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हरियाणा बजट- महिलाओं को गाड़ियां खरीदने पर छूट:अग्निवीरों को पुलिस में रिजर्वेशन; अब 6 लाख और महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री ₹2,23,658.17 करोड़ का बजट पेश किया। यह उनका दूसरा बजट है। यह पिछले बजट की तुलना में 10.28 प्रतिशत ज्यादा है। सैनी ने बजट भाषण की शुरुआत गुरु नानक देव जी के सिद्धांत, ‘किरत कर, नाम जप, वंड छक’ से की। केसरिया पगड़ी पहनकर आए CM सैनी ने 3 घंटे 10 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा। विपक्ष ने एक बार भी सवाल नहीं उठाया। विधायक बैठकर भाषण सुनते रहे। बजट में बड़ी चीजों की बात करें तो महिलाओं को छूट की रही। महिलाओं को अब अपने नाम पर गाड़ी खरीदने पर टैक्स में 1% की छूट मिलेगी। इसके अलावा, लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा भी बढ़ाया गया। 25 सितंबर 2026 से 1.80 लाख रुपए आय वाली महिलाओं का इसका लाभ मिलेगा। अभी 1.40 लाख रुपए तक कमाने वाली 9 लाख 22 हजार महिलाओं को 2100 रुपए मिल रहे हैं। अब इस योजना से 6 लाख लाभार्थी और शामिल होंगी। पुलिस भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी रिजर्वेशन का प्रस्ताव रखा है। अगले साल 1300 अग्निवीरों की पुलिस में विशेष भर्ती होगी। प्रदेश में एग्री डिस्कॉम नाम से नया बिजली निगम बनाया जाएगा, जिसके तहत किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे। नए जिले हांसी को मॉडर्न मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जाएगा।
सभी शहरों में इलेक्ट्रिक बसें शुरू होंगी हरियाणा रोडवेज धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा देने के लिए कटरा, सालासर, खाटूश्याम, हरिद्वार और अमृतसर जैसे तीर्थ स्थलों के लिए 50 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा। स्टूडेंट्स के लिए यातायात को बेहतर बनाने के लिए 1 हजार नई बसें खरीदी जाएंगी। अभी 12 शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बसें चल रही हैं, अब यह सेवा बाकी जिला मुख्यालयों में भी शुरू की जाएगी। HSSC के परीक्षार्थियों को मुफ्त यात्रा के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। महिला यात्रियों और छात्राओं के लिए 273 विशेष बसें हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी। मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत गरीब परिवारों को शिरडी, माता वैष्णो देवी और अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल की फ्री यात्राएं करवाई जाएंगी। सड़क सुरक्षा और यातायात को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा। स्टूडेंट की एक्सीडेंट में मौत पर 5 लाख हर सरकारी स्कूल में बेहतर डेस्क, कंप्यूटर लैब और खेल के मैदान बनाए जाएंगे। ‘वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव’ योजना के तहत दुर्घटना में किसी छात्र की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 5 लाख रुपए और विकलांग होने पर 3 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए 6 करोड़ का बजट रखा गया है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाए जाएंगे और खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोच रखे जाएंगे। युवाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग देने के लिए मोबाइल स्किल लैब स्थापित की जाएंगी। गरीब परिवारों के युवाओं को अप्रेंटिसशिप के दौरान स्कॉलरशिप के अलावा हर महीने 1,500 रुपए की मदद दी जाएगी। महिलाओं को वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज-मुक्त लोन मिलेगा। जानिए, बजट में किसे क्या मिला… गांवों और शहरों के लिए क्या…. गांवों में पंचायत की कुछ जमीन पर ऑर्गेनिक खेती की जाएगी, जिसमें खाद और कीटनाशक दवाइयों का इस्तेमाल नहीं होगा। जिन पंचायतों में 1000 से ज्यादा लोग रहते हैं, वहां गलियों को पक्का करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण योजना के तहत, सरकार हर गांव के परिवार को साल में कम से कम 125 दिन का काम देगी, जिसके लिए ₹810 करोड़ का बजट रखा गया है। शहरों की बात करें तो यहां पानी और सीवर के बिलों पर जो ₹140 करोड़ का ज्यादा चार्ज लगा है, उसे सरकार माफ कर देगी। अगर किसी ने 31 मार्च 2025 तक प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा है, तो उसे ब्याज नहीं देना होगा। फरीदाबाद क्षेत्र को ग्लोबल शोकेस के रूप में विकसित किया जाएगा। पिंजौर में हेलीकॉप्टर उतरने के लिए एक नया हेलीपोर्ट बनेगा। करनाल में 800 एकड़ जमीन पर एक नया ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है, जो 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। हिसार में हवाई जहाजों से सामान भेजने और लाने का कार्गो टर्मिनल भी बनेगा। पानीपत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनाया जाएगा। पैसा कहां से आता है और कैसे खर्च होता है…. बजट एक तरह से घर के बजट जैसा होता है। सरकार की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा टैक्स से आता है, जो कुल कमाई का लगभग 46.79% है। इसके बाद, सरकार 34.09% लोन लेती है। केंद्र सरकार से 13.71% मदद मिलती है। बाकी 4.86% नॉन-टैक्स रेवेन्यू और 0.55% अन्य स्रोतों से आता है। सरकार इन पैसों को लोगों की भलाई के लिए अलग-अलग चीजों पर खर्च करती है। सबसे ज्यादा पैसा सामाजिक सेवाओं पर खर्च होता है, जो कुल खर्च का 34.31% है। इसमें शिक्षा (10.70%), समाज कल्याण (8.73%) और स्वास्थ्य (6.26%) जैसी चीजें शामिल हैं। 29.23% पैसा लोन चुकाने पर खर्च होता है। आर्थिक सेवाओं पर 21.01% खर्च होता है, जिसमें कृषि (10.80%) और सिंचाई (4.19%) जैसी चीजें शामिल हैं। सामान्य कामकाज चलाने पर 15.45% खर्च होता है, जिसमें कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। प्रति व्यक्ति आय प्रमुख राज्यों में सबसे ऊपर पहुंच गई है। 2014-15 में प्रतिव्यक्ति आय मात्र ₹1,47,382 थी, जो 2023-24 में बढ़कर ₹3,24,958 हो गई। 2024-25 में यह ₹3,58,171 तक पहुंच गई, जबकि राष्ट्रीय औसत सिर्फ ₹2,19,575 रहा। 2025-26 में यह और बढ़कर ₹3,95,618 होने का अनुमान है। बजट पर पक्ष और विपक्ष का बयान… बजट की ये खबरें भी पढ़ें :- हरियाणा CM ने सबसे ज्यादा बजट खुद को दिया:पिछले साल से ₹1300 करोड़ बढ़ा; विपुल गोयल पर खूब मेहरबानी, अनिल विज सहित 3 मंत्रियों पर सबसे कम हरियाणा बजट में किस जिले को क्या मिला:गुरुग्राम में वेडिंग सिटी, करनाल में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट, हांसी को भी सौगात; 2 का जिक्र तक नहीं हरियाणा बजट, ‘कांगो’ स्टाइल में BJP विधायक ने थपथपाई मेज:स्पीकर बोले-CM ने पानी नहीं पिया, अवॉर्ड मिले; पगड़ी भी चर्चा में, रोचक मूवमेंट्स का VIDEO बजट से जुड़े पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

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