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कहीं ड्यूटी को लेकर विवाद, कहीं रातभर काम की शिकायत:एमपी में पटवारियों को 50 लाख रजिस्ट्री का टारगेट, बोले- त्योहार पर भी रात में काम कर रहे

स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री देने का लक्ष्य पूरा करने की जल्दबाजी अब मैदानी कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है। एमपी में पटवारियों को सुबह से देर रात तक फील्ड में काम करना पड़ रहा है। पटवारियों का आरोप है कि लक्ष्य पूरा कराने के लिए कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों के स्तर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। प्रमुख त्योहारों और शासकीय अवकाश के दिन भी ड्यूटी पर बुलाए जाने से पटवारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि ‘क्या हम त्योहार के समय पर रात तक काम करते रहें’। काम के इसी दबाव के बीच बैतूल में ड्यूटी से लौट रहे पटवारी कमलेश धुर्वे की सड़क हादसे में मौत हो गई। वहीं, डिंडौरी की शहपुरा तहसील में त्योहारों के दौरान अवकाश के दिन काम कराने को लेकर एसडीएम और पटवारी संघ आमने-सामने हैं। दूसरी ओर, मुफ्त रजिस्ट्री के लिए इस्तेमाल होने वाले सरकारी एप और सर्वर की तकनीकी दिक्कतें भी काम में देरी कर रही हैं। ऐसे में 50 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा करने की चुनौती के बीच पटवारियों के काम के घंटे, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सुबह 7 से रात 10 बजे तक फील्ड में रहने की शिकायत पटवारियों का कहना है कि रजिस्ट्री का काम समय-सीमा में पूरा कराने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। कई जगह उन्हें सुबह 7 बजे से रात 9-10 बजे तक फील्ड में रहकर काम करना पड़ रहा है। लक्ष्य पूरा करने की जल्दबाजी में त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भी काम कराया जा रहा है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है। संघ पदाधिकारियों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में काम के दौरान कुछ पटवारियों को लोगों की अभद्रता का भी सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते काम और असुरक्षित परिस्थितियों के बीच कर्मचारियों की सुरक्षा और काम के घंटे तय करने की मांग उठ रही है। बैतूल में ड्यूटी से लौटते पटवारी की सड़क हादसे में मौत बैतूल जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क हादसे में पटवारी कमलेश पिता श्यामू धुर्वे (35) निवासी बरसाली की मौत हो गई। कमलेश की ड्यूटी घोड़ाडोंगरी में थी। सोमवार को ड्यूटी पूरी करने के बाद वे बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान खमालपुर गांव की पुलिया के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल कमलेश को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पटवारी संघ ने मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा और देर तक काम कराने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, हादसे के कारणों की जांच जारी है और इसे काम के दबाव से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। डिंडौरी में त्योहारों की छुट्टी पर काम कराने को लेकर विवाद डिंडौरी जिले की शहपुरा तहसील में त्योहारों के दौरान अवकाश के दिन काम कराने को लेकर पटवारी संघ ने नाराजगी जताई है। संघ के जिला अध्यक्ष सोहन साहू ने एसडीएम फरहान इरफान जमादार पर हिंदू त्योहारों और कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। साहू के मुताबिक, पहले सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या और गणेश चतुर्थी के अवकाश पर काम कराया गया। नवरात्रि के पहले दिन बैठक आयोजित की गई और त्योहार के दौरान घर-घर नोटिस चिपकवाए गए। अब दिवाली के शासकीय अवकाश में भी काम कराने का आरोप है। साहू का दावा है कि यह स्थिति शहपुरा तहसील में ही सामने आ रही है। एसडीएम फरहान इरफान जमादार ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी का अवकाश नहीं रोका जा रहा है और जरूरत के अनुसार छुट्टी दी गई है। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर का अवकाश शासन के आदेश से रोका गया है और कर्मचारियों की भावनाओं का ध्यान रखा जाता है। पटवारियों को ‘बकरे’ कहने का आरोप पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष सोहन साहू ने एसडीएम पर पटवारियों को ‘बकरे’ कहने और बकरे की तरह हलाल करने की बात कहने का आरोप भी लगाया है। साहू के मुताबिक, एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक हिंदू भजन गायिका महिला कर्मचारी को भी लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन मामलों की शिकायत शासन से की गई है। साहू ने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शिकायतों पर चुप्पी साध रखी है। इन आरोपों पर एसडीएम का पक्ष है कि कर्मचारियों की छुट्टियां जरूरत के मुताबिक दी जाती हैं। मामले में लगाए गए अन्य आरोपों पर उनका विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है। सरकारी एप और सर्वर भी बन रहे बाधा प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी के मुताबिक, मुफ्त रजिस्ट्री के काम में सरकारी सर्वर और एप की तकनीकी समस्याएं भी परेशानी बढ़ा रही हैं। कभी सारा एप, कभी संपदा एप, कभी वेबजीआईएस और कभी दूसरे एप में तकनीकी दिक्कतें आती हैं। इन त्रुटियों के कारण पटवारियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और रजिस्ट्री का काम प्रभावित होता है। सैनी का कहना है कि तकनीकी बाधाओं के बावजूद लक्ष्य पूरा करने का दबाव कर्मचारियों पर बना रहता है। संघ की मांग है कि सरकार तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करे और काम की समय-सीमा तय करते समय मैदानी कर्मचारियों की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखे। लक्ष्य के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी जरूरी पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों से लगातार लंबे समय तक काम कराना और उनकी सुरक्षा की अनदेखी करना उचित नहीं है। संघ ने काम के घंटे तय करने, त्योहारों पर अवकाश देने, फील्ड में सुरक्षा सुनिश्चित करने और तकनीकी समस्याओं को दूर करने की मांग की है। ये खबर भी पढ़ें… जहां 100% रजिस्ट्री, वहां गांव में दिवाली मनाएंगे मंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को स्वामित्व योजना के उन गांवों में जाकर दिवाली और गोवर्धन पूजा उत्सव मनाने के निर्देश दिए हैं, जहां आबादी भूमि पर काबिज हितग्राहियों की 100% रजिस्ट्री हो चुकी है।मंत्रियों को स्थानीय नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी खुशी में शामिल होने और योजना के फायदे बताने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में बताया कि योजना में रजिस्ट्री का आंकड़ा 50 लाख से बढ़कर 60 लाख तक पहुंच सकता है। सरकार मुफ्त रजिस्ट्री के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है।पूरी खबर पढ़ें

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