ग्वालियर के चीनौर-शीतला माता रोड पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे जो हुआ, वह महज एक सड़क हादसा नहीं बल्कि सुरक्षा-व्यवस्था में चूक की बड़ी तस्वीर है। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि नो एंट्री वाले रास्ते पर धान से भरे दो ओवरलोड ट्रक 7 किलोमीटर तक घुस आए। संकरे रास्ते और मंदिर के पास की खड़ी ढलान पर पहुंचते-पहुंचते एक ट्रक तो रुक गया जबकि PB10 GK-4098 नंबर का दूसरा ट्रक बेकाबू होकर नीचे की ओर लुढ़कता चला गया। इसने 57 श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 42 लोग घायल हैं। मृतकों में 5 किशोर, एक महिला और 9 पुरुष हैं। रास्ते में पुलिस के चेकिंग पॉइंट भी थे, फिर भी ट्रक चीनौर से अमरोल होते हुए मंदिर तक पहुंच गया। ग्रामीणों ने भी ड्राइवरों को आगे जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रक नहीं रुके। मंदिर के प्रवेश द्वार से पहले भी भारी वाहनों को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आए। पुलिस से लेकर मंदिर मैनेजमेंट तक घेरे में 1. नो एंट्री में घुस आए धान से भरे ओवरलोड ट्रक नवरात्रि की अष्टमी पर शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। आम दिनों में भी यह रास्ता भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके बावजूद पंजाब जा रहे धान से भरे दो ओवरलोड ट्रक भितरवार से चीनौर और अमरोल होते हुए मंदिर की ओर बढ़ते चले आए। मंदिर के नजदीक एक ट्रक बेकाबू हो गया। इसके बाद जो भी रास्ते में आया, वो दुकान हो या श्रद्धालु…सबको रौंदता हुआ आगे बढ़ता गया। 2. गूगल मैप के भरोसे हाईवे छोड़कर अंदर घुसे ड्राइवर ट्रक ड्राइवरों को स्थानीय रास्तों और नो एंट्री की जानकारी नहीं थी। उन्हें भितरवार से पंजाब जाना था। उन्होंने गूगल मैप पर सर्च किया और हाईवे के बजाय चीनौर-अमरोल होते हुए शीतला माता मंदिर के पीछे से निकलने वाला रास्ता पकड़ लिया। अमरोल गांव के बाहर रावत परिवार के कुएं पर ट्रक ड्राइवरों ने पानी पीया। यहां ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि आगे रास्ता बंद है। ट्रक नहीं निकल पाएंगे। इस पर ड्राइवरों ने कहा- गूगल मैप पर रास्ता दिखा रहा है। हम यहीं से जाएंगे। ग्रामीणों का दावा है कि चालकों के मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। 3. ग्रामीणों ने रोका-शोर मचाया, फिर भी आगे बढ़े अमरोल गांव से आगे बढ़ने पर ग्रामीणों ने ट्रक चालकों को रुकने का इशारा किया। शोर मचाया लेकिन ड्राइवर इसे नजरअंदाज कर ट्रक आगे बढ़ाते रहे। ग्रामीणों की चेतावनी के बावजूद ट्रकों का आगे बढ़ना बताता है कि खतरे के संकेत मिलने के बाद भी उन्हें रोकने की प्रभावी व्यवस्था नहीं बन सकी। यदि इस स्तर पर हस्तक्षेप हो जाता, तो ट्रक को मंदिर के पास श्रद्धालुओं की भीड़ तक पहुंचने से रोका जा सकता था। 4. चेकिंग पॉइंट पर तैनात पुलिस ने नहीं रोके ट्रक शीतला मंदिर से पहले चीनौर थाना पुलिस का चेकिंग पॉइंट बनाया गया था। यहां पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थी। इसके बावजूद दोनों ट्रक इस पॉइंट से निकलकर मंदिर की ओर बढ़ गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि यहां कार और बाइक वालों को भी आगे जाने से रोका जा रहा था। ऐसे में भारी और ओवरलोड ट्रक कैसे निकल गए? पुलिसकर्मियों ने उन्हें क्यों नहीं रोका? 5. मंदिर के पास भारी वाहनों को रोकने की पुख्ता व्यवस्था नहीं थी नवरात्रि की अष्टमी थी, तो मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। व्यवस्थापकों के मुताबिक, रात करीब 1 बजे तक लगभग एक लाख लोग दर्शन करने पहुंचे थे।
मंदिर के आसपास पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इसके बावजूद मुख्य प्रवेश द्वार से पहले भारी वाहनों को रोकने के लिए कोई प्रभावी बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा नहीं था। 200 साल पुराना गेट बना ढाल, टकराकर रुका ट्रक ढलान से उतरता बेकाबू ट्रक दुकानों और श्रद्धालुओं को रौंदते हुए आगे बढ़ रहा था। तभी सामने मंदिर का करीब 200 साल पुराना सीमेंट-कंक्रीट का गेट आ गया। ट्रक उससे टकराया और वहीं रुक गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि ट्रक गेट से नहीं टकराता और आगे बढ़ता रहता, तो दर्शन के लिए कतार में खड़े दूसरे श्रद्धालु भी उसकी चपेट में आ सकते थे। हादसे से 15 मिनट पहले SSP खुद संभाल रहे थे भीड़ शनिवार रात 8 बजे के बाद ही मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी थी। हालात देखते हुए ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह खुद मंदिर पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वे मंदिर परिसर के भीतर श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करते दिखाई दिए। सूत्रों के मुताबिक, एसएसपी अधिकारियों को ड्यूटी पर तैनात कर वहां से निकले ही थे कि करीब 15 मिनट बाद वायरलेस पर सूचना आई कि ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचल दिया है। चीनौर थाना की जिम्मेदारी नहीं हुई तय 15 लोगों की जान लेने वाला जो ट्रक आया था वह चीनौर थाना की तरफ से आया था। वहां चीनौर थाना क्षेत्र के चेकिंग प्वाइंट से उसे बिना रोके अंदर से जाने दिया गया। जिसके बाद यह हादसा हुआ। सीएम ने भोपाल से आदेश जारी कर 9 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों पर एक्शन लिया, लेकिन चीनौर थाना की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। ग्वालियर कलेक्टर ने रविवार रात घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। ——————-
मामले से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़ें… ग्वालियर में ट्रक ने 57 श्रद्धालुओं को कुचला, 15 मौतें ग्वालियर में शनिवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक ने 57 श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। दो पुलिसकर्मी समेत 42 लोग घायल हैं। पढ़ें पूरी खबर… जहां साइकिल नहीं जा सकती, वहां ट्रक कैसे पहुंचा ‘बेटा सांसें ले रहा था, मैं उसे इलाज के लिए ले जाना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने रोककर रखा।’ 18 साल के गौरव को खोने वाली मां किरण के ये शब्द किसी की भी आंखें नम कर दें। पढ़ें पूरी खबर…
