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ईरान-इजराइल जंग में फंसे हरियाणा के दो भाई:कतर में समंदर से ऑयल निकालने का काम, मिसाइलें उड़तीं देखीं; बोले- सामने ही अमेरिकी बेस कैंप, डर लग रहा

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही जंग में हरियाणा के सोनीपत जिले के दो भाई भी फंस गए है। दोनों भाई अमित मलिक और अनिल मलिक कतर में समंदर के बीच ऑयल रिंग पर काम करते है। अमित के मुताबिक, वे 27 फरवरी को इंडिया से कतर पहुंचे थे। उनके पहुंचने के तुरंत बाद ही युद्ध जैसे हालात शुरू हो गए। पहले जहाज पर थे तो ज्यादा डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही बमबारी शुरू हुई, उन्हें हेलीकॉप्टर से कतर सिटी में शिफ्ट कर दिया गया। मगर, जिस होटल में वे ठहरे हैं, उसके ऊपर से मिसाइलें गुजरती दिखीं। एक मिसाइल को उनके होटल के ऊपर ही डिफेंस सिस्टम ने हवा में नष्ट किया। उनके सामने की दिशा में ही अमेरिका का बेस कैंप है और वहीं पर मिसाइलें गिराने की कोशिश की जा रही थी। यह आंखों देखा दृश्य उनके लिए बेहद डरावना था। उधर, जब दोनों भाइयों ने सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में अपने गांव बिधल में परिवार को इसकी जानकारी दी तो उनकी चिंता बढ़ गई। परिवार ने दोनों से कहा कि किसी भी तरह देश लौट आओ। परिवार ने सरकार से भी अपील की है कि जंग में फंसे भारतीयों की जल्द से जल्द वतन वापसी के प्रयास करें। कैसे है जंग के हालात, दोनों भाइयों ने बताई तीन बातें… दोनों भाइयों के ऑयल रिग तक पहुंचने का सफर… परिवार खेतीबाड़ी से जुड़ा, नेवी में जाने की चाहत थी अनिल ने उनका परिवार ढाई एकड़ जमीन का मालिक है, लेकिन खेती-बाड़ी से ज्यादा बचत नहीं हो पाती थी। इसी कारण बेहतर रोजगार की तलाश में मैने और छोटे भाई अमित ने विदेश जाने का फैसला किया। अमित ने 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में जाने का फैसला किया। वर्ष 2014 में उसने हिसार की एक अकादमी से डिप्लोमा किया और ट्रेनिंग मुंबई में हुई। ठगी हुई तो विदेश जाने का फैसला किया अनिल बताते है कि मुंबई से ट्रेनिंग लेकर लौटे तो हिसार का संस्थान बंद मिला। पता चला कि नेवी में भेजने के नाम पर उनके साथ 6 से 8 लाख रुपये की ठगी हो गई। इसके बावजूद अमित ने हार नहीं मानी और मेहनत के दम 10 साल पहले विदेश में काम शुरू किया। पहले दुबई में नौकरी की और पिछले 6 साल से कतर में ऑयल रिग पर कार्यरत हैं। बाद में अमित ने मुझे भी इसी क्षेत्र में लगवा दिया। 20 दिन काम के मिलते है 1.60 लाख रुपए अमित को 20 दिन काम के लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये मिलते हैं। बेहतर कमाई के लिए उन्होंने जोखिम भरा काम चुना, लेकिन आज हालात इतने भयावह हैं कि चिंता बढ़ गई है। गांव में पिता और पत्नी हर पल फोन का इंतजार करते हैं। अमित ने बताया कि रविवार रात लगातार गोलाबारी होती रही। जहाज के आसपास भी धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। हालांकि अब दोनों भाई सुरक्षित स्थान पर हैं और लगातार परिवार को हालात की जानकारी दे रहे हैं।
दोनों भाइयों की हो चुकी शादी, बच्चे भी बड़े भाई अनिल मलिक लगभग 35 वर्ष के हैं। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है। चार साल पहले उनकी शादी हुई। उनके दो बच्चे है, एक 7 साल की बेटी और 5 साल का बेटा। अनिल का परिवार सोनीपत शहर में रहता है। जबकि, अमित मलिक 28 वर्ष के हैं। दो साल पहले उनकी शादी हुई और उनका दो साल का बेटा है। उनकी पत्नी और पिता गांव में रहते हैं। उनकी मां का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। अनिल की पत्नी बोलीं- बस सकुशल लौट आए दोनों
अनिल की पत्नी किरण ने बताया कि दो दिन पहले ही उनकी पति और देवर से बात हुर्ह थी। दोनों ने वहां के जो हालात बताए थे, उसने हमारी चिंता बढ़ा दी है। बस हमारी हुई कामना है कि वे जहां भी रहे, सुरक्षित रहे। दोनों को जल्दी से जल्दी घर लौट आने को कहा गया है। मगर, अभी सभी फ्लाइट्स बंद है, ऐसे में सरकार को वहां फंसे लोगों को जल्दी ही देश वापस लाने के प्रयास करने चाहिए।

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