मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत काम करने से इनकार करने वाले पटवारियों के खिलाफ बालाघाट जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। 7 अक्टूबर से काम बंद कर शासकीय वॉट्सऐप ग्रुप छोड़ने और सामूहिक छुट्टी पर जाने वाले पटवारियों पर एक्शन लिया गया। प्रशासन ने 7 पटवारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 72 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया है। पटवारी शासन की स्वामित्व योजना में खुद को विक्रेता (निष्पादक) बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। काम में हो रही देरी को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है। इसके अलावा तीन पटवारियों के तबादले के बाद उन्हें पुरानी जगह से कार्यमुक्त (रिलीव) भी कर दिया गया है। 7 निलंबित और 72 पटवारियों को नोटिस प्रशासन ने अलग-अलग अनुभागों में कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। वारासिवनी अनुभाग से पटवारी सोमराज बघेल व अंकुश भलावी, किरनापुर से साधना लिल्हारे, विनीत नागवंशी व कविता राजपूत और बालाघाट अनुभाग से संजय चतुर्वेदी व उमा यादव को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। योजना का काम न करने पर वारासिवनी, परसवाड़ा, बैहर, कटंगी, किरनापुर, लांजी और बालाघाट अनुभाग के कुल 72 पटवारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। ट्रांसफर होने के बाद पटवारी गिरधारी भगत (बिरसा), मयंक राजावत (बैहर) और पवन रावत (लांजी) को उनकी पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
