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जस्टिस धर्माधिकारी मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे:एमपी हाईकोर्ट में 24 साल की प्रैक्टिस की, केरल स्टोरी-टू मामले में भी की सुनवाई

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रहे जस्टिस धर्माधिकारी मद्रास हाईकोर्ट के अगले चीफ जस्टिस होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद गुरुवार को केंद्र के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही वे मप्र हाईकोर्ट से अन्य राज्यों में चीफ जस्टिस बनने वाले 17वें न्यायाधीश बन गए हैं। 8 जुलाई 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी का अपॉइंटमेंट मद्रास हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव के रिटायरमेंट के दिन 5 मार्च को हुआ है। 8 जुलाई, 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी ने 1992 में अपना लीगल करियर शुरू किया। उन्होंने दो दशकों से ज्यादा समय तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की, जिसमें सिविल, क्रिमिनल और कॉन्स्टिट्यूशनल मामले में सटीक पैरवी की। उन्होंने 2000 से 2015 तक यूनियन ऑफ इंडिया के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर काम किया। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट सहित कई सरकारी संस्थाओं और पब्लिक सेक्टर इंस्टीट्यूशन को सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर रिप्रेजेंट किया। जस्टिस धर्माधिकारी को 7 अप्रैल, 2016 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का एडिशनल जज अपॉइंट किया गया था और 17 मार्च, 2018 को परमानेंट जज के तौर पर कन्फर्म किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर प्रमोट होने से पहले, उन्हें 23 अप्रैल, 2025 को केरल हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। जज बनने से पहले जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में करीब 24 साल तक वकील के रूप में काम किया। अप्रैल 2025 में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर बताया था कि भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 222 के तहत उनके तबादले को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 मार्च, 24 मार्च और 3 अप्रैल 2025 को हुई बैठकों में जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से केरल हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी। मध्यप्रदेश से केरल ट्रांसफर होकर गए जस्टिस धर्माधिकारी ने गुरुवार को ही केरल स्टोरी टू मामले की भी सुनवाई की थी। जस्टिस अरविंद धर्माधिकारी उस बेंच (खंडपीठ) में शामिल थे, जिसने एकल जज के अस्थायी आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की। उस आदेश में फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ की रिलीज 15 दिनों के लिए रोक दी गई थी। जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस पीवी बालकृष्णन की पीठ ने गुरुवार को देर शाम लगभग दो घंटे की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह की ओर से एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के बाद दलीलें सुनने के बाद पीठ ने टिप्पणी की कि फिल्म के सर्टिफिकेशन का विरोध करने वाली याचिकाएं जनहित याचिका (PIL) की प्रकृति की थीं।

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