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रायसेन में मर्डर के आरोपी ने अस्पताल में लगाई फांसी:पत्नी को आग लगाकर मारने का था आरोप; 10 दिन से था फरार

रायसेन जिला अस्पताल में अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी जमुना प्रसाद गौर सोमवार से अस्पताल में भर्ती था। यह घटना मंगलवार सुबह हुई। जमुना प्रसाद गौर पर करीब 10 दिन पहले अपनी पत्नी पर तेल डालकर आग लगाने और उसकी हत्या करने का आरोप था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। बताया गया है कि जमुना प्रसाद विदिशा में ट्रेन के सामने आत्महत्या की कोशिश की थी जिसे जीआरपीएफ पुलिस ने उठाकर विदिशा अस्पताल में भर्ती किया था। जिससे उसका पैर टूट गया था। इसके बाद वह खुद स्वयं कल जिला अस्पताल पहुंचा। भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह वह शौचालय जाने का कहकर अंदर गया। शौचालय के अंदर उसने अपनी पेंट के नाड़े से खिड़की पर फंदा बनाया और उससे लटक गया। जब अंदर से झटपटाने की आवाजें आईं, तो अस्पताल स्टाफ पर पहुंचे। दरवाजा तोड़ने पर जमुना प्रसाद मृत पाया गया। कल हुआ था जिला अस्पताल में भर्ती रायसेन जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यशपाल बाल्यान ने बताया की 302 का आरोपी जमुना प्रसाद गौर सोमवार दोपहर में जिला अस्पताल पहुंचा था, जिसके पैर में चोट लगी थी। उसे जांच के बाद भर्ती किया गया था। आज सुबह 9 बजे मरीज ने सर्जिकल के वार्ड के टॉयलेट में फांसी लगा ली। अस्पताल के स्टाफ के द्वारा उन्हें फोन कर जानकारी दी गई, उसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने आगे बताया कि अभी पता चला यह 302 का आरोपी भी है, जो कल खुद जिला अस्पताल पहुंचा था। आरोपी अभी पुलिस कस्टडी में नहीं था फरार चल रहा था। पत्नी को लगाई थी आग, समाज से किया था बहिष्कार जानकारी के अनुसार 20 फरवरी को आरोपी और मृतक जमुना प्रसाद गौर ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी महफूल पर पेट्रोल डाला और आग लगाने की कोशिश की, जिसके बाद पति और पत्नी में झूमा झटकी हुई। इसके बाद पत्नी ने माचिस छुड़ा ली तो आरोपी पति ने लाइटर से पत्नी को आग के हवाले कर दिया और गेट लगाकर मौके से फरार हो गया। पत्नी 70 से 75 प्रतिशत जल गई थी, आवाज सुन छोटा बेटा और गांव की महिलाएं मौके पर पहुंची। उन्होंने गेट खोलकर तुरंत जली हुई अवस्था में पत्नी महफूल को जिला अस्पताल पहुंचाया पर ज्यादा जलने के कारण जिला अस्पताल से उसे हमीदिया भोपाल रेफर कर दिया गया था। इसके बाद 25 फरवरी को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटनाक्रम से नाराज गौर समाज ने मृतक आरोपी जमुना प्रसाद के परिवार को समाज से बाहर कर दिया। इसी कारण से पुलिस की सूचना देने के बाद भी मंगलवार को जमुना प्रसाद के पोस्टमार्टम करने के लिए गांव से कोई भी समाज का व्यक्ति और घर के सदस्य नहीं पहुंचे।

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