मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जब मीडिया से नाराज हो गए मुख्यमंत्री
इंदौर में सीएम डॉ. मोहन यादव मीडिया से नाराज हो गए। बिना बात किए ही वहां से चले गए। हुआ यूं कि सीएम एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। वे मीडिया से बात करने के लिए रुके थे, लेकिन वहां माइक-आईडी ऊपर-नीचे करने को लेकर ही घमासान छिड़ गया। पत्रकार एक-दूसरे से शिकायत करने लगे। किसी ने कहा- मेरी आईडी नहीं दिख रही। कोई दूसरे से उसकी आईडी नीचे करने को कहता दिखा। यह माहौल देखकर सीएम का मूड उखड़ गया। वे खुद ही माइक-आईडी हटाते हुए वहां से निकल गए। अब लोग इस वाकये को लेकर चुटकी ले रहे हैं कि आखिर कोई कितना सब्र रखे, यह तो होना ही था। इस मामले में खरी बात ये है कि अनुशासन हर जगह जरूरी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का गला खराब हुआ
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाषण देने के अपने जोशीले अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उनके गले ने ही उनका साथ छोड़ दिया। दरअसल, सिंधिया जब भी अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आते हैं, तो उनके थोक में कार्यक्रम रहते हैं। इस दौरान जनसंपर्क, लोगों से मेल-मिलाप, स्वागत, संबोधन और भाषण का सिलसिला लगातार चलता रहता है। सिंधिया अभी अशोकनगर जिले के तीन दिवसीय दौरे पर आए थे। इस दौरान उनके करीब 25 कार्यक्रमों में शामिल होने का शेड्यूल था। लेकिन दौरे के दूसरे दिन ही उनका गला खराब हो गया। हालांकि, गला खराब होने के बावजूद वे कई कार्यक्रमों में संबोधित करते नजर आए। अब इसे लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कोई सिंधिया के इस अंदाज की तारीफ करता नजर आया, तो किसी ने इसे जनता से जुड़े रहने की उनकी राजनीतिक मजबूरी बताया। अधिकारी पर भड़क गईं कांग्रेस विधायक
आलीराजपुर जिले के जोबट से कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल एक अधिकारी पर भड़क गईं। कलेक्टर के सामने ही अधिकारी को फटकारते हुए कहा- मुझसे बदतमीजी से बात मत करना। हुआ यूं कि विधायक जोबट में आयोजित जनविश्वास शिविर में पहुंची थीं। यहां वे कलेक्टर और संबंधित अधिकारी को मोबाइल में एक गांव के फोटो-वीडियो दिखाकर बता रही थीं कि वहां लोग कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इसी दौरान अधिकारी ने कुएं को ट्यूबवेल बता दिया। फिर क्या था, विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने सबके सामने अधिकारी से पूछ लिया- आप इस कुएं का गंदा पानी पी सकते हो क्या? अधिकारी ने सफाई देने की कोशिश भी की, लेकिन विधायक का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आखिर मामला जनता की सेहत से जुड़ा था और समस्या भी गंभीर थी। लिहाजा, विधायक ने भी मौके पर अपना तेवर दिखा दिया। अब समस्या कब हल होगी, ये तो पता नहीं, लेकिन विधायक जरूर सुर्खियों में आ गई हैं। और अब अंदर की बात.. आईएएस को महंगा पड़ रहा बॉस से पंगा
एक आईएएस अधिकारी को अपने बॉस से पंगा लेना बड़ा महंगा पड़ रहा है। अब बॉस इन्हें कलेक्टरी का नया स्वाद चखाने के लिए इंतजार करा रहे हैं। दरअसल, यह मामला ‘जैसे को तैसा’ वाला है। हुआ यूं कि इस आईएएस अधिकारी ने कलेक्टरी पाने के लिए बड़ा जुगाड़ लगाया। अपने एक रसूखदार रिश्तेदार से जैक लगवाया। जब यह पक्का हो गया कि इन्हें फील्ड पोस्टिंग मिलना तय है, तो इनके तेवर बदल गए। इन्होंने अपने बॉस का फोन उठाना ही बंद कर दिया। अब ट्रांसफर लिस्ट में इस अधिकारी का नाम आ गया। इन्हें एक जिले में कलेक्टरी मिल गई। लेकिन अभी जहां ये पदस्थ हैं, वहां से रिलीव होने के लिए बॉस के ही साइन लगेंगे। अब इस काम में बॉस इन्हें इंतजार करा रहे हैं। न तो वे इनका फोन उठा रहे हैं और न ही इनसे मिल रहे हैं। सुना है कि बॉस ने इन्हें सबक सिखाने के लिए सात दिन तक रिलीव नहीं करने का फैसला कर लिया है। अब देखते हैं कि बॉस का गुस्सा कब तक बरकरार रहता है। इनपुट सहयोग – संतोष शितोले (इंदौर), संजीव यादव (अशोक नगर), संजय वानी (आलीराजपुर) ये भी पढ़ें –
सीएम के उड़नखटोले ने तंबू उड़ाया, डर गए मंत्री-विधायक, अफसर: ‘सरकार’ आए तो चंद घंटों में बनी सड़क मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उड़नखटोले ने ऐसी एंट्री मारी कि तंबू ही उड़ गया। हेलिपैड पर सरकार के इंतजार में बैठे मंत्री, विधायक, सांसद और अफसर भी कुछ देर के लिए सहम गए। माहौल ऐसा बना कि नेता-अफसर खुद को संभालते नजर आए। यह वाकया मुख्यमंत्री के हाल ही में हुए नरसिंहपुर दौरे का है। पूरी खबर पढ़ें
