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मोदी के 25 साल पर एमपी कैबिनेट का संकल्प:मोहन यादव बोले- 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलना घोर आश्चर्य..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद ने विशेष संकल्प पारित कर उनके प्रति आभार जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन देने को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, “यह अतिशयोक्ति लगेगी, लेकिन यह वास्तविकता है। या तो राजा राम के समय होता था या अब हो रहा है कि निशुल्क राशन।” सीएम ने नोटबंदी के समय का अपना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब नोटबंदी का ऐलान हुआ, तब उनकी जेब में केवल तीन दिन के डीजल और आगे की यात्रा के लिए पैसे थे। उन्हें चिंता हुई कि अब गाड़ी कैसे चलेगी, इसलिए उन्होंने तत्काल अपने सहयोगी से गाड़ी में डीजल भरवाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन की नई जिम्मेदारी संभाली थी। 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने देश के विकास और शासन की दिशा में कई बड़े फैसले लिए। मंत्रिपरिषद ने उनके 25 साल के सार्वजनिक जीवन को समर्पित संकल्प पारित किया। बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान देश में हुए बदलावों पर आधारित वीडियो भी दिखाया गया। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना सीएम के लिए भी ‘घोर आश्चर्य’ मुख्यमंत्री ने मुफ्त राशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद से राशन की दुकानों के माध्यम से लोगों को अनाज देने की व्यवस्था रही है। पहले राशन की कीमतों को लेकर शिकायतें होती थीं, लेकिन अब 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बात सुनने में अतिशयोक्ति लग सकती है, लेकिन यह वास्तविकता है। उनके मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर लोगों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराना अपने आप में घोर आश्चर्य की बात है। मोहन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने जनधन खाते, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, स्वामित्व योजना, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना जैसी पहलों के माध्यम से आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया है। आयुष्मान भारत के तहत पात्र लोगों को पांच लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा और जन औषधि केंद्रों के जरिए सस्ती जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। नोटबंदी का ऐलान हुआ तो मोहन यादव को आई डीजल की चिंता मुख्यमंत्री ने नोटबंदी के फैसले से जुड़ा एक निजी अनुभव सुनाया। उन्होंने बताया कि उस समय वह टीवी पर लाइव डिबेट में बैठे थे। उनके पास गाड़ी में करीब तीन दिन तक डीजल डलवाने और आगे यात्रा करने के लिए पैसे थे। इसी बीच उन्हें पता चला कि उसी रात से पुराने नोट अमान्य हो जाएंगे। मोहन यादव ने बताया कि ऐलान सुनने के बाद उन्होंने टीवी चैनल के पत्रकार से कहा कि तत्काल गाड़ी में डीजल भरवा लिया जाए, वरना आगे यात्रा कैसे होगी। उन्होंने इस फैसले को बेहद साहसिक बताते हुए कहा कि आजादी के बाद लिए गए बड़े फैसलों में नोटबंदी भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने, तीन तलाक के खिलाफ कानून और नए आपराधिक कानूनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी करीब 900 अप्रचलित कानून समाप्त किए गए हैं। योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन, प्रगति मंच के माध्यम से परियोजनाओं की समीक्षा, कारोबार सुगमता और पीएम गति शक्ति जैसी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। यूपीआई से डिजिटल लेनदेन, 2 लाख से अधिक स्टार्टअप मोहन यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में मिशन शुरू किए गए हैं। उनके मुताबिक, देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में शोध, नवाचार और पारंपरिक ज्ञान को महत्व दिया गया है। भारत में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की उपलब्धि और अंतरिक्ष अभियानों में असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ने की वैज्ञानिक दृष्टि का भी जिक्र किया। धारा 370, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश ने कई बड़े फैसले लिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कदमों के जरिए देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता सामने आई। