छतरपुर के काबर गांव में दो साल पहले तक कंकड़ वाली लाल मिट्टी की जमीन 2 से 3 लाख रुपए प्रति एकड़ में भी खरीदने वाला नहीं मिलता था। अब उसी जमीन के भाव 10 से 11 लाख रुपए प्रति एकड़ तक पहुंच गए हैं। यानी पानी आने से पहले ही जमीन करीब 5 गुना महंगी हो गई है। यह बदलाव केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई का पानी मिलने की उम्मीद में आया है। काबर हाईस्कूल के प्राचार्य रामनरेश दुबे बताते हैं कि पहले जमीन के खरीदार नहीं मिलते थे, अब किसान बेचने को तैयार नहीं हैं। सूखे-पलायन की मार झेल रहे बुंदेलखंड की इस परियोजना से मप्र के 10 और यूपी के 4 जिलों की कुल 11.50 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का पानी मिलेगा। परियोजना को 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। केन नदी पर बन रहा 2 किमी लंबा बांध केन नदी पर ढोढ़न बांध बनना शुरू हो गया है। बांध के मुहाने से पहाड़ में 1.93 किमी लंबी, 6 फीट ऊंची डी आकार की सुरंग बनाई जा रही है। यही नहर पानी को बेतवा तक ले जाएगी। ढोढ़न में नदी का पानी रोककर बांध की नींव बना रहे, यूपी काम में आगे छतरपुर जिले के ढोढ़न में 2 किमी लंबे मुख्य बांध की नींव तैयार की जा रही है। इसके लिए अस्थायी कॉफर बांध बनाकर केन नदी का पानी रोका गया है। पास ही पहाड़ काटकर 1.93 किमी लंबी सुरंग बनाने के लिए ब्लास्टिंग चल रही है। इसी सुरंग से केन नदी का पानी लिंक नहर में पहुंचेगा और वहां से करीब 200 किमी दूर बेतवा नदी तक जाएगा। पहले चरण के निर्माण कार्यों में उत्तर प्रदेश आगे है। वहां जल संसाधन विभाग ने बरियारपुर नहर का टेंडर मंजूर कर काम शुरू कर दिया है। 14 जिलों को मिलेगा सिंचाई का पानी…
