Homeविदेशहूती के हमले में यमन के 53 सैनिकों की मौत:मिलिट्री कैंप पर...

हूती के हमले में यमन के 53 सैनिकों की मौत:मिलिट्री कैंप पर 3 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया; 200 से ज्यादा घायल

हूती विद्रोहियों ने यमन के दक्षिणी प्रांत शबवा में सेना के एक मिलिट्री कैंप पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। सोमवार को हुए इस हमले में 53 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। यमन के सैन्य अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी AP को यह जानकारी दी। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नजिली ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के ट्रेनिंग सेंटर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे पहले पिछले हफ्ते हूती विद्रोहियों ने अदन शहर में राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। हमले के वक्त प्रधानमंत्री शाया मोहसेन अल-जिंदानी और सरकार के कई मंत्री परिसर में मौजूद थे, हालांकि सभी सुरक्षित बच गए। हमले में 4 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 2 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। सऊदी अरब के हवाई हमले में 9 लोगों की मौत हूती प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, रविवार को यमन के उत्तरी प्रांत सादा में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई। इनमें 5 बच्चे और 2 महिलाएं शामिल हैं। हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि सप्ताहांत में हुए कई हमलों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए। सऊदी अरब ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में सऊदी अरब पर भी हमले तेज किए हैं। वे यमन के गृहयुद्ध में सरकार का समर्थन करने के कारण सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं। विद्रोहियों ने सऊदी हवाई अड्डों, तेल और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों से हजारों उड़ानें प्रभावित हुई हैं और 19 लोगों की मौत हुई है। सऊदी तेल कंपनी अरामको के मुख्यालय पर भी हमला किया गया है। सऊदी अरब के समर्थन से लड़ रही यमन की सरकार यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है। सऊदी हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सरकारी सेनाओं को हवाई मदद देता है। वहीं, ईरान पर हूती विद्रोहियों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं। 2015 से जारी है सऊदी और हूतियों की लड़ाई यमन में हूतियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। सऊदी अरब चाहता था कि यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार दोबारा सत्ता में आए और हूतियों का कब्जा खत्म हो। इसके बाद कई साल तक यमन में हवाई हमले होते रहे। लेकिन हूतियों को पूरी तरह पीछे धकेलने में सऊदी गठबंधन कामयाब नहीं हो पाया। हूती अब भी यमन के बड़े हिस्से में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। उनकी लड़ाई का असर अब सऊदी अरब की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… फ्रांसीसी राष्ट्रपति बोले- तोड़फोड़ करने वालों को कीमत चुकानी होगी:कुछ शहरों में कर्फ्यू लगाने की तैयारी, PM बोले- जरूरत पड़ी तो इमरजेंसी भी लगाएंगे फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुई हिंसा और लूटपाट को लेकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को सख्त कार्रवाई का वादा किया। उन्होंने रविवार रात अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here