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सरकारी जमीनों में अतिक्रमण पर सदन में हंगामा:भूपेश बोले- अतिक्रमणकारियों को सरकार का संरक्षण, नारेबाजी करते हुए विपक्ष ने किया वॉकआउट

विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे पर जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सहकारी केंद्रीय बैंक भवन निर्माण का मामला उठाते हुए कहा कि वर्क ऑर्डर, टेंडर और भूमि पूजन के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए निर्माण शुरू नहीं हो पाया। मंत्री केदार कश्यप ने जवाब दिया कि 2023 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन वहां पार्किंग और अन्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए दूसरी जगह जमीन देखी जा रही है। इस पर हर्षिता बघेल ने कहा कि जब पहले ही सभी सुविधाएं देखकर टेंडर और भूमि पूजन हुआ था तो अब देरी क्यों हो रही है और बैंक कब तक किराए के भवन में चलेगा। नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और पूछा कि अतिक्रमण हटाने की तारीख बताई जाए। मंत्री ने कहा कि कलेक्टर को पत्र लिखा गया है और जल्द कार्रवाई होगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया। पश्नकाल में विपक्ष के सवाल और पक्ष का जवाब विधायक ओंकार साहू: प्रदेश में पिछले 3 सालों में ओवरलोडिंग, बिना परमिट और बिना बीमा चलने वाले वाहनों के कितने प्रकरण बने और कितनी राशि वसूली गई? मंत्री केदार कश्यप: इस अवधि में ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बिना बीमा पाए जाने पर 77,810 प्रकरण बनाए गए हैं और उनसे 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपए की वसूली की गई है। भूपेश बघेल: अलग-अलग कितने प्रकरण हैं इसकी जानकारी दीजिए। यह तो सिर्फ लिखित उत्तर है। केदार कश्यप: अलग-अलग आंकड़ों की जानकारी बाद में उपलब्ध करा दूंगा। भूपेश बघेल: लिखित सवाल का भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं मंत्री जी। ओंकार साहू: जवाब में स्पष्ट जानकारी नहीं आई है। जिलेवार डाटा आना चाहिए था, कम से कम बिना परमिट वाहनों की जानकारी ही दे दीजिए। भूपेश बघेल: मंत्री जी की तैयारी नहीं है, ना ‘क’ का जवाब आ रहा है ना ‘ख’ का। केदार कश्यप: फिटनेस की जानकारी मैंने दी है। 2023 में फिटनेस के 88,096 मामले थे, जिनमें 87,046 पास हुए। भूपेश बघेल: पहले निरंक बताया, अब आंकड़े बता रहे हैं। इसका मतलब तैयारी नहीं है। ओंकार साहू: विभाग की तैयारी शून्य है, इसे अगले दिन के लिए रखा जाए। अजय चंद्राकर: प्रश्न पूछने का अधिकार है, लेकिन धमकाने का नहीं। संगीता सिन्हा: हमने कोई धमकी नहीं दी, आप आरोप लगा रहे हैं। सभापति: जो प्रश्न पूछा गया था उसका लिखित उत्तर दिया गया है। अगर अंतिम पूरक प्रश्न करना है तो कर लीजिए। भूपेश बघेल: विभाग में मंत्री का कंट्रोल नहीं है और सही जवाब नहीं मिल रहा, इसलिए हम इसका बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर रहे हैं।
सदन में आगे और क्या नेशनल हेराल्ड को दिए विज्ञापन का मुद्दा भी उठेगा सदन में बीजेपी विधायक रेणुका सिंह नेशनल हेराल्ड को दिए गए विज्ञापनों का मुद्दा भी उठाएंगी। इस मामले में सरकार से जानकारी मांगी जाएगी कि किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत यह विज्ञापन जारी किए गए। रायपुर स्मार्ट सिटी के सौंदर्यीकरण पर ध्यानाकर्षण सदन में ध्यानाकर्षण के दौरान रायपुर स्मार्ट सिटी में सौंदर्यीकरण के नाम पर अनियमितताओं का मामला भी उठेगा। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक और धर्मजीत सिंह इस विषय पर नगरीय प्रशासन मंत्री का ध्यान आकृष्ट करेंगे। विधायक इस योजना के तहत किए गए कामों और खर्च को लेकर सवाल उठा सकते हैं। इसके साथ ही परियोजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
………………………. बजट सत्र से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अफीम की खेती पर विधानसभा में नारेबाजी, हंगामा: महंत बोले- छत्तीसगढ़ को अफीम का कटोरा बनाना चाहती है सरकार, गर्भगृह में पहुंचे 29 विधायक सस्पेंड छत्तीसगढ़ विधानसभा में दुर्ग जिले के समोदा में अफीम की खेती के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने स्थगन लाकर मामले की चर्चा कराने की मांग की, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए विपक्षी विधायक आसंदी तक पहुंच गए और गर्भगृह में भी हंगामा किया। इस दौरान 29 विपक्षी विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…

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