हो सकता है। वे बताते हैं कि स्टैंडर्ड चार्जर से चार्ज करने पर बैटरी की लाइफ अच्छी रहती है। गाड़ी हीट भी नहीं करती और सेफ्टी भी रहती है। कंपनी गाड़ी के साथ सेफ्टी नॉर्म्स भी देती है, इन मैन्युअल को पढ़कर ही सारी चीजें करना चाहिए, ताकि कोई दिक्कत ना आए। ये सब दिया ही इसलिए जाता है कि कस्टमर इसे पढ़ सके। जीएसआईटीएस के एक्सपर्ट प्रो शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि – घटना में कार की परिस्थितियां देखकर आंतरिक कारण लग रहे हैं। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। केबल अधूरी जली हुई है। ऐसे में संभव है कि बैटरी का ऑटो कट सिस्टम या ऑन बोर्ड चार्जर कंटोलर फेल हो गया। इससे आग लगी और बैटरी में विस्फोट की स्थिति बनी है। लूज कनेक्शन के कारण हीटिंग भी एक कारण हो सकता है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में EV ब्लास्ट, एक साथ 7 चिताएं जलीं इंदौर में इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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