24 घंटे बाद दिन में फिर वही तस्वीर, जिम्मेदार भी निरीक्षण करने नहीं पहुंचे मंगलवार को बैरागढ़ में निर्माणाधीन डबल डेकर ब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह को जो खामियां मिली थीं, वे 24 घंटे बाद भी दूर नहीं हुईं। ठेकेदार का दुस्साहस ऐसा कि जिन खामियों पर मंत्री ने नाराजगी जताई और निर्माण एजेंसी पर ₹20 लाख की पेनल्टी लगाई, बुधवार को भी वही खामियां दिखीं। दैनिक भास्कर ने बुधवार को मौके पर जाकर देखा कि मंत्री के निरीक्षण के बाद क्या बदला तो तस्वीर एक दिन पहले जैसी ही थी। दिन में गर्डर लॉन्चिंग का काम जारी था। सड़क पर क्रेन खड़ी होने से एक तरफ का ट्रैफिक बंद कर कुछ दूरी से डायवर्ट किया गया था। मंत्री ने भारी ट्रैफिक को देखते हुए रात में पर्याप्त रोशनी और पूरी प्लानिंग के साथ काम करने के निर्देश दिए थे, लेकिन छह से अधिक जगह दिन में काम चलता मिला। सर्विस रोड पर धूल उड़ रही थी। कॉन्ट्रैक्टर ने मंत्री के निर्देशों का कितना पालन किया, यह देखने मौके पर कोई अफसर भी नहीं पहुंचा। हालांकि, चीफ इंजीनियर गोपाल सिंह का कहना है कि मंत्री ने चुनिंदा काम ही रात में करने को कहा है। हमारी टीम लगातार निगरानी कर रही है। कहीं धूल-गड्ढे तो कहीं क्रेन-ट्रेलर से घिरी सड़क
मंगलवार को मंत्री के निर्देश… बुधवार को मौके पर हकीकत
मंत्री के निर्देश मौके पर स्थिति
हैवी ट्रैफिक के कारण रात में काम दोपहर में क्रेन से भारी गर्डर उठाए गए
सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त लाइटिंग निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अधूरी मिली
सर्विस रोड को मोटरेबल करना गड्ढे, उखड़ा डामर और धूल मिली
मलबा, निर्माण सामग्री व्यवस्थित रखना कई जगह सामग्री-मलबा अव्यवस्थित मिला
रोड साइन और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त बैरिकेडिंग/साइन बोर्ड नजर नहीं आए राजदीप अस्पताल | दोपहर 1:34 बजे
सिर के ऊपर झूलता रहा गर्डर, नीचे से गुजरते रहे वाहन-राहगीर: मौके पर क्रेन से विशालकाय ब्रिज गर्डर उठाया जा रहा था। इसी दौरान नीचे से दोपहिया, ऑटो और अन्य वाहन पूरे समय यहां से गुजरते रहे।
सिविल अस्पताल | दोपहर 2:56 बजे
वाहनों के गुजरते ही उड़ती रही धूल: सर्विस रोड पर मिट्टी, निर्माण सामग्री के कारण वाहन निकलते ही धूल उड़ रही थी। पानी के छिड़काव की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आई।
पुलिस थाना रोड | दोपहर 2:58 बजे
गड्ढों और उखड़ी सड़क से गुजरता रहा ट्रैफिक: सर्विस रोड पर कई जगह डामर उखड़ा था और वाहन गड्ढों से गुजर रहे थे। मुख्य बाजार वाले मार्ग पर अधिकांश जगह सड़क पर बारीक गिट्टी बिखरी पड़ी थी।
पीएनबी बैंक चौराहा | दोपहर 3:12 बजे
क्रेन और ट्रेलर से सड़क का हिस्सा घिरा: भारी ट्रेलर और क्रेन खड़े होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई जगह जाम जैसी स्थिति बनी। यहां सड़क के दोनों तरफ वाहन रेंगते नजर आए। 5 अफसरों के पास निगरानी का जिम्मा… गड़बड़ी का जवाब एक के पास भी नहीं 1. सतेन्द्र कुमार, सब-इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी (ब्रिज)
जिम्मेदारी: 100% काम कराने, निर्माण कार्यों की देखरेख, मौके पर निगरानी की पहली जवाबदेही।
क्या किया: मंत्री के निर्देश के बाद भी अव्यवस्थाएं नहीं सुधारीं। फोन कॉल और वॉट्सएप मैसेज का भी रिप्लाई नहीं किया। 2. रंजीत सिंह | एसडीओ, पीडब्ल्यूडी (ब्रिज)
जिम्मेदारी: निर्माण की प्रशासनिक-तकनीकी देखरेख, सब-इंजीनियर के काम पर नजर और विभागों से समन्वय की 100% जिम्मेदारी।
क्या किया: अव्यवस्थाओं पर टिप्पणी नहीं की। फोन और वॉट्सएप मैसेज पर भी मौन रहे। 3. शशि कुशवाहा | प्रोजेक्ट मैनेजर, मेसर्स ट्रांसरेल लि.
जिम्मेदारी: ऑन-साइट निर्माण, सुरक्षा उपाय, मलबे की सफाई और धूल नियंत्रण।
क्या किया: कहा- 30 सितंबर से पहले सड़क मोटरेबल होगी। दिन में छोटे काम होंगे, भारी ट्रेलर, क्रेन, गैन्ट्री लॉन्चिंग रात में होगी। 4. एआर मोरे | कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी (ब्रिज)
जिम्मेदारी: प्रोजेक्ट की प्रगति पर नियमित नजर, समय-समय पर मुआयना और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना।
क्या किया: कहा- दिन में भारी लॉन्चिंग की मनाही है। क्रेन चलाने पर रोक लगाई जाएगी। 5. पीएस पंत, सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी (ब्रिज)
जिम्मेदारी: ओवरऑल नजर रखना और साइट का मुआयना कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना।
क्या किया: साइट की अव्यवस्थाओं पर जवाब नहीं दिया। फोन और वॉट्सएप मैसेज का भी कोई रिप्लाई नहीं किया।
