रायसेन जिले में गर्मी की शुरुआत से पहले ही बेतवा नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। मार्च के पहले सप्ताह में ही नदी की धार कई स्थानों पर टूट गई है। सांची रोड स्थित पुल के पास नदी लगभग सूख चुकी है, जहां तलहटी के पत्थर साफ दिखाई दे रहे हैं। नदी का यह हिस्सा अब सड़क जैसा प्रतीत हो रहा है। जलस्तर घटने का एक प्रमुख कारण किसानों द्वारा अपनी गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए नदी से पानी निकालना बताया जा रहा है। बेतवा नदी जिले के लगभग 80 किलोमीटर क्षेत्र में बसे 125 से अधिक गांवों के लिए पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत है। हालांकि, इस वर्ष स्थिति ऐसी है कि नदी में कई स्थानों पर पानी केवल टुकड़ों में ही बचा है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि मार्च में ही यह स्थिति है, तो अप्रैल और मई की भीषण गर्मी में हालात और गंभीर हो सकते हैं। नदी की धार टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। इसी बीच, जिले में गर्मी का असर भी बढ़ने लगा है। रात में तापमान बढ़ने के कारण लोग कूलर और पंखों का उपयोग करने लगे हैं। रायसेन में दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। दिन के समय सूरज की किरणें भी तेज हो गई हैं, जिससे गर्मी लगातार बढ़ रही है।
