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पुलिस-ड्राइवर 64 करोड़ का मालिक, 9 गाड़ियां, 21 बैंक खाते:पत्नी की फर्म के नाम 4 करोड़ की जमीन; परिवार-करीबियों के नाम 46 प्रॉपर्टी

इंदौर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के नाम 46 अचल संपत्तियों का पता चला है। लोकायुक्त के मुताबिक, इनकी बाजार कीमत 64 करोड़ रुपए से ज्यादा है। जांच में 9 गाड़ियां और 21 बैंक खाते भी सामने आए हैं। फिरोज की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार से जुड़ी फर्म के नाम 11.77 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी गई। इसकी सरकारी गाइडलाइन कीमत 3.85 करोड़ रुपए है। चल-अचल संपत्तियों पर 18.79 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च का आकलन है, जबकि फिरोज की 24 साल की नौकरी का कुल वेतन करीब 75 लाख रुपए बताया गया है। लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को इंदौर और देवास के 15 ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। अब संपत्तियों और कमाई के स्रोतों की जांच की जा रही है। रंगवासा और लसूड़िया मोरी में जमीन की रजिस्ट्रियां लोकायुक्त की जांच में इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में 2023 और 2024 के दौरान कृषि भूमि की कई रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी इन जमीनों की खरीद और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी में रेड कारपेट के पीछे 11.77 हेक्टेयर कृषि भूमि स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदी गई थी। जांच में इस कंपनी का संबंध फिरोज की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार से सामने आया है। लोकायुक्त इस खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और फर्म के कामकाज की पड़ताल कर रहा है। संपत्तियों का आकलन और बैंक खातों की जांच लोकायुक्त के मुताबिक, अब तक अचल संपत्तियों की कुल सरकारी गाइडलाइन कीमत 17,19,46,323 रुपए आंकी गई है। इनकी अनुमानित बाजार कीमत 64,01,11,768 रुपए बताई गई है। चल-अचल संपत्तियों पर कुल खर्च का आकलन 18,79,79,531 रुपए से ज्यादा है। जांच में 21 बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है। एक पुरानी रिपोर्ट में इन खातों से राशि निकालने पर रोक लगाए जाने का जिक्र था। खातों में हुए लेन-देन और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल की गई रकम की पड़ताल की जा रही है। किसान ने जमीन के सौदे में दबाव बनाने का आरोप लगाया इंदौर की सांवेर तहसील के गांव गुरान की 21.75 बीघा कृषि भूमि के सौदे को लेकर किसान गौरव चौधरी ने फिरोज खान पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। गौरव के मुताबिक, जमीन का सौदा 35 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से करने की बात हुई थी। बाद में अदालत ने जमीन पर रोक लगाई और परिवार के साथ समझौता हुआ। गौरव का आरोप था कि फिरोज ने उनके पिता पर दबाव बनाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए, ताकि जमीन आगे अधिक कीमत पर बेची जा सके। पुरानी जांच में महिला सहयोगी रोशन वर्मा के नाम 21.75 बीघा कृषि भूमि के रजिस्टर्ड एग्रीमेंट की जानकारी भी सामने आई थी। रोशन वर्मा का नाम रोशन सेल्स एंड सर्विस और रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट से भी जुड़ा बताया गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि उनके नाम का एग्रीमेंट किसान गौरव चौधरी के विवाद से ही संबंधित है या अलग मामला है। मां के नाम फ्लैट, देवास में मकान और प्लॉट पुरानी जांच में फिरोज की मां वहीदा खान के नाम इंदौर की स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में दो फ्लैट और श्रीनगर कॉलोनी में एक फ्लैट की जानकारी सामने आई थी। देवास में मकान और प्लॉट भी जांच के दायरे में आए थे। फिरोज की मां और पत्नी के नाम साहिल ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। कंपनी के बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की बात भी सामने आई थी। जांच में देवास के आदर्श नगर स्थित मकान, पुष्पकुंज कॉलोनी और विजय नगर कॉलोनी के मकान-प्लॉट, इंदिरा गांधी नगर की जमीन, जेतपुरा के व्यावसायिक और कृषि भूखंड तथा गड्‌डूखेड़ी की कृषि भूमि के दस्तावेज भी खंगाले गए। गुरान, गजीपुरा और बागली के आसपास की जमीनों की जानकारी भी जुटाई गई। बागली और राजोद में जमीन के सौदों की पड़ताल शिकायत में बागली और राजोद में विवादित जमीनों की खरीद-बिक्री के आरोप भी लगाए गए थे। शिकायत के मुताबिक, बागली में 2003 में जमीन खरीदी गई थी, लेकिन फिरोज ने कथित तौर पर कब्जा नहीं लिया। बाद में एक जमीन पर दूसरे व्यक्ति के खेती करने की जानकारी सामने आई। राजस्व रिकॉर्ड में 2023 से फिरोज या उनके सहयोगियों के नाम दर्ज होने की बात भी कही गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन विवादों में फंसे परिवारों से कम कीमत पर जमीन खरीदी जाती थी। इसके बाद में पुलिस पद के दबाव या सहयोगियों के जरिए अधिक कीमत पर बेची जाती थी। इन जमीनों के मालिकाना हक, कब्जे और खरीद-बिक्री की स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है। शिकायत में महंगी गाड़ियों, स्कॉर्पियो और लकड़ी के कारोबार का भी जिक्र था। जांच एजेंसी इनसे जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। बेटी की शादी के वीडियो वायरल हुए थे फिरोज की बेटी की शादी फरवरी में इंदौर के ग्रैंड शेरेटन और रॉयल पैलेस होटल में हुई थी। शादी में नकदी उड़ाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। हालांकि, शादी में खर्च या जीवनशैली अपने आप में अवैध संपत्ति का प्रमाण नहीं है। करीब एक साल पहले फिरोज का देवास से इंदौर स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में तबादला हुआ था। पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने वहां ड्यूटी जॉइन नहीं की थी और मेडिकल सहित अन्य कारण बताते हुए वापस देवास तबादले की कोशिश की थी। इंदौर और देवास के 15 ठिकानों पर सर्च कार्रवाई लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान से जुड़े 15 ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इनमें 11 ठिकाने देवास और 4 इंदौर में थे। कार्रवाई के दौरान संपत्तियों, जमीन के कारोबार और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जुटाए गए। लोकायुक्त के डीएसपी सुनील टालन के मुताबिक, संपत्तियों और जमीन के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच आगे बढ़ने पर और संपत्तियों की जानकारी मिल सकती है। कुल संपत्ति, आय के स्रोत और किसी भी अनियमितता की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। …………………… यह खबर भी पढ़ें करोड़पति पुलिस ड्राइवर, बेटी की शादी में नोट उड़ाए जिसके कंधों पर कानून की जिम्मेदारी थी, उसकी संपत्तियों का हिसाब अब लोकायुक्त पुलिस खंगाल रही है। अब तक विवादित जमीनों के सौदे, परिजन के नाम फ्लैट और फर्में, बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन और एक किसान परिवार की 21.75 बीघा जमीन का एग्रीमेंट सामने आया है। इसी एग्रीमेंट की जांच में बड़े खुलासे हो रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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