दिग्विजय सिंह की पदयात्रा अभी राजगढ़ पहुंची भी नहीं है, लेकिन उससे पहले ही जिले में सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ पर राजगढ़ और खिलचीपुर के भाजपा विधायकों ने तीखे तंज कसे हैं। राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव ने कहा आशिक (दिग्विजय सिंह) का जनाजा तो यहां से निकल चुका है। अब क्या जरूरत है उनकी? अब वे नए सिरे से अपना जीवन तलाश रहे हैं, तो तलाशने दो। वहीं, खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी ने कहा कि दिग्विजय सिंह के पास अब कोई काम नहीं बचा है। दोनों विधायकों ने दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल और राम मंदिर निर्माण को लेकर कांग्रेस को घेरा। अब जिस यात्रा में दिग्विजय सिंह मंदिरों चढ़ावे में पारदर्शिता और राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग उठा रहे हैं, उसी यात्रा पर भाजपा नेताओं ने उनके पुराने शासनकाल को लेकर सवाल दाग दिए हैं। विधायक बोले- जब दिग्विजय सीएम तक सनातन की याद नहीं आई
राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव ने दिग्विजय सिंह की यात्रा को लेकर कहा कि उन्हें इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। विधायक ने आगे कहा कि भगवान सबको सद्बुद्धि दें और दिग्विजय सिंह अच्छी यात्रा निकालें। उन्होंने अयोध्या के बाद काशी और मथुरा जाने की बात भी कही। अमर सिंह यादव ने कहा, अयोध्या में तो मंदिर हमने बनवा दिया है। मथुरा और काशी बाकी हैं, वहां भी काम करवाएं। उनके बयान में दिग्विजय सिंह की यात्रा पर तंज के साथ राम मंदिर निर्माण और काशी-मथुरा के धार्मिक मुद्दे भी शामिल रहे। 30 अक्टूबर को राजगढ़ पहुंचेगी यात्रा, उससे पहले ही बयानबाजी तेज
दिग्विजय सिंह की यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को सारंगपुर पहुंचेगी। 27 अक्टूबर को सारंगपुर से तुकोगंज होते हुए गुलावता, 28 अक्टूबर को खुजनेर और 29 अक्टूबर को करेड़ी पहुंचेगी। इसके बाद 30 अक्टूबर को राजगढ़ नगर और 31 अक्टूबर को कालीपीठ की ओर बढ़ेगी। यात्रा के जिले में पहुंचने से पहले ही भाजपा के दोनों विधायकों ने दिग्विजय सिंह को उनके पुराने कार्यकाल, राम मंदिर और सनातन के मुद्दे पर घेर लिया है। अब देखना होगा कि राजगढ़ पहुंचने पर दिग्विजय सिंह इन बयानों पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या अपनी यात्रा के मुद्दों पर ही आगे बढ़ते हैं।