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन में महाकाल लोक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा दी है। केन-बेतवा से पार्वती-कालीसिंध-चंबल तक, नदी जोड़ो परियोजनाओं पर जोर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश के संदर्भ में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय जरूरी है। पड़ोसी राज्यों के सहयोग से जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने तापी परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। चीता, बाघ और दूसरे वन्यजीवों का भी जिक्र मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कूनो में चीतों की मौजूदगी और गांधी सागर क्षेत्र में चीता परियोजना से जुड़ी गतिविधियों की बात कही। उन्होंने बाघ, तेंदुए, घड़ियाल, मगरमच्छ और गिद्धों के संरक्षण का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने बालाघाट के अपने हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल होता था, वहां अब सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया। भोपाल-इंदौर मेट्रो और रानी कमलापति स्टेशन का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने शहरी बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परिवहन और आधारभूत ढांचे में निवेश से शहरों की सुविधाओं में सुधार होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बड़ी परियोजनाओं और विकास कार्यों को केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ने वाले कामों के रूप में प्रस्तुत किया। यूसीसी पर 55 जिलों में सुझाव लेने का दावा मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की दिशा में चल रही प्रक्रिया का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति ने प्रदेश के 55 जिलों का दौरा किया और लोगों से सुझाव लिए। सीएम के अनुसार, इस प्रक्रिया में 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इसे कानून बनाने से पहले व्यापक जनभागीदारी का प्रयास बताया। गांधी सागर परियोजना में 2,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारी मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है। उन्होंने गांधी सागर में पंप स्टोरेज और जलविद्युत परियोजना का उल्लेख किया, जिसकी क्षमता 2,000 मेगावाट बताई। सीएम ने कहा कि परियोजना की पहली टरबाइन दिसंबर में शुरू करने और सभी आठ टरबाइन मार्च तक चालू करने का लक्ष्य है। उन्होंने इस काम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सहयोग का भी उल्लेख किया। 65 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। उन्होंने लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों का उल्लेख किया। सीएम ने किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की बात करते हुए सर्वाइकल कैंसर से बचाव के टीकाकरण अभियान और छात्राओं के बैंक खातों में सैनिटरी नैपकिन के लिए राशि जमा कराने का भी जिक्र किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। 85 हजार पदों पर भर्ती, एक लाख और भर्तियों की तैयारी मुख्यमंत्री ने रोजगार और भर्ती को लेकर कहा कि प्रदेश में युवाओं को सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया जारी है। उनके मुताबिक, पिछले वर्ष 85 हजार पदों पर भर्ती की गई है और करीब एक लाख अन्य पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने विभागीय पदोन्नति समितियों की प्रक्रिया फिर शुरू करने की बात भी कही। सीएम ने अगले वर्ष विशेष राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षा आयोजित करने, 12 मेडिकल कॉलेज और 12 विश्वविद्यालयों से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अग्निवीरों के लिए प्रदेश की पांच वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण का जिक्र करते हुए इसे युवाओं को अवसर देने की पहल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 18 नीतियों और 25 नीतिगत पहलों पर काम चल रहा है। लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में आगे ले जाने का है। राहुल गांधी के बयान पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के एक वीडियो और उसमें इस्तेमाल किए गए ‘तांडव’ शब्द को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के तांडव का अर्थ अराजकता नहीं है और धार्मिक प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को चुनावी परिणामों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को स्वीकार करने की सलाह देते हुए संगठन मजबूत करने पर ध्यान देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को देश में शासन, तकनीक, बुनियादी ढांचे, सामाजिक योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बदलावों का दौर बताया। 2014 से पहले 1984 में बनी थी आखिरी बहुमत सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए चुनाव में सहानुभूति की लहर के चलते पूर्ण बहुमत की आखिरी सरकार बनी थी। इसके बाद ऐसा लगने लगा था कि बिना गठबंधन के कोई सरकार चल ही नहीं सकती। भाजपा के लिए तो कहा जाता था कि वह अपने दम पर सरकार बना ही नहीं सकती। ऐसे में 2014 में सीधे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना बड़ी बात थी। इससे भी बड़ी बात यह थी कि नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने।

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