मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सीएम के सामने वीडी हो गए साइडलाइन
राजनीति में आपके पास पावर है, तो ही लोग आपको प्रणाम करेंगे। नहीं तो साइडलाइन होते देर नहीं लगती। एक वीडियो में मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही होता नजर आया। हुआ यूं कि सीएम डॉ. मोहन यादव दशहरा कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनकी अगवानी की। वे सीएम को मंच पर ले जा रहे थे। तभी वीडी शर्मा ने सीएम से हाथ मिलाया। इस दौरान रामेश्वर शर्मा इतनी जल्दी में दिखे कि सीएम को लगातार आगे बढ़ने का इशारा करते नजर आए। वीडी शर्मा सीएम से ठीक से मिल भी नहीं पाए। ऊपर से रामेश्वर शर्मा से धक्का लगने के बाद साइड में हो गए, सो अलग। अब लोग इस सीन पर तंज कस रहे हैं। कह रहे हैं कि यही राजनीति की रवायत है। आपके पास पावर वाला पद है, तभी आपकी पूछ-परख है। वरना साइडलाइन होते देर नहीं लगती। दशानन रावण के पुतले में सिर्फ 9 सिर लगाए
रावण के दस सिर तो आपने खूब देखे होंगे, लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर के डबरा में दशहरे पर कुछ ऐसा हुआ कि रावण के पुतले के सिर गिनने पड़ गए। गिनती हुई तो पता चला कि दशानन के पुतले में दस नहीं, बल्कि नौ ही सिर लगाए गए हैं। रावण की महिमा में एक सिर की कटौती देखकर लोग तंज कसने लगे। सवाल उठने लगे कि क्या बजट कम पड़ गया था, जो रावण को एक सिर कम के साथ ही मैदान में उतार दिया? हालांकि, गलती का अहसास हुआ तो आनन-फानन में दसवां सिर भी लगा दिया गया। लेकिन ये क्या, दसवां सिर लगाने के बाद भी मामला संभलने के बजाय चर्चा का विषय बन गया। उसके साइज ने अलग ही किरकिरी करा दी। खरी बात ये है कि रावण के दस सिरों का हिसाब रखने में हुई इस चूक ने दशहरे के आयोजन को ही चर्चा में ला दिया। दशहरा उत्सव में कमल पटेल की भाषण एक्सप्रेस
हरदा में दशहरा उत्सव में भीड़ क्या दिखी, पूर्व मंत्री कमल पटेल की भाषण एक्सप्रेस सरपट दौड़ने लगी। भाषण में जोश भी खूब दिखा और बीच-बीच में भक्ति के हॉर्न भी बजते रहे। कभी भारत माता को गाली देने वालों को टांगें तोड़ने की चेतावनी दी, तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम का वंशज और अवतारी पुरुष बता दिया। लेकिन भाषण के बीच ही नेता जी के पास एक फोन आ गया। एक युवक फोन लेकर पहुंचा और कमल पटेल को थमा दिया। नेता जी ने भी भाषण रोककर फोन पर बात शुरू कर दी। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि कहीं ये फोन नेता जी की भाषण एक्सप्रेस पर ब्रेक लगाने के लिए तो नहीं आया था? क्योंकि उनका भाषण रफ्तार में चला जा रहा था। रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। और अब अंदर की बात.. कलेक्टरी मिली, रहने को सरकारी मकान नहीं एमपी सरकार ने चुनाव से पहले नए जिले तो बना दिए, लेकिन वहां पदस्थ अफसरों के रहने के लिए सरकारी आवास नहीं बनाए। एक आईएएस अफसर को बड़ी मुश्किल से फील्ड पोस्टिंग मिली। वे नए जिले में पहुंचे तो पता चला कि वहां कोई सरकारी आवास ही नहीं है। उन्होंने मातहतों से पूछा तो जवाब मिला- साहब, आपको भी रेस्ट हाउस में ही रहना पड़ेगा। आपसे पहले पदस्थ अफसर ने भी जैसे-तैसे दो साल रेस्ट हाउस में गुजारे। वे अपने परिवार को भी यहां नहीं ला सके। यह सुनकर नए साहब समझ गए कि इस जिले में पोस्टिंग रहने तक उन्हें भी परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। ये भी पढ़ें –
सैलून में बन गई विधायक की रील: मंत्री ने सांसद पत्नी से कराई फायरिंग, भाजपा सांसद ने भेड़ें हांकी नेता जी आम आदमी बनकर निकले थे, लेकिन सुर्खियों में आने का मौका कहीं भी मिल जाए तो फिर क्या कहने। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य बाल कटवाने सैलून पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें
