पलंग पर से सात महीने की मासूम को डकैतों ने उठा लिया। मैं चिल्लाती रही कि बाबूजी बच्ची मत ले जाओ। उन्होंने नहीं सुनी…। मेरी छाती पर बंदूक अड़ाकर उन्होंने कहा- अम्मा तुझे यहीं मार जाएंगे। यह आपबीती उस 65 साल की बुजुर्ग मोहरबाई की है। हथियारबंद सात डकैत उनके घर में घुस गए थे। बदमाशों ने मारपीट की। 14 से 15 राउंड फायर किए। सात महीने के मासूम को ले जाने की भी कोशिश की। मोहरबाई 10 मिनट तक डकैतों से जूझीं। जैसे-तैसे बच्ची को छुड़ा लिया। मामला झागर चौकी के बेरखेड़ी गांव में 20-21 अक्टूबर की रात का है। छह आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। एक फरार है। फायरिंग में छर्रे लगने से तीन लोग घायल हुए थे। इनमें मोहरबाई का बेटा छोटू सिंह भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती है। दैनिक भास्कर ने मोहरबाई से बात कर उस रात के घटनाक्रम को जाना। उन्होंने बताया कि उस रात को याद कर हाथ-पैर कांपने लगते हैं। शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है। पढ़िए रिपोर्ट… सब्बल, लाठी और बंदूक लेकर घर में घुसे डकैत
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बेरखेड़ी गांव में वीरेंद्र धाकड़ का करीब 5 हजार वर्गफीट का मकान है। खुले में मवेशी बंधे रहते हैं। चार कमरे हैं। मोहरबाई ने बताया कि रोजाना की तरह 20 अक्टूबर की रात परिवार के लोग खाना खाकर सो गए थे। बड़ा बेटा वीरेंद्र खेत पर गया था। एक कमरे में खुद सो रही थी। दूसरे में सात महीने की बच्ची के साथ बहू और पास वाले कमरे में दूसरा बेटा छोटू सिंह था। रात करीब 2 बजे सात हथियारबंद बदमाश घर में घुसे। उनके पास सब्बल, लाठी, चाकू थे। दो लोग बंदूक लिए थे। बेटे को मारने आए बदमाशों से 10 मिनट जूझीं
मोहरबाई ने बताया कि बदमाश सबसे पहले बेटे छोटू को मारने की बात कहते हुए उसके कमरे का दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर रहे थे। बेटे ने अंदर से कुंडी लगा ली। यह सुनकर नींद टूटी। वहां पहुंचीं, तो बदमाशों ने मेरी छाती पर बंदूक अड़ा दी। मुझे चांटे मारे। जब मैंने उनसे कहा बाबूजी, मुझे मत मारो। मेरे पास क्या है…. घर में जो कुछ है, ले जाओ। मैं हाथ जोड़ती रही। बदमाशों ने आवाज नहीं निकालने की धमकी दी। बदमाश बहू के कमरे में पहुंच गए। यहां सामान फेंकने लगे। हम उनसे गुहार लगाते रहे, लेकिन वे नहीं माने। बर्तन फेंके, ताला तोड़ने की कोशिश की, पर्स उठा लिया और थप्पड़ भी मारे। एक डकैत ने मासूम पोती को उठा लिया। धमकी देते हुए कहा कि जो भी कुछ रुपए और गहने हैं, वो सब निकाल दो, नहीं तो बच्ची को मार डालेंगे। इतने सुनते ही हम डर गए। मैंने उनके साथ सामने हाथ-पैर जोड़े, गिड़गिड़ाई, लेकिन उनका दिल नहीं पिघला। बच्ची को पकड़कर मांगे रुपए, ग्रामीणों पर फायरिंग
मोहरबाई कहती हैं कि मैं कहती रही- बाबूजी, बच्ची को मत ले जाओ। कन्या है, उसे ले जाकर क्या करोगे… मैं हाथ जोड़ती रही, पैर पड़ती रही। वे कह रहे थे- अम्मा, चुप रह, तुझे यहीं मार जाएंगे। उधर से कमरे में बंद छोटू भी अंदर से कह रहा था कि घर में जो कुछ है, ले लो, लेकिन उन्हें मत मारो। चीख सुनकर ग्रामीण पहुंचे। लोगों को आता देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। किसी ने बेटे के कमरे की भी कुंडी खोल दी। बदमाश इस दौरान इधर-उधर देखने लगे। मौका पाकर मैंने उनके हाथ से बच्ची छीन ली। ग्रामीणों ने दो बदमाशों की बंदूकें छीन लीं। इसके बाद डकैत भाग गए। फायरिंग में बेटा छोटू धाकड़ समेत ग्रामीण रंजीत धाकड़ और मोहन मोंगिया को छर्रे लगे हैं। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। दो महिलाओं ने की थी रेकी
धरनावदा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 109(1), 309(6), 331(4), 331(7) और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/27 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गईं। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक फरार है। इनके पास से 12 बोर बंदूक, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, चांदी की पायल, दो जोड़ी बिछुड़ी और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में पता चला कि वारदात से पहले दो महिलाओं ने पहले रेकी की थी। इसके बाद योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया गया। इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। छह आरोपी गिरफ्तार
