मध्य प्रदेश के मुरैना में चंबल नदी से फिर रेत उत्खनन शुरू हो गया है। रेत से भरी करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पुलिस को देखकर तेज रफ्तार में भागीं। टंच रोड की राठौर कॉलोनी में एक ट्रैक्टर ने कार को टक्कर मार दी। कार नाली में जा घुसी। जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार सुबह करीब 5:30 बजे की है। भागते ट्रैक्टरों ने एक घर का लकड़ी का काउंटर और नल लाइन भी तोड़ दी। घटना के दो CCTV फुटेज सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रैक्टरों के पीछे पुलिसकर्मी और पुलिस वाहन भी थे। 5 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने चंबल में अवैध रेत खनन पर सख्ती की थी। कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को अवैध खनन रोकने के साथ CCTV, GPS और पुलिस-वन विभाग की संयुक्त गश्त के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी खनन नहीं रुक रहा है। पुलिस को देखकर तेज रफ्तार में भागने लगे ट्रैक्टर जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने के लिए पीछा किया था। पुलिस को देखकर ट्रैक्टर एक साथ तेज रफ्तार में टंच रोड और राठौर कॉलोनी की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ट्रैक्टरों के पीछे पुलिसकर्मी और पुलिस वाहन भी थे। कार सवार बोला- आज दूसरा जन्म हुआ स्थानीय निवासी नरेश राठौर ने बताया- वह सुबह धौलपुर से लौटकर अपनी गली में पहुंचा ही था। सामने से कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में आती दिखीं। इसी दौरान एक ट्रैक्टर ने उनकी कार को टक्कर मार दी। नरेश के मुताबिक, पीछे दो पुलिसकर्मी पैदल और एक पुलिस वाहन भी आ रहा था। उन्होंने कहा- मैं खुद आज मरते-मरते बचा हूं। आज मेरा दूसरा जन्म हुआ है। नरेश ने बताया कि सुबह का समय होने के कारण गली में ज्यादा लोग बाहर नहीं थे। अगर उस समय सड़क पर लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। महिला बोली- डर के मारे बाहर निकलना मुश्किल प्रत्यक्षदर्शी कमला बाई ने बताया- सुबह अचानक शोर सुनाई दिया। बाहर आकर देखा तो रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तेज रफ्तार में भाग रही थीं। इसी दौरान एक ट्रैक्टर ने नरेश की कार को टक्कर मार दी। ट्रैक्टरों के पीछे पुलिसकर्मी और पुलिस वाहन भी आ रहे थे। घटना के बाद कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि इतनी तेज रफ्तार में भारी वाहन रिहायशी इलाके से गुजर रहे थे, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। घर के बाहर रखा सामान और नल लाइन भी टूटी भागते ट्रैक्टरों की वजह से सड़क किनारे और घरों के बाहर रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। एक घर के बाहर रखा लकड़ी का काउंटर और नल की लाइन टूट गई। घटना के दो CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें तेज रफ्तार से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निकलती दिखाई दे रही हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर ट्रैक्टरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कितने ट्रैक्टर पकड़े गए या उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। TI ने फोन नहीं उठाया, CSP बोलीं- जानकारी लेकर बताती हूं मामले में कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं CSP दीपली चंदोरिया ने कहा कि फिलहाल उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने जानकारी लेकर बताने की बात कही। DFO बोले- रिहायशी इलाके की वजह से नहीं मिली सफलता DFO हरिश्चंद्र बघेल ने बताया- टास्क फोर्स, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम लगातार अवैध रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सुबह भी संयुक्त टीम कार्रवाई करने पहुंची थी, लेकिन रेत माफिया रिहायशी इलाके में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग निकले, जिससे कार्रवाई में सफलता नहीं मिल सकी। ………………………………. यह खबर भी पढ़ें 1. रेत की जांच करने आई टीम से छिपाया ‘खजाना’ चंबल नदी में अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट एमपी, यूपी और राजस्थान सरकार को फटकार लगा चुका है। इसे रोकने के लिए सीआरपीएफ तक को तैनात करने कह दिया। चंबल की हकीकत जानने सीईसी कमेटी (केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति) के मेंबर भी आए। बोट से घूमे, लेकिन उस स्थान तक नहीं पहुंचे, जहां से अवैध रेत खनन की जानकारी लगती। पढ़ें पूरी खबर… 2. चंबल में 100 ट्रैक्टर–डंपरों का VIDEO चंबल में अवैध रेत खनन खुल्लम खुल्ला हो रहा है। 1000 से ज्यादा डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्राॅली नदी में रेत के लिए दिनभर फर्राटा भर रहे हैं। माफिया जेसीबी से नदी को खोखला कर रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। हालात ऐसे हैं कि एसपी ऑफिस, 6 थाने के सामने से यह वाहन दिनभर दौड़ते हैं, लेकिन इन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
