धार जिले के बाग थाना क्षेत्र में नकली इनकम टैक्स और CBI अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 6 आरोपी अभी भी फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ 35 लाख 57 हजार रुपए के सोने के आभूषण, नगदी, घटना में प्रयुक्त वाहन, कई धारदार हथियार और पुलिस की वर्दी बरामद की गई है। इस गिरोह ने वारदातों की योजना बनाने के लिए बॉलीवुड फिल्म “स्पेशल 26” देखी थी। पूरा मामला धार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आया। इस दौरान आईजी इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। इनकम टैक्स और सीबीआई अधिकारी बनकर आए थे 13 मार्च 2026 को बाग के ब्राह्मण मोहल्ला निवासी राजकुमार मालवी ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सुबह 9:30 बजे कुछ लोग इनकम टैक्स और सीबीआई अधिकारी बनकर उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने फर्जी रेड का नाटक किया, परिवार को बंधक बनाकर सोने के आभूषण और नगदी लूटकर फरार हो गए। आईजी अनुराग, डीआईजी मनोज कुमार सिंह और एसपी मयंक अवस्थी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज 10 घंटे में आरोपियों की पहचान की और 48 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। करणी सेवा महामंडलेश्वर की नंबर प्लेट लगाई जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड शहजाद था। गिरोह के सदस्य स्थानीय संपन्न लोगों की जानकारी जुटाकर डकैती को अंजाम देते थे। वारदात के दौरान स्कॉर्पियो वाहन पर “करणी सेवा महामंडलेश्वर” नंबर प्लेट लगाई जाती थी, ताकि लोग उन्हें धार्मिक संगठन का वाहन समझें। आरोपियों ने “स्पेशल 26” जैसी फिल्मों से प्रेरणा लेकर नकली रेड की योजना बनाई। पुलिस ने यह भी बताया कि इसी तरह की वारदात 12 मार्च को खंडवा जिले के नर्मदानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पामाखेड़ी में हुई थी। धार और खंडवा पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों की तलाश की। आरोपी घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो को जंगल में छोड़कर अर्टिगा से फरार हुए। यह सामान किया गया बरामद 8 गिरफ्तार और 6 आरोपी हुए फरार खंडवा और धार में की वारदात आईजी अनुराग सिंह ने बताया कि 12 मार्च को खंडवा जिले में पहली वारदात हुई थी, जिसमें आरोपियों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में एक 12 बोर की बंदूक और 27 कारतूस भी लूटे गए थे। इसके बाद 13 मार्च को धार जिले के बाग में दूसरी बड़ी वारदात हुई, जिसमें करीब 10 बदमाश इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ब्राह्मण मोहल्ला निवासी राजकुमार मालवीय के घर पहुंचे और करीब 50 से 60 तोला सोना, गहने और नगदी लूटकर फरार हो गए। आईजी ने बताया कि गिरोह वारदात से पहले स्थानीय लोगों को भी अपने साथ जोड़ लेता था और ऐसे घरों की जानकारी जुटाई जाती थी जहां अधिक सोने-चांदी के आभूषण और नगदी रुपए मिलने की संभावना होती थी। गिरोह में तीन-चार मास्टरमाइंड होते थे, जो करीब एक से डेढ़ महीने तक पूरी योजना बनाते थे और फिर वारदात को अंजाम देते थे। धार में 14 लोगों ने वारदात को दिया था अंजाम
धार के बाग में हुई इनकम टैक्स लूट की वारदात में कुल 14 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस के अनुसार करीब 10 आरोपी ऐसे हैं जो धार और खंडवा दोनों ही घटनाओं में शामिल रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के क्रिमिनल रिकॉर्ड भी खंगाले , जिनमें कुछ के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि कुछ आरोपी नए हैं। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फिल्म स्पेशल 26 देखकर इस वारदात की योजना बनाई थी। गिरोह का मानना था कि अगर वे इनकम टैक्स अधिकारी बनकर रेड डालेंगे तो कोई उनसे सवाल नहीं करेगा और लोग डर जाएंगे। इसी योजना के तहत आरोपी काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचते थे और खुद को इनकम टैक्स टीम बताकर घर में रेड रेड मरते थे। इसके बाद परिवार के लोगों को जमकर डराकर अलग कमरे में बैठा देते थे और फिर वारदात को अंजाम देते थे।
