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‘अस्तित्वहीन’ बोर्ड का खेल:असली परीक्षा में फिसड्डी, जाली अंकसूची से बन गए टॉपर

राजस्थान और यूपी के ‘अस्तित्वहीन’ बोर्डों की 90-95% अंक वाली मार्कशीट के सहारे ग्वालियर-चंबल में सरकारी नौकरियां हासिल करने का खेल चल रहा है। पहले दतिया में यूपी के ‘महर्षि वाल्मीकि संस्कृत एवं योग शिक्षा संस्थान’ की फर्जी मार्कशीट से नियुक्तियों का मामला सामने आया। अब शिवपुरी में राजस्थान के ‘मुक्त विद्यालय शिक्षा परिषद सूरतगढ़’ की मार्कशीट से आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल करने का मामला खुला है। दोनों मामलों में जांच के दौरान बोर्ड का जमीन पर कोई वजूद नहीं मिला। फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध पते का पैटर्न भी एक जैसा है। एक जिले के बाद दूसरे जिले में इसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आने से साफ है कि मामला एक-दो फर्जी मार्कशीट तक सीमित नहीं है। अंचल में ऐसा नेटवर्क सक्रिय है, जो अभ्यर्थियों को ऊंचे अंक वाली मार्कशीट उपलब्ध करा रहा है। इन मार्कशीट के सहारे अभ्यर्थी सरकारी भर्तियों में चयन भी पा रहे हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन ने इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश नहीं की। दतिया में एसटीएफ के हस्तक्षेप के बाद कलेक्टर ने जांच कर संदिग्ध नियुक्तियां निरस्त कर दीं। शिवपुरी में फर्जी मार्कशीट पर तीन महीने नौकरी करने वाली महिला को बर्खास्त किया गया। 6 अन्य सहायिकाओं को नौकरी देकर नौकरी से हटा दिया है। लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई। सवाल है कि मार्कशीट लगाने वालों पर कार्रवाई के बाद इन्हें उपलब्ध कराने वालों तक पुलिस कब पहुंचेगी? दोनों जिलों में जालसाजी का एक ही ‘पैटर्न’ भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि फर्जी अंकसूचियां बेचने वाला गिरोह पूरे चंबल-ग्वालियर अंचल में एक ही फॉर्मूले पर काम कर रहा है। RTI से खुली पोल: सूरतगढ़ की गलियों में बोर्ड का वजूद ही नहीं रचना धाकड़ (90.8% अंक) के आवेदन पर संदेह हुआ, तो आरटीआई लगाई गई। राजस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा की गई जांच और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सूरतगढ़ की रिपोर्ट (15 जून 2026) ने साफ कर दिया कि “मुक्त विद्यालय शिक्षा परिषद” नाम की कोई संस्था या बोर्ड सूरतगढ़ में अस्तित्व में ही नहीं है। इन दो मामलों से समझें… शिवपुरी में 95%, दतिया में 718 अंक वाली मार्कशीट फर्जी 1. शिवपुरी (अमरगढ़ केंद्र) पोहरी के अमरगढ़ में संजना यादव का चयन सहायिका पद पर हुआ। उसने ‘मुक्त विद्यालय शिक्षा परिषद सूरतगढ़ (राजस्थान)’ की 12वीं की अंकसूची पेश की, जिसमें 95% अंक दर्शाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि संजना उसी साल एमपी बोर्ड की नियमित परीक्षा में ‘फेल’ थी। आरटीआई में राजस्थान के शिक्षा विभाग ने लिखकर दे दिया कि सूरतगढ़ में इस बोर्ड का कोई वजूद ही नहीं है।
2. दतिया (महर्षि वाल्मीकि संस्थान, उन्नाव) दतिया में जनपद सदस्य पति व एडवोकेट छोटू गौतम की शिकायत पर एसटीएफ के एआईजी नवीन कुमार चौधरी के निर्देश पर कलेक्टर ने जांच दल बनाया। जांच में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत एवं योग शिक्षा संस्थान (उन्नाव/लखनऊ) की 12वीं की अंकसूचियां पूरी तरह फर्जी पाई गईं। अंकसूचियां सत्यापन के बाद पुन जांच में फर्जी पाई गई हैं। परियोजना अधिकारी स्तर से कार्रवाई हुई है। यह मामला हमारे स्तर तक नहीं आया है। इसलिए एफआईआर अभी नहीं हुई है। एसडीएम व परियोजना स्तर पर एफआईआर का निर्णय लेंगे। फिलहाल हमारा काम नियुक्ति निरस्त करना था, वह कर दिया है।’ -धीरेंद्र जादौन, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग

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