भोपाल के एक कार शोरूम में ₹23 लाख की वर्टस GT डिलीवरी का इंतजार कर रही थी। ग्राहक के नाम पर बुक यह कार एक रात शोरूम से गायब हो गई। कार ले जाने वाला बाहर का चोर नहीं, शोरूम का सेल्समैन गजेंद्र उर्फ ऋषि आनंद था। पुलिस GPS के सहारे उस तक पहुंची। शुक्रवार रात कार आशिमा मॉल के पास मिली, जहां आरोपी की पत्नी उसे चला रही थी। जांच में सामने आया है कि उसे मंहगी गाड़ियों का शौक है। प्रदेश में हर दिन औसतन 40 गाड़ियां चोरी होती हैं। सवाल यह है कि शोरूम या सर्विस सेंटर में खड़ी कार चोरी हो जाए तो जिम्मेदार कौन है और GPS कितना कारगर है; पूरी कहानी मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में… सवाल 1: शोरूम में खड़ी ₹23 लाख की कार इतनी आसानी से कैसे चुरा ले गया? जवाब- गजेंद्र मूल रूप से नर्मदापुरम का रहने वाला है। करीब एक साल पहले भोपाल आकर इसी शोरूम में सेल्समैन बना था। शोरूम के कामकाज की उसे पूरी जानकारी थी। सवाल 2: कार चोर किन गाड़ियों को निशाना बनाते हैं और चोरी के बाद उन्हें कहां और कैसे खपाते हैं? जवाब- पुलिस रिकॉर्ड में पैटर्न जगह और मौके का है और खपाने के रास्ते तय हैं। हर चोरी खपाने के लिए भी नहीं होती। पहले आंकड़े देखते हैं देश में: NCRB की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में देश में 2.3 लाख से ज्यादा वाहन चोरी हुए, यानी हर 2.3 मिनट में एक। मध्य प्रदेश में: 2024 में 14,644 वाहन चोरी हुए, यानी रोज औसतन 40। वाहन चोरी में दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, यूपी, राजस्थान और हरियाणा के बाद MP सातवें नंबर पर है। भोपाल में: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच शहर में 1,157 दोपहिया वाहन चोरी हुए, सिर्फ 182 (करीब 16%) बरामद हुए। इनमें 55 चोरियां उसी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुईं, जहां यह केस दर्ज हुआ। पुलिस ने 82 ऐसी जगहें चिह्नित की हैं, जहां बार-बार चोरी होती है- बाजार, अस्पताल, कॉलेज और पार्किंग। चोरी के बाद कार का क्या होता है सवाल 3: कार शोरूम या सर्विस सेंटर में छोड़ने पर चोरी हो जाए तो जिम्मेदार कौन होगा? जवाब- आम तौर पर वही, जिसकी कस्टडी में कार थी, लेकिन जिम्मेदारी तथ्यों, अनुबंध और लापरवाही के आधार पर तय होती है। यह नहीं कहा जा सकता कि हर हाल में शोरूम ही भरपाई करेगा। कानून क्या कहता है- कार सौंपते ही आप ‘बेलर’ और सर्विस सेंटर ‘बेली’ यानी सामान संभालने वाला बन जाता है। भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 151 के मुताबिक सर्विस सेंटर को आपकी कार की उतनी देखभाल करनी होगी, जितनी कोई समझदार व्यक्ति अपनी चीज की करता है। लापरवाही से नुकसान हुआ तो वह जिम्मेदार है। अदालतों के फैसले सुप्रीम कोर्ट (2019): ताज महल होटल बनाम यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस केस में वैलेट पार्किंग से कार चोरी हुई थी। कोर्ट ने कहा कि पार्किंग टोकन पर लिखा ‘ओनर्स रिस्क’ होटल को जिम्मेदारी से नहीं बचा सकता। बिना जबरदस्ती वाली चोरी में होटल को ही साबित करना होगा कि उसने पूरी सावधानी बरती थी। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग (अप्रैल 2026): सर्विस सेंटर की निगरानी में वाहन को नुकसान होने पर ₹8.23 लाख मुआवजा दिलाया। पश्चिम बंगाल राज्य उपभोक्ता आयोग: सर्विसिंग के लिए डीलर के पास छोड़ी कार दुर्घटनाग्रस्त हुई तो डीलर और बीमा कंपनी को ₹4.25 लाख चुकाने का आदेश दिया। कार देते समय क्या करें कंपनी जिम्मेदारी न ले तो: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत ‘सेवा में कमी’ की शिकायत उपभोक्ता आयोग में की जा सकती है। 50 लाख रुपए तक के दावे जिला आयोग में जाते हैं। शिकायत घटना के 2 साल के अंदर करनी होती है। ई-दाखिल पोर्टल पर ऑनलाइन भी की जा सकती है। सवाल 4: GPS और दूसरे सिक्योरिटी फीचर्स होने के बावजूद कार चोरी कैसे हो जाती है? क्या इनसे गाड़ी को ट्रैक किया जा सकता है? जवाब- GPS चोरी नहीं रोकता, बल्कि चोरी के बाद कार खोजने में मदद करता है। वह तभी काम आता है, जब सक्रिय हो। हर कार में GPS नहीं होता कंपनी वाला सिस्टम: कुछ कारों में कंपनी की कनेक्टेड सर्विस आती है। यह कार के साथ ही फिट होती है, इसलिए इसे हटाना मुश्किल होता है। अलग डिवाइस: बाकी कारों में अलग डिवाइस लगवाना पड़ता है। यह सस्ता है, लेकिन दिखने वाली जगह पर लगा हो तो चोर इसे निकाल सकता है। सवाल 5: कार चोरी होने के बाद उसे वापस पाने के लिए पुलिस और बीमा की प्रक्रिया क्या है? जवाब- पहले FIR, फिर बीमा कंपनी को सूचना। कार न मिले तो पुलिस की नॉन-ट्रेसेबल रिपोर्ट के बाद बीमा कंपनी कार की IDV के हिसाब से क्लेम देती है। मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर की ये कड़ी भी पढ़ें…
12 साल बाद इतना ताकतवर तूफान, MP में कितना बरसेगा- एक दिन में 4.5 इंच बारिश का अलर्ट बंगाल की खाड़ी में बना अर्नब चक्रवात मंगलवार देर रात आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। अनुमान है कि यह 2014 के हुदहुद के बाद इस इलाके का सबसे ताकतवर तूफान हो सकता है। अर्नब मध्य प्रदेश में तूफान लेकर आएगा। कुछ जिलों में एक दिन में 4.5 इंच से ज्यादा पानी गिरने का अलर्ट है, जबकि पूरे देश में पूरे अक्टूबर की सामान्य बारिश करीब 3 इंच होती है। सबसे ज्यादा असर 29 अक्टूबर को रहेगा, जिस दिन करवा चौथ है…पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए
